14 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ग्रेटर नोएडा में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, ₹1 करोड़ का 165 किलो गांजा बरामद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ग्रेटर नोएडा में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, ₹1 करोड़ का 165 किलो गांजा बरामद

सारांश

गौतमबुद्धनगर पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने 14 अक्टूबर को ग्रेटर नोएडा में ₹1 करोड़ से अधिक कीमत का 165 किलो गांजा बरामद किया। भुवनेश्वर से दिल्ली-एनसीआर तक फैले इस अंतरराज्यीय गिरोह में तीन आरोपी गिरफ्तार; ट्रक में बनी गुप्त कैविटी से पुलिस की चेकिंग को चकमा देने की साज़िश उजागर।

मुख्य बातें

बादलपुर थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने 14 अक्टूबर 2026 को अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
आरोपियों के कब्जे से 165 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद, अनुमानित कीमत करीब ₹1 करोड़ ।
गिरफ्तार आरोपी — दिनेश पाल , समीर कुमार और रवि कुमार साहनी — तीनों बिहार मूल के हैं।
आरोपी रवि कुमार साहनी भुवनेश्वर से ट्रक में गांजा लाकर दिल्ली में आपूर्ति करता था।
ट्रक में गुप्त कैविटी करीब दो महीने पहले दिनेश पाल ने तैयार करवाई थी।
मुख्य आरोपी दिनेश पाल 2021 में गांजा मामले में 15 महीने जेल काट चुका है।

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के बादलपुर थाने की पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने 14 अक्टूबर 2026 को एक संयुक्त अभियान में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 165 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत पुलिस के अनुसार करीब ₹1 करोड़ बताई जा रही है।

गिरफ्तारी का विवरण

तीनों आरोपियों को दादरी से लालकुआं की ओर जाने वाली सड़क पर कूड़ी खेड़ा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया। स्थानीय खुफिया तंत्र और गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई अंजाम दी गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश पाल (42 वर्ष), समीर कुमार (47 वर्ष) और रवि कुमार साहनी (33 वर्ष) के रूप में हुई है।

तस्करी का तरीका

पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपी रवि कुमार साहनी भुवनेश्वर से ट्रक के माध्यम से गांजा लाकर दिल्ली में दिनेश पाल और समीर कुमार को उपलब्ध कराता था। इसके बाद इसे दिल्ली क्षेत्र में थोक और फुटकर दोनों स्तरों पर बेचा जाता था। जाँच में सामने आया है कि ट्रक में गांजा छिपाने के लिए एक गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसे दिनेश पाल ने करीब दो महीने पहले तैयार करवाया था — यह पुलिस चेकिंग से बचने की योजनाबद्ध कोशिश थी।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

दिनेश पाल, जिसे पुलिस इस गिरोह का कथित मुखिया मान रही है, दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना क्षेत्र की संजय कॉलोनी, भाटी माइंस में रहता है। वह मूल रूप से बिहार के कैमूर जिले के रतवार गांव का निवासी है। गौरतलब है कि वह वर्ष 2021 में करीब ढाई क्विंटल गांजे की बरामदगी के एक मामले में लगभग 15 महीने जेल में भी रह चुका है — यह उसकी पुनरावृत्ति अपराध की प्रवृत्ति को रेखांकित करता है। समीर कुमार, दिल्ली के शालीमार थाना क्षेत्र में रहता है और बिहार के मुंगेर जिले का मूल निवासी है। रवि कुमार साहनी बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र के केरया डीह गांव का रहने वाला है।

बरामदगी का ब्योरा

पुलिस ने गांजे के अलावा तस्करी में इस्तेमाल एक ट्रक और एक कार जब्त की है। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, ₹1,980 नकद और एक बैंक कार्ड भी बरामद किए गए हैं। इन उपकरणों से गिरोह के व्यापक नेटवर्क की जाँच की जाएगी।

आगे की जाँच

पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों, गांजे की आपूर्ति के स्रोत और तस्करी से अर्जित आय के संबंध में गहन जाँच कर रही है। इस कार्रवाई को दिल्ली-एनसीआर में गांजे की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भुवनेश्वर-दिल्ली मार्ग पर दशकों से सक्रिय गांजा आपूर्ति श्रृंखला की एक कड़ी है जो बार-बार टूटने के बाद भी जुड़ती रही है। दिनेश पाल का 2021 के बाद पुनः सक्रिय होना यह दर्शाता है कि जेल की सज़ा अकेले पर्याप्त निवारक नहीं है — गिरोह के वित्तीय ढाँचे और आपूर्ति स्रोत पर प्रहार किए बिना यह चक्र टूटेगा नहीं। ट्रक में गुप्त कैविटी की तकनीकी परिष्कृतता यह भी संकेत देती है कि तस्करी का यह नेटवर्क छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि संगठित रूप से संचालित हो रहा था।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में गांजा तस्करी गिरोह कैसे पकड़ा गया?
स्थानीय खुफिया तंत्र और गोपनीय सूचना के आधार पर बादलपुर थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर 14 अक्टूबर 2026 को दादरी-लालकुआं मार्ग पर कूड़ी खेड़ा मोड़ के पास तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
बरामद गांजे की मात्रा और कीमत कितनी है?
पुलिस ने कुल 165 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत करीब ₹1 करोड़ बताई जा रही है। इसके साथ एक ट्रक, एक कार, चार मोबाइल फोन, ₹1,980 नकद और एक बैंक कार्ड भी बरामद किया गया।
इस तस्करी गिरोह का नेटवर्क कहाँ तक फैला था?
पुलिस के अनुसार, आरोपी रवि कुमार साहनी भुवनेश्वर (ओडिशा) से ट्रक में गांजा लाकर दिल्ली में दिनेश पाल को सौंपता था, जहाँ से उसे दिल्ली-एनसीआर में थोक और फुटकर दोनों स्तरों पर बेचा जाता था। यह एक ओडिशा-दिल्ली अंतरराज्यीय मार्ग था।
मुख्य आरोपी दिनेश पाल का आपराधिक इतिहास क्या है?
दिनेश पाल को पुलिस इस गिरोह का कथित मुखिया मान रही है। वह 2021 में करीब ढाई क्विंटल गांजा बरामदगी के एक मामले में लगभग 15 महीने जेल में रह चुका है और अब फिर से उसी तरह की तस्करी में गिरफ्तार हुआ है।
पुलिस आगे क्या जाँच कर रही है?
पुलिस अब गिरोह के व्यापक नेटवर्क, गांजे की आपूर्ति के मूल स्रोत और तस्करी से अर्जित धन के संबंध में जाँच कर रही है। बरामद मोबाइल फोन और बैंक कार्ड से अन्य संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले