27 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ऑपरेशन कवच: दिल्ली पुलिस ने 22 मामलों के वांछित को 1.38 किलो गांजे के साथ दबोचा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ऑपरेशन कवच: दिल्ली पुलिस ने 22 मामलों के वांछित को 1.38 किलो गांजे के साथ दबोचा

सारांश

दिल्ली के पटेल नगर में ऑपरेशन कवच के तहत 22 पुराने मामलों का वांछित अपराधी राहुल राय 1.38 किलो गांजे के साथ पकड़ा गया। 2016 से 2024 के बीच दर्ज उसके अपराधों में डकैती, आर्म्स एक्ट और सेंधमारी शामिल हैं। पुलिस अब पूरी सप्लाई चेन की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

ऑपरेशन कवच के तहत पटेल नगर पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को राहुल राय उर्फ आर्यन उर्फ रोहित को गिरफ्तार किया।
आरोपी के कब्जे से 1.38 किलोग्राम गांजा बरामद; एनडीपीएस एक्ट धारा 20 के तहत एफआईआर दर्ज।
आरोपी के विरुद्ध 22 आपराधिक मामले — चोरी, डकैती, सेंधमारी, आर्म्स एक्ट सहित — 2016 से 2024 के बीच दर्ज।
गिरफ्तारी शादीपुर फ्लाईओवर, बलजीत नगर के पास हुई; टीम का नेतृत्व एसएचओ नवीन कुमार ने किया।
पुलिस ड्रग्स की सप्लाई चेन और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जाँच जारी कर रही है।

नई दिल्ली के पटेल नगर थाना पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को ऑपरेशन कवच के तहत एक बड़ी कार्रवाई में राहुल राय उर्फ आर्यन उर्फ रोहित (आयु लगभग 30 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 1.38 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। यह आरोपी दिल्ली के विभिन्न थानों में 22 आपराधिक मामलों में पहले से वांछित था, जिनमें चोरी, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह के निर्देश पर राजधानी में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन कवच के अंतर्गत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पटेल नगर पुलिस की एक विशेष टीम 25 सितंबर को गश्त पर निकली थी।

जब टीम शादीपुर फ्लाईओवर, बलजीत नगर के निकट पहुँची, तो एक संदिग्ध युवक की गतिविधियाँ उन्हें असामान्य लगीं। तत्काल रोककर तलाशी लेने पर उसके पास से 1.380 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। मौके पर ही एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत थाना पटेल नगर में एफआईआर दर्ज कर नशीला पदार्थ जब्त किया गया और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।

आरोपी की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि

आरोपी की पहचान राहुल राय उर्फ आर्यन उर्फ रोहित के रूप में हुई है, जो मूलतः ग्राम चंदपुरा, पोस्ट पतेपुर, थाना बाली गांव, जिला वैशाली, बिहार का रहने वाला है। जाँच में सामने आया कि उसके विरुद्ध 2016 से 2024 तक के 22 मामले दर्ज हैं।

ये मामले थाना राजेंद्र नगर, इंद्रपुरी, मोती नगर, हरि नगर, रंजीत नगर, आनंद पर्वत और जाफराबाद सहित कई थानों में दर्ज हैं। अपराधों में चोरी, सेंधमारी, डकैती, चोरी का माल रखने, आर्म्स एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा और मारपीट शामिल हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

पुलिस टीम की भूमिका

यह कार्रवाई थाना पटेल नगर के एसएचओ इंस्पेक्टर नवीन कुमार के नेतृत्व में और एसीपी सुनील कुमार की देखरेख में की गई। टीम में पीएसआई सागर सोलंकी, हेड कांस्टेबल हरपाल, हेड कांस्टेबल अजय, कांस्टेबल धर्मेंद्र और कांस्टेबल दिलीप शामिल थे।

आगे की जाँच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहाँ से लाया था, इसकी आपूर्ति कहाँ की जानी थी और इस ड्रग्स सप्लाई चेन में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, नशे के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए गहन जाँच जारी है। ऑपरेशन कवच के तहत ऐसी कार्रवाइयाँ आगे भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल को भी उजागर करती है — जब कोई व्यक्ति 2016 से 2024 के बीच सात अलग-अलग थानों में 22 मामलों में नामजद हो, तो वह इतने वर्षों तक सक्रिय कैसे रहा? यह मामला सिर्फ एक ड्रग पेडलर की गिरफ्तारी नहीं है — यह दिल्ली के थाना-स्तरीय समन्वय और बार-बार जमानत पर छूटने वाले आरोपियों पर निगरानी व्यवस्था की खामियों को रेखांकित करता है। असली कसौटी यह होगी कि पुलिस इस गिरफ्तारी का उपयोग सप्लाई चेन को ऊपर तक खंगालने में करती है, या मामला एक और अकेली FIR बनकर रह जाता है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल राय को कहाँ और कब गिरफ्तार किया गया?
राहुल राय उर्फ आर्यन उर्फ रोहित को 25 सितंबर 2026 को शादीपुर फ्लाईओवर, बलजीत नगर, नई दिल्ली के पास गश्त के दौरान पकड़ा गया। उसके पास से 1.38 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ और एनडीपीएस एक्ट धारा 20 के तहत मामला दर्ज किया गया।
आरोपी के खिलाफ कितने और क्या मामले दर्ज हैं?
राहुल राय के खिलाफ दिल्ली के सात से अधिक थानों में 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, सेंधमारी, डकैती, आर्म्स एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा और मारपीट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। ये मामले 2016 से 2024 के बीच के हैं।
पुलिस अब आगे क्या जाँच कर रही है?
पुलिस गहन पूछताछ के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि गांजा कहाँ से आया, इसे कहाँ सप्लाई किया जाना था और सप्लाई चेन में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। नशे के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जाँच जारी है।
इस गिरफ्तारी में कौन-सी पुलिस टीम शामिल थी?
गिरफ्तारी एसएचओ इंस्पेक्टर नवीन कुमार के नेतृत्व और एसीपी सुनील कुमार की देखरेख में हुई। टीम में पीएसआई सागर सोलंकी, हेड कांस्टेबल हरपाल, हेड कांस्टेबल अजय, कांस्टेबल धर्मेंद्र और कांस्टेबल दिलीप शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 40 मिनट पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले