25 अक्टूबर 2026
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दिल्ली में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त, 26.466 किलो बरामद; तीन गिरफ्तार

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दिल्ली में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त, 26.466 किलो बरामद; तीन गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टीम ने ख्याला में जाल बिछाकर ओडिशा-बिहार-दिल्ली में फैले गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया — साड़ी के डिब्बों और RO कार्टन में छिपाकर भेजे जा रहे 26.466 किलो गांजे के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की पश्चिमी जिला एंटी-नारकोटिक्स टीम ने 25 अक्टूबर 2026 को ख्याला में अंतरराज्यीय गांजा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
कुल 26.466 किलोग्राम गांजा बरामद; तीनों आरोपी — चंदन कुमार, नितेश कुमार और विक्की कुमार — गिरफ्तार।
गांजे को साड़ियों के डिब्बों, साउंड बॉक्स और RO वाटर प्यूरीफायर के कार्टन में छिपाकर ओडिशा से दिल्ली भेजा जाता था।
नितेश कुमार बिहार से मोबाइल फोन के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन करता था।
तीनों के खिलाफ NDPS अधिनियम की धारा 20, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों और ओडिशा स्थित आपूर्तिकर्ताओं की पहचान के लिए जांच जारी।

दिल्ली पुलिस की पश्चिमी जिला एंटी-नारकोटिक्स टीम ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में सक्रिय एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे और उनके ठिकानों से कुल 26.466 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। यह नेटवर्क दिल्ली, बिहार और ओडिशा तक फैला हुआ था।

गिरफ्तार आरोपी और आरोप

पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान चंदन कुमार, नितेश कुमार और विक्की कुमार के रूप में की है। तीनों की उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच बताई गई है। तीनों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की धारा 20, 25 और 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

तस्करी का तरीका: साड़ियों के डिब्बे और RO कार्टन में छिपाया गांजा

जांच में सामने आया कि यह गिरोह कूरियर सेवाओं का उपयोग करके ओडिशा से दिल्ली तक गांजा भेजता था। खेप को साड़ियों के डिब्बों, साउंड बॉक्स और आरओ वाटर प्यूरीफायर के कार्टन में छिपाया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों की नज़र से बचा जा सके। दिल्ली पहुँचने के बाद इसे स्थानीय नशा तस्करों के नेटवर्क में आपूर्ति की जाती थी।

पुलिस के अनुसार, नितेश कुमार बिहार से मोबाइल फोन के ज़रिये पूरे नेटवर्क का संचालन करता था और ओडिशा तथा दिल्ली में अपने सहयोगियों को निर्देश देता था। उस पर आरोप है कि वह पार्सल पर जानबूझकर गलत या अधूरे डिलीवरी पते दर्ज कराता था, जिससे कूरियर कर्मी पार्सल पहुँचाने के लिए उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को विवश होते थे। इसके बाद वह अपने सहयोगियों से समन्वय कर खेप की डिलीवरी सुनिश्चित करता था।

मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुआ भंडाफोड़

एंटी-नारकोटिक्स टीम ख्याला इलाके में नियमित गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर चंदन कुमार के पास पहुँची। उसके ई-रिक्शा की तलाशी में 16.906 किलोग्राम गांजा मिला। इसके बाद ख्याला की जेजे कॉलोनी स्थित उसके किराये के मकान की तलाशी में 5.354 किलोग्राम गांजा और बरामद हुआ।

पूछताछ में चंदन ने कथित तौर पर खुलासा किया कि गांजा ओडिशा से कूरियर पार्सल के ज़रिये मँगाया जाता था और इस काम में नितेश कुमार की केंद्रीय भूमिका थी। इसी सुराग पर आगे बढ़ते हुए पुलिस को एक और खेप के आने की सूचना मिली — जो आरओ वाटर प्यूरीफायर के कार्टन में छिपाई गई थी।

पुलिस ने ख्याला के विष्णु गार्डन स्थित एस ब्लॉक के पास जाल बिछाया। इसी दौरान 22 वर्षीय विक्की कुमार को कथित तौर पर खेप लेने पहुँचने पर दबोचा गया। उसके पास से 4.206 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिससे कुल बरामदगी 26.466 किलोग्राम हो गई।

नेटवर्क की जड़ें और आगे की जांच

पुलिस के अनुसार, विक्की कुमार नितेश के निर्देश पर खेप प्राप्त कर उसे दिल्ली के स्थानीय नशा तस्करों तक पहुँचाता था। गौरतलब है कि यह नेटवर्क तीन राज्यों में फैला था — ओडिशा में आपूर्ति, बिहार से संचालन और दिल्ली में वितरण। फिलहाल नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और तस्करी के आगे के सिरों की जांच जारी है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स इकाइयाँ कूरियर आधारित नशा तस्करी के नए तरीकों पर केंद्रित अभियान चला रही हैं। आने वाले दिनों में ओडिशा और बिहार में आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँचने के लिए संबंधित राज्य पुलिस के साथ समन्वय की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अंतिम बाज़ार राजधानी है — जो स्पष्ट करता है कि केवल दिल्ली पुलिस की सतर्कता पर्याप्त नहीं है; अंतरराज्यीय समन्वय और कूरियर कंपनियों की जवाबदेही तय करना ज़रूरी है। नेटवर्क के मास्टरमाइंड नितेश कुमार की बिहार से गिरफ्तारी और ओडिशा स्रोत तक पहुँचना इस जांच की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में पकड़े गए गांजा तस्करी नेटवर्क का संचालन कैसे होता था?
यह नेटवर्क ओडिशा से दिल्ली तक कूरियर सेवाओं के ज़रिये गांजा भेजता था। खेप को साड़ियों के डिब्बों, साउंड बॉक्स और RO वाटर प्यूरीफायर के कार्टन में छिपाया जाता था। बिहार से नितेश कुमार मोबाइल फोन पर पूरे नेटवर्क का समन्वय करता था।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों के नाम और उम्र क्या हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन कुमार, नितेश कुमार और विक्की कुमार के रूप में हुई है। तीनों की उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच है। तीनों पर NDPS अधिनियम की धारा 20, 25 और 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
दिल्ली पुलिस को नेटवर्क का सुराग कैसे मिला?
एंटी-नारकोटिक्स टीम ख्याला इलाके में गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर चंदन कुमार को पकड़ा। पूछताछ में खुलासे के बाद पुलिस ने एक और खेप की डिलीवरी के समय विष्णु गार्डन में जाल बिछाकर विक्की कुमार को भी गिरफ्तार किया।
इस मामले में कितना गांजा बरामद हुआ और कहाँ से?
कुल 26.466 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ — 16.906 किलो चंदन के ई-रिक्शा से, 5.354 किलो ख्याला की जेजे कॉलोनी स्थित उसके किराये के मकान से, और 4.206 किलो विक्की कुमार के पास से। सभी खेपें ओडिशा से कूरियर के ज़रिये भेजी गई थीं।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
पुलिस के अनुसार, नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और ओडिशा स्थित आपूर्तिकर्ताओं की पहचान के लिए जांच जारी है। बिहार व ओडिशा में आपूर्ति श्रृंखला तक पहुँचने के लिए संबंधित राज्य पुलिस के साथ समन्वय की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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