5 सितंबर 2026
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सूडान के साउथ कोर्डोफान में दो हमलों में 26 की मौत, SPLM-N पर सीजफायर तोड़ने का आरोप

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सूडान के साउथ कोर्डोफान में दो हमलों में 26 की मौत, SPLM-N पर सीजफायर तोड़ने का आरोप

सारांश

सूडान के साउथ कोर्डोफान में SPLM-N की सेनाओं ने दो अलग-अलग हमलों में 26 नागरिकों की जान ली — महिलाएँ और बच्चे भी शामिल। अगस्त में हुए सीजफायर के बावजूद यह हिंसा बताती है कि अप्रैल 2023 से जारी सूडान का संघर्ष चौथे साल में भी थमने का नाम नहीं ले रहा।

मुख्य बातें

साउथ कोर्डोफान में 5 सितंबर 2026 को हुए दो हमलों में कम से कम 26 लोगों की मौत और दर्जनों घायल।
SPLM-N की सेनाओं ने डेबी, लुवैरी और डिलिंग पर हमला किया — महिलाओं और बच्चों सहित 21+ की मौत पहले हमले में, 5 की दूसरे में।
सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इसे अगस्त सीजफायर समझौते का उल्लंघन बताया।
SPLM-N, पैरामिलिट्री RSF की सहयोगी है और 2011 से साउथ कोर्डोफान के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण रखती है।
सूडान का यह संघर्ष अप्रैल 2023 से जारी है और अब चौथे वर्ष में है — हज़ारों मृत, लाखों विस्थापित।

सूडान के साउथ कोर्डोफान राज्य में 5 सितंबर 2026 को हुए दो अलग-अलग हमलों में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। स्वयंसेवी संगठन सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के अनुसार, ये हमले सूडान पीपल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ (SPLM-N) की सेनाओं ने किए, जो पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) की सहयोगी मानी जाती है।

मुख्य घटनाक्रम

नेटवर्क के बयान के अनुसार, गुरुवार दोपहर SPLM-N की सेनाओं ने कौडा के दक्षिण और पश्चिम में स्थित डेबी और लुवैरी पर हमला किया। इस हमले में महिलाओं और बच्चों सहित 21 से अधिक लोग मारे गए और कई घायल हो गए। डेबी के एक ग्रामीण अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक वहाँ 20 से अधिक शव और 11 घायल लाए गए।

शुक्रवार तड़के एक दूसरी घटना में SPLM-N की गोलाबारी की चपेट में आने से डिलिंग शहर में एक बच्चे सहित 5 लोगों की जान चली गई और 7 से अधिक घायल हो गए। एक चश्मदीद के अनुसार, रिहायशी इलाकों में तोप के गोले गिरे। SPLM-N ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

सीजफायर उल्लंघन का आरोप

सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने डेबी और लुवैरी पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अगस्त के अंत में हुए सीजफायर समझौते का उल्लंघन बताया। संगठन ने SPLM-N पर आम नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया। मानवीय हालात बिगड़ने की आशंका से स्थानीय लोग इलाका छोड़कर पलायन करने लगे हैं।

SPLM-N और संघर्ष की पृष्ठभूमि

2011 में गठित SPLM-N, साउथ कोर्डोफान और ब्लू नाइल राज्य के कुछ हिस्सों पर अपना नियंत्रण रखती है। कोर्डोफान राज्यों में सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और RSF-SPLM-N गठबंधन के बीच लड़ाई अप्रैल 2023 से जारी है। अब अपने चौथे वर्ष में पहुँचे इस संघर्ष में हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग देश के भीतर और बाहर विस्थापित हो चुके हैं।

आम जनता पर असर

ताज़ा हमलों ने साउथ कोर्डोफान में पहले से ही गंभीर मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। अस्पतालों पर दबाव बढ़ रहा है और नागरिकों का पलायन जारी है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय सूडान में स्थायी युद्धविराम के लिए प्रयासरत है।

क्या होगा आगे

इस हमले के बाद सीजफायर की भविष्य की संभावनाएँ और अनिश्चित हो गई हैं। मानवाधिकार संगठन और राहत एजेंसियाँ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँच की माँग कर रही हैं। SPLM-N की चुप्पी और नागरिक हताहतों की संख्या इस संघर्ष की भयावहता को रेखांकित करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूडान के साउथ कोर्डोफान में हुए हमलों में कितने लोग मारे गए?
सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के अनुसार, 5 सितंबर 2026 को हुए दो अलग-अलग हमलों में कम से कम 26 लोगों की मौत हुई। पहले हमले में डेबी और लुवैरी में महिलाओं और बच्चों सहित 21 से अधिक और दूसरे में डिलिंग में एक बच्चे सहित 5 लोग मारे गए।
इन हमलों के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया गया है?
सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने SPLM-N (सूडान पीपल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ) की सेनाओं को ज़िम्मेदार ठहराया है। SPLM-N पैरामिलिट्री RSF की सहयोगी है। SPLM-N ने इन आरोपों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
SPLM-N क्या है और सूडान संघर्ष में इसकी क्या भूमिका है?
SPLM-N 2011 में गठित एक सशस्त्र समूह है जो साउथ कोर्डोफान और ब्लू नाइल राज्य के कुछ हिस्सों पर नियंत्रण रखता है। यह पैरामिलिट्री RSF का सहयोगी है और अप्रैल 2023 से जारी सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) के खिलाफ संघर्ष में शामिल है।
क्या सूडान में सीजफायर समझौता हुआ था?
हाँ, अगस्त 2026 के अंत में एक सीजफायर समझौता हुआ था। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क ने इन ताज़ा हमलों को उसी समझौते का उल्लंघन बताया है। SPLM-N पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है।
सूडान संघर्ष का आम नागरिकों पर क्या असर पड़ा है?
अप्रैल 2023 से जारी इस संघर्ष में हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग देश के भीतर और बाहर विस्थापित हो चुके हैं। ताज़ा हमलों के बाद डेबी और लुवैरी से नागरिक पलायन कर रहे हैं और मानवीय हालात और बिगड़ने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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