क्या ऑनलाइन गेमिंग बिल युवाओं के लिए एक बड़ा फैसला है? : मनीष जायसवाल

सारांश
Key Takeaways
- ऑनलाइन गेमिंग बिल युवाओं के हित में है।
- सत्र में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
- विपक्ष के कारण सत्र का समय बर्बाद हुआ।
- सरकार पर अपराध बढ़ने का आरोप।
- नशे के व्यापार पर नियंत्रण का प्रयास।
हजारीबाग, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग में भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग बिल के संबंध में कहा कि यह युवाओं के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
हजारीबाग में भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने मानसून सत्र समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कारण 21 दिन का यह सत्र बर्बाद हो गया। इस दौरान 120 घंटे का काम होना था, लेकिन केवल 37 घंटे ही हो पाया, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
जायसवाल ने कहा कि यह सत्र जनता के पैसे से चलता है लेकिन विपक्ष ने जनहित में चर्चा तक नहीं होने दी।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने सत्र में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की और 40 सवाल पूछे, जिनमें से 32 उनके क्षेत्र से संबंधित थे। साथ ही, उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए कई मंत्रियों और अधिकारियों से भी मुलाकात की।
ऑनलाइन गेमिंग (प्रमोशन और रेगुलेशन) बिल पर मनीष जायसवाल ने कहा कि यह दोनों सदनों से पास हो चुका है और जल्दी ही यह कानून बनेगा। इसका उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा देना है, जबकि ऑनलाइन पैसे वाले गेम्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है। इस कदम से नशे की लत, आर्थिक नुकसान और आत्महत्या जैसे गंभीर खतरों को कम किया जा सकेगा।
मनीष जायसवाल ने झारखंड सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में लगातार अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। अपराधियों का मनोबल बहुत बढ़ गया है। कोयला, बालू और पत्थर की लूट चल रही है। नशे का व्यापार भी बढ़ रहा है। हाल ही में रांची से एक पत्रकार को भी हिरासत में लिया गया। यह सरकार दमनकारी है और विकास के लिए कुछ नहीं कर रही, केवल राजनीति कर रही है।