क्या ओडिशा में ढेंकनाल खदान में हुए विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी होगी?
सारांश
Key Takeaways
- बीजेडी ने ढेंकनाल खदान विस्फोट पर शोक व्यक्त किया।
- दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है।
- यह घटना अवैध खनन की गंभीरता को उजागर करती है।
- राजस्व संग्रह में कमी ने चिंता बढ़ाई है।
- राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
भुवनेश्वर, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजेडी) ने ढेंकनाल जिले के गोपालपुर गांव में शनिवार को हुए डोलोमाइट खदान में विस्फोट पर गहरा शोक व्यक्त किया है, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। बीजेडी ने इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
बीजेडी के प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक लेनिन मोहंती ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 3 जनवरी को ढेंकनाल जिले के गोपालपुर गांव में हुई थी।
उन्होंने आगे कहा कि खदान के लिए विस्फोट करने का परमिट 30 सितंबर, 2025 को समाप्त हो गया था, जबकि इसका पट्टा 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो गया था।
बीजेडी नेता ने कहा कि ढेंकनाल कलेक्टर आशीष ईश्वर पाटिल ने भी इस तथ्य की पुष्टि की है कि खनन लाइसेंस 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो गया था और दिसंबर में पट्टा समाप्त होने के बाद भी अवैध खनन और विस्फोट जारी रहे।
मोहंती ने कहा, "आधिकारिक तौर पर अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन अनौपचारिक रिपोर्टों से पता चलता है कि लगभग 10 लोगों की मौत हो सकती है, जिनमें से कई के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है।"
बीजेडी नेता ने सवाल उठाया कि जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और खनन विभाग की जानकारी के बिना इस तरह की अवैध खनन गतिविधियां कैसे जारी रह सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा, "अगर सरकार का दावा है कि वह अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठा रही है, तो ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं? पट्टाधारक कहां है, और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई है?"
बीजेडी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि इससे पहले, ओडिशा विधानसभा के उपसभापति ने राज्य में खनिज लूट को रोकने के लिए हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, जबकि बालासोर के सांसद ने मुख्यमंत्री से सुवर्णरेखा नदी में अवैध रेत खनन पर अंकुश लगाने का आग्रह किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमुख खनिजों से राजस्व संग्रह 50,000 करोड़ रुपए से घटकर 34,000 करोड़ रुपए हो गया है। इसी प्रकार, लघु खनिजों से राजस्व संग्रह 14,085 करोड़ रुपए से घटकर 6,000 करोड़ रुपए हो गया है।
मोहंती ने कहा कि जिस तरह से भाजपा की राज्य सरकार खनिज संसाधनों से समृद्ध ओडिशा से खनिजों की लूट कर रही है, उससे अगले पांच वर्षों में सभी खनिज संसाधन समाप्त हो जाएंगे।