ग्रेटर नोएडा में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, ₹1 करोड़ का 165 किलो गांजा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के बादलपुर थाने की पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने 14 अक्टूबर 2026 को एक संयुक्त अभियान में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 165 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत पुलिस के अनुसार करीब ₹1 करोड़ बताई जा रही है।
गिरफ्तारी का विवरण
तीनों आरोपियों को दादरी से लालकुआं की ओर जाने वाली सड़क पर कूड़ी खेड़ा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। स्थानीय खुफिया तंत्र और गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई अंजाम दी गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश पाल (42 वर्ष), समीर कुमार (47 वर्ष) और रवि कुमार साहनी (33 वर्ष) के रूप में हुई है।
तस्करी का तरीका
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपी रवि कुमार साहनी भुवनेश्वर से ट्रक के माध्यम से गांजा लाकर दिल्ली में दिनेश पाल और समीर कुमार को उपलब्ध कराता था। इसके बाद इसे दिल्ली क्षेत्र में थोक और फुटकर दोनों स्तरों पर बेचा जाता था। जाँच में सामने आया है कि ट्रक में गांजा छिपाने के लिए एक गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसे दिनेश पाल ने करीब दो महीने पहले तैयार करवाया था — यह पुलिस चेकिंग से बचने की योजनाबद्ध कोशिश थी।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
दिनेश पाल, जिसे पुलिस इस गिरोह का कथित मुखिया मान रही है, दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी, भाटी माइंस में रहता है। वह मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के रतवार गांव का निवासी है। गौरतलब है कि वह वर्ष 2021 में करीब ढाई क्विंटल गांजे की बरामदगी के एक मामले में लगभग 15 महीने जेल में भी रह चुका है — यह उसकी पुनरावृत्ति अपराध की प्रवृत्ति को रेखांकित करता है। समीर कुमार, दिल्ली के शालीमार थाना क्षेत्र में रहता है और बिहार के मुंगेर जिले का मूल निवासी है। रवि कुमार साहनी बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र के केरया डीह गांव का रहने वाला है।
बरामदगी का ब्योरा
पुलिस ने गांजे के अलावा तस्करी में इस्तेमाल एक ट्रक और एक कार जब्त की है। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, ₹1,980 नकद और एक बैंक कार्ड भी बरामद किए गए हैं। इन उपकरणों से गिरोह के व्यापक नेटवर्क की जाँच की जाएगी।
आगे की जाँच
पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों, गांजे की आपूर्ति के स्रोत और तस्करी से अर्जित आय के संबंध में गहन जाँच कर रही है। इस कार्रवाई को दिल्ली-एनसीआर में गांजे की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा।