26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीद जवानों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर होंगे अंकित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीद जवानों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर होंगे अंकित

सारांश

ऑपरेशन सिंदूर में देश के लिए प्राण देने वाले 6 वीर जवानों के नाम अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की ग्रेनाइट दीवारों पर हमेशा के लिए अंकित होंगे। राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु पदक से नवाज़ा गया — यह राष्ट्र का उन वीरों के प्रति सर्वोच्च कृतज्ञता का प्रतीक है।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंदूर के 6 शहीद जवानों के नाम नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की ग्रेनाइट दीवारों पर स्थायी रूप से अंकित किए जाएंगे।
शहीदों में भारतीय सेना के 5 जवान — सूबेदार मेजर पवन कुमार , राइफलमैन सुनील कुमार , लांस नायक दिनेश कुमार , अग्निवीर मूड मुरली नाइक , हवलदार सुनील कुमार सिंह — और वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र (देश का तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन पुरस्कार) और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को वायु पदक से सम्मानित किया गया।
8 जून को रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वीर चक्र प्रदान किया; सम्मान शहीद के माता-पिता सुदेश कुमारी और यश पाल ने ग्रहण किया।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के 'त्याग चक्र' में 16 ग्रेनाइट वृत्ताकार दीवारें हैं, जिन पर स्वतंत्रता के बाद से शहीद सैनिकों के नाम, पद और यूनिट दर्ज हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 6 वीर जवानों के नाम अब नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) की ग्रेनाइट दीवारों पर स्थायी रूप से अंकित किए जाएंगे। स्मारक की आधिकारिक वेबसाइट पर इन शहीदों के नाम सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इन 6 शहीदों में भारतीय सेना के 5 जवान और भारतीय वायुसेना के 1 सार्जेंट शामिल हैं।

शहीद वीरों के नाम

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित होने वाले ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों के नाम इस प्रकार हैं — सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरली नाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह (सभी भारतीय सेना) और सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (भारतीय वायुसेना)। ये नाम उन सभी सैनिकों की सूची के साथ दर्ज किए गए हैं जिन्होंने वर्ष 2025 में विभिन्न सैन्य अभियानों के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए।

वीरता पुरस्कार से सम्मान

इन 6 शहीदों में से दो को उनकी असाधारण वीरता के लिए सैन्य सम्मान से नवाज़ा गया है। राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया — जो भारत का तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। वे ऑपरेशन के दौरान नियंत्रण रेखा पर तैनात थे और कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। 8 जून को आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह सम्मान प्रदान किया, जिसे शहीद के माता-पिता सुदेश कुमारी और यश पाल ने ग्रहण किया। वहीं भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत वायु पदक से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का 'त्याग चक्र'

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का 'त्याग चक्र' देश के उन शहीदों को समर्पित है जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद विभिन्न सैन्य अभियानों में सर्वोच्च बलिदान दिया। इसमें ग्रेनाइट की 16 वृत्ताकार दीवारें हैं, जिनकी प्रत्येक ईंट पर शहीद सैनिक का नाम, पद और यूनिट अंकित होती है। ऑपरेशन सिंदूर के इन 6 वीर सपूतों के नाम अब इसी गौरवशाली संरचना का स्थायी हिस्सा बनेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों के विरुद्ध चलाया गया था। इस अभियान को सफल बताया गया, परंतु इसकी कीमत देश ने अपने 6 वीर सैनिकों के बलिदान के रूप में चुकाई। इन शहीदों का बलिदान राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में सदा के लिए अंकित हो जाएगा, और उनकी वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु यह भी ध्यान देने योग्य है कि ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों की आधिकारिक सूची इतने समय बाद सार्वजनिक हुई — जबकि परिजन और देश बहुत पहले से इस पहचान की प्रतीक्षा में थे। वीरता पुरस्कारों की घोषणा और स्मारक पर नाम अंकित करने के बीच की यह देरी सैन्य पारदर्शिता के प्रश्न उठाती है। अग्निवीर मूड मुरली नाइक का नाम सूची में होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है — यह पहला अवसर है जब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती कोई जवान राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अंकित हो रहा है, जो उस योजना की आलोचना और समर्थन दोनों के संदर्भ में एक बड़ा प्रतीकात्मक क्षण है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर में कितने जवान शहीद हुए और उनके नाम क्या हैं?
ऑपरेशन सिंदूर में कुल 6 जवान शहीद हुए। इनमें भारतीय सेना के सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरली नाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का 'त्याग चक्र' क्या है?
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का 'त्याग चक्र' उन सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। इसमें ग्रेनाइट की 16 वृत्ताकार दीवारें हैं, जिनकी प्रत्येक ईंट पर शहीद का नाम, पद और यूनिट अंकित होती है।
राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र क्यों दिया गया?
राइफलमैन सुनील कुमार ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नियंत्रण रेखा पर तैनात थे और कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी असाधारण वीरता के लिए 8 जून को रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र — देश का तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार — प्रदान किया।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान में छिपे आतंकवादियों के विरुद्ध चलाया गया सैन्य अभियान था। इस अभियान को सफल बताया गया, जिसमें 6 भारतीय जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को कौन सा सम्मान मिला?
भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को ऑपरेशन सिंदूर में सर्वोच्च बलिदान देने पर मरणोपरांत वायु पदक से सम्मानित किया गया। वे इस अभियान में शहीद होने वाले एकमात्र वायुसेना जवान हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले