ओडिशा के मुख्यमंत्री का खरीफ सीजन से पहले उर्वरक वितरण को लेकर गंभीर निर्देश

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ओडिशा के मुख्यमंत्री का खरीफ सीजन से पहले उर्वरक वितरण को लेकर गंभीर निर्देश

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने खरीफ सीजन के लिए उर्वरक की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं। यह कदम किसानों के हित में उठाया गया है ताकि वे उचित मूल्य पर उर्वरक प्राप्त कर सकें।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री ने उर्वरक वितरण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
  • किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
  • राज्य में उर्वरक की आपूर्ति स्थिर है।
  • कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • उर्वरक की तस्करी रोकने के लिए सीमा चौकियों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

भुवनेश्वर, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को भुवनेश्वर में एक उच्च स्तरीय बैठक का संचालन किया। इस बैठक में उन्होंने राज्य के सभी कलेक्टरों को आगामी खरीफ ऋतु के लिए अंतिम छोर तक उर्वरक पहुँचाने की सुनिश्चित व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण उर्वरक उत्पादन में आ रही बाधाओं के संदर्भ में, मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों के साथ विचार-विमर्श किया और किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ओडिशा कृषि विभाग के आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र जाधव ने उर्वरक की उपलब्धता का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार इस वर्ष 11,42,950 मीट्रिक टन उर्वरक की आपूर्ति करेगी। अप्रैल माह के लिए आवश्यकता 79,630 मीट्रिक टन है, जबकि 15 अप्रैल तक कुल 3,61,490 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हो चुका है।

राज्य में इस समय 1,029 थोक विक्रेता और 12,093 खुदरा विक्रेता हैं, और आपूर्ति स्थिति स्थिर बनी हुई है। राज्य सरकार ने हाल में निरीक्षण के बाद छह डीलरों के लाइसेंस रद्द किए हैं।

केंद्र की एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) जिलों में उर्वरक की उपलब्धता और आवंटन पर दैनिक अपडेट प्रदान कर रही है।

स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 1.77 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 60,000 मीट्रिक टन से अधिक डीएपी का भंडार है, लेकिन उन्होंने जोर दिया कि जमीनी स्तर पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए आंकड़ों के अलावा भी ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि हर किसान, चाहे वह छोटा हो या सीमांत, को आवश्यकतानुसार उर्वरक मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री माझी ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए नियमित निरीक्षण, एफआईआर और लाइसेंस रद्द करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टरों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि वे पड़ोसी राज्यों में उर्वरकों की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस और कृषि अधिकारियों के साथ मिलकर सीमा चौकियों की निगरानी करें और सब्सिडी वाले यूरिया को अन्य उद्योगों में डायवर्ट होने से रोकें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उर्वरक की वितरण और उपलब्धता को सुव्यवस्थित करने के लिए शेष 6,794 पंचायतों में से 565 पंचायतों में निगरानी समितियों का गठन अगले दो से तीन दिनों में सुनिश्चित किया जाए।

Point of View

बल्कि यह किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को किस विषय पर निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को खरीफ ऋतु के लिए अंतिम छोर तक उर्वरक पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
राज्य में उर्वरक की उपलब्धता कैसे है?
राज्य में वर्तमान में 1,029 थोक विक्रेता और 12,093 खुदरा विक्रेता हैं, और उर्वरक की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।
उर्वरक की आवश्यकता कितनी है?
अप्रैल माह के लिए उर्वरक की आवश्यकता 79,630 मीट्रिक टन है।
मुख्यमंत्री ने कालाबाजारी के खिलाफ क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उर्वरक की तस्करी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
कलेक्टरों को पड़ोसी राज्यों में उर्वरकों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस और कृषि अधिकारियों के साथ मिलकर निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
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