ओडिशा में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान, 77 नागरिकों को किया गया वापस: मुख्यमंत्री माझी

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ओडिशा में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान, 77 नागरिकों को किया गया वापस: मुख्यमंत्री माझी

सारांश

ओडिशा सरकार ने 77 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की है जो गैर-कानूनी तरीके से रह रहे थे। मुख्यमंत्री माझी ने विधानसभा में इसकी जानकारी दी। जानें क्या है इस अभियान का उद्देश्य।

Key Takeaways

  • 77 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई।
  • मुख्यमंत्री ने ओडिशा विधानसभा में जानकारी दी।
  • 73 लोगों को बांग्लादेश वापस भेजा गया।
  • जाली दस्तावेजों के मामले में कानूनी कार्रवाई की गई।
  • संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस का सत्यापन अभियान जारी है।

भुवनेश्वर, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा राज्य सरकार ने अवैध रूप से निवास कर रहे 77 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को ओडिशा विधानसभा में यह जानकारी साझा की।

भाजपा विधायक पद्म लोचन पांडा के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहचान गृह मंत्रालय (एमएचए) की दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्यभर में चलाए गए अभियान के तहत की गई थी।

उन्होंने कहा कि एमएचए के लेटर नंबर 25022/28/2020-एफआई (पार्ट- 3) के अनुसार, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधीक्षक एमएचए के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने-अपने क्षेत्र में सत्यापन अभियान चला रहे हैं। सीएम के अनुसार, राज्यभर में सत्यापन के दौरान 2,261 संदिग्धों के पहचान दस्तावेजों की जांच की गई। इनमें से 2,184 लोग भारतीय नागरिक निकले और उनके प्रमाण पत्रों की पुष्टि के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

बाकी 77 लोगों को राज्य में अवैध बांग्लादेशी नागरिक के रूप में पहचाना गया। इनमें से 26 की पहचान भुवनेश्वर अर्बन पुलिस डिस्ट्रिक्ट (यूपीडी) में, 14 की कटक यूपीडी में, 6 की बरहमपुर में, 1-1 की गंजम और कोरापुट जिलों में, 4 की कंधमाल में, 3 की केंद्रपाड़ा में और 21 की जगतसिंहपुर जिले में हुई है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि पहचान किए गए 77 बांग्लादेशी नागरिकों में से 73 को पहले ही बांग्लादेश वापस भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि दो बांग्लादेशी नागरिकों ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखे से भारतीय पासपोर्ट प्राप्त किया था। पुलिस ने उनके खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए और उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया।

इस बीच, भुवनेश्वर अर्बन पुलिस डिस्ट्रिक्ट में शेष दो बांग्लादेशी नागरिकों के डिपोर्टेशन की प्रक्रिया अभी जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ओडिशा में निवास कर रहे अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने के प्रयासों को तेज कर दिया है।

उन्होंने बताया कि ओडिशा पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान को अच्छी तरह से सत्यापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें उनकी राष्ट्रीयता का पता लगाने के लिए वित्तीय लेनदेन, संचार रिकॉर्ड और डिजिटल फ़ुटप्रिंट की जांच करना शामिल है।

Point of View

NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

ओडिशा में कितने बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई?
ओडिशा में कुल 77 बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई है।
मुख्यमंत्री ने इस बारे में कब जानकारी दी?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह जानकारी 23 फरवरी को ओडिशा विधानसभा में दी।
यह पहचान किस दिशा-निर्देश के तहत की गई?
यह पहचान गृह मंत्रालय (एमएचए) की दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई।
क्या सभी पहचाने गए प्रवासियों को वापस भेज दिया गया?
हां, 73 प्रवासियों को पहले ही बांग्लादेश वापस भेजा जा चुका है।
क्या कुछ प्रवासियों ने जाली दस्तावेजों का उपयोग किया?
हां, दो बांग्लादेशी नागरिकों ने जाली दस्तावेजों का उपयोग करके भारतीय पासपोर्ट हासिल किया था।
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