दिल्ली पुलिस ने गांजा तस्करी गिरोह तोड़ा: साड़ी बॉक्स और RO कार्टन में छिपाकर आती थी खेप, तीन गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने 25 अक्टूबर 2026 को एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जिसमें ओडिशा से दिल्ली तक साड़ियों के डिब्बों, साउंड बॉक्स और आरओ-प्यूरीफायर के कार्टन में नशीला पदार्थ छिपाकर भेजा जाता था। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 26.466 किलोग्राम गांजा बरामद किया जा चुका है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पहली गिरफ्तारी और प्रारंभिक सुराग
17 सितंबर 2026 को नियमित गश्त के दौरान एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की एक टीम ने ख्याला इलाके में सर्विस रोड के पास एक ई-रिक्शा को रोका। उसमें सवार 22 वर्षीय चंदन कुमार की तलाशी में 16.906 किलो गांजा बरामद हुआ। जांच आगे बढ़ाने पर ख्याला की जेजे कॉलोनी में उसके किराए के मकान से 5.354 किलो अतिरिक्त गांजा मिला।
इसके बाद ख्याला थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई।
मास्टरमाइंड की पहचान और गिरफ्तारी
पूछताछ में चंदन कुमार ने खुलासा किया कि यह गांजा ओडिशा से कूरियर के ज़रिए मंगाया जाता था और इसका प्रबंध बिहार निवासी नितेश कुमार उर्फ नीलेश करता था। लगातार जांच और तकनीकी निगरानी के बाद 17 अक्टूबर 2026 को नितेश कुमार को बिहार से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, नितेश बिहार में बैठकर मोबाइल फोन के ज़रिए पूरा नेटवर्क संचालित करता था और ओडिशा व दिल्ली में अपने साथियों को निर्देश देता था। उसकी एक विशेष कार्यप्रणाली यह थी कि वह पार्सल पर जानबूझकर गलत या अधूरा डिलीवरी पता देता था, ताकि कूरियर कर्मचारी उससे संपर्क करे और वह दिल्ली में डिलीवरी को नियंत्रित कर सके।
जाल बिछाकर तीसरे आरोपी की धरपकड़
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ओडिशा से एक और खेप आने वाली है, जिसे एक आरओ-प्यूरीफायर कार्टन में छिपाया गया है। टीम ने कई कूरियर कार्यालयों में छानबीन कर ख्याला में डिलीवरी स्थान का पता लगाया और वहाँ जाल बिछाया।
20 अक्टूबर 2026 को 22 वर्षीय विक्की कुमार उस खेप को लेने पहुँचा और गिरफ्त में आ गया। पार्सल की जांच में 4.206 किलोग्राम गांजा मिला। अधिकारियों के अनुसार, विक्की कुमार नितेश के निर्देश पर खेप प्राप्त कर उसे दिल्ली के स्थानीय तस्करों तक पहुँचाता था।
तस्करी की तकनीक और नेटवर्क का स्वरूप
यह गिरोह गांजे को साधारण घरेलू सामान — साड़ियों के डिब्बों, साउंड बॉक्स और आरओ-प्यूरीफायर के कार्टन — में छिपाकर कूरियर कंपनियों के ज़रिए ओडिशा से दिल्ली भेजता था। यह प्रणाली इस प्रकार बनाई गई थी कि सतह पर देखने में कोई भी पार्सल संदिग्ध न लगे।
गौरतलब है कि यह नेटवर्क तीन राज्यों — ओडिशा, बिहार और दिल्ली — में फैला हुआ था, जो इसे एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक ढाँचे का हिस्सा बनाता है। इस तरह के कूरियर-आधारित तस्करी मॉडल पर पुलिस पिछले कुछ समय से निगरानी रख रही है।
जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
तीनों आरोपियों — चंदन कुमार, नितेश कुमार उर्फ नीलेश और विक्की कुमार — को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार, नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और ओडिशा में गांजे की आपूर्ति श्रृंखला की पहचान के लिए जांच अभी भी जारी है।