11 जुलाई 2026
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क्या ओडिशा के सैंड आर्टिस्‍ट सुदर्शन पटनायक ने 'अनोखी नौका' से नया विश्व रिकॉर्ड बनाया?

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क्या ओडिशा के सैंड आर्टिस्‍ट सुदर्शन पटनायक ने 'अनोखी नौका' से नया विश्व रिकॉर्ड बनाया?

सारांश

ओडिशा के प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्‍ट सुदर्शन पटनायक ने बालीयात्रा 2025 पर नारियल और रेत से दुनिया की सबसे बड़ी रेत कलाकृति तैयार कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह कलाकृति ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। जानें इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बारे में और क्या है सुदर्शन का कहना।

मुख्य बातें

सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा में एक नई रेत कलाकृति बनाई है।
यह कलाकृति 50 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी है।
इसमें 240 टन रेत और 12,000 नारियल का उपयोग किया गया।
यह ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती है।
सुदर्शन का यह प्रयास ओडिशा की कला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाता है।

भुवनेश्वर, 4 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के प्रतिष्ठित रेत कला कलाकार और पद्मश्री पुरस्कार प्राप्तकर्ता सुदर्शन पटनायक ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उन्होंने बालीयात्रा 2025 के अवसर पर नारियल और रेत से बनी दुनिया की सबसे बड़ी रेत कलाकृति तैयार कर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।

यह अद्वितीय कलाकृति पारंपरिक नाव के आकार में बनाई गई है, जिसका आकार 50 फीट लंबा और 30 फीट चौड़ा है। इसे सुदर्शन ने डायन ग्रुप के सहयोग से महज छह घंटे में तैयार किया।

इस अनोखी रचना में 240 टन रेत, 12,000 नारियल और 1,100 दीपों का उपयोग किया गया है। नारियल और दीपों से सजी यह कलाकृति सिर्फ कला का एक उत्कृष्ट नमूना नहीं है, बल्कि ओडिशा की समृद्ध समुद्री परंपरा और बालीयात्रा पर्व की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रूप में प्रदर्शित करती है।

सुदर्शन पटनायक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि ओडिशा की ऐतिहासिक बालीयात्रा में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है जिसमें 4 हजार सुपारी से कलाकृति बनाई गई है। बालीयात्रा में घूमने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। यह ओडिशा का सबसे बड़ा यात्रा है और यह लोगों के लिए एक नया और अनोखी कलाकृति है।

इससे पहले, सुदर्शन पटनायक ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को 2 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में हराकर पहली बार आईसीसी वनडे महिला विश्व कप का खिताब जीतने पर बधाई देने के लिए बल्ले और गेंद की एक कलाकृति बनाई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुदर्शन पटनायक की यह उपलब्धि ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर और कला के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। यह न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उनके प्रयासों से ओडिशा की कला और संस्कृति को वैश्विक मानचित्र पर लाने का एक सुनहरा अवसर मिला है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुदर्शन पटनायक ने कब और कहाँ यह रेत कलाकृति बनाई?
सुदर्शन पटनायक ने यह रेत कलाकृति बालीयात्रा 2025 के अवसर पर ओडिशा के भुवनेश्वर में बनाई।
इस रेत कलाकृति में कितनी सामग्री का उपयोग किया गया?
इस कलाकृति में 240 टन रेत, 12,000 नारियल और 1,100 दीयों का उपयोग किया गया है।
यह कलाकृति कैसे बनाई गई?
यह कलाकृति पारंपरिक नाव के आकार में बनाई गई है और इसे महज छह घंटे में तैयार किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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