एंबुलेंस में खुफिया चैंबर बनाकर गांजा तस्करी: नोएडा पुलिस ने 64 किलो गांजा व वाहन किया बरामद
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने 21 जुलाई 2026 को एक अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए ओमवीर सिंह नामक आरोपी को गिरफ्तार किया, जो एक मॉडिफाइड मारुति इको एंबुलेंस में 64 किलोग्राम गांजा छिपाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था। थाना फेस-1 पुलिस और नार्कोटिक्स सेल की संयुक्त कार्रवाई में यह गिरफ्तारी झुंडपुरा बॉर्डर के पास की गई। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब ₹13 लाख बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। आरोपी की पहचान ओमवीर सिंह पुत्र श्याम लाल, निवासी ग्राम नागर, थाना अछनेरा, जनपद आगरा, उम्र लगभग 48 वर्ष, के रूप में हुई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बिना नंबर प्लेट की एंबुलेंस भी जब्त कर ली है।
एंबुलेंस में कैसे छिपाया जाता था गांजा
जाँच में सामने आया कि आरोपी ने एंबुलेंस को अत्यंत शातिराना तरीके से संशोधित किया था। जहाँ सामान्यतः मरीज को लिटाया जाता है, उसके नीचे एक खुफिया चैंबर बनाया गया था। इसके अलावा, तीमारदार की सीट के नीचे भी विशेष स्थान तैयार किया गया था, जहाँ बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा जाता था। बाहर से देखने पर वाहन पूरी तरह एक सामान्य एंबुलेंस जैसा दिखता था।
तस्करी का तरीका और नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ओडिशा से विशेष किस्म का गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था। एंबुलेंस का उपयोग इसलिए किया जाता था क्योंकि टोल प्लाजा और पुलिस चेकपॉइंट पर एंबुलेंस को प्राथमिकता दी जाती है और उसे प्रायः बिना जाँच के जाने दिया जाता है। आरोपी इसी छूट का फायदा उठाकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक बड़ी मात्रा में गांजा पहुँचाता था।
दिल्ली पहुँचने के बाद गांजे को छोटे-छोटे पैकेटों में बाँटकर स्थानीय स्तर पर सप्लाई किया जाता था। इस अवैध कारोबार से अर्जित धन का उपयोग आरोपी अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली पर करता था, पुलिस ने बताया।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना फेस-1 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और यह भी जाँच की जा रही है कि इस गिरोह का संबंध किन राज्यों व स्थानीय सप्लायरों से था।
क्या होगा आगे
यह मामला दर्शाता है कि तस्कर अब आपातकालीन सेवाओं की आड़ में नशे की सप्लाई चेन चला रहे हैं — एक प्रवृत्ति जो कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती है। पुलिस की जाँच जारी है और नेटवर्क के विस्तार का पूरा खाका सामने आना अभी बाकी है।