17 अक्टूबर 2026
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परिसीमन पर BJP का पलटवार: शाहनवाज हुसैन बोले — सरकार ने कुछ कहा ही नहीं, कांग्रेस चिंतित क्यों?

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परिसीमन पर BJP का पलटवार: शाहनवाज हुसैन बोले — सरकार ने कुछ कहा ही नहीं, कांग्रेस चिंतित क्यों?

सारांश

BJP नेता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस के परिसीमन-विरोध को बेबुनियाद बताया — सरकार ने कुछ कहा ही नहीं, फिर खड़गे का पत्र क्यों? साथ ही त्योहारी सीजन में प्रदर्शनों को हिंदू आयोजनों में खलल करार दिया।

मुख्य बातें

BJP नेता शाहनवाज हुसैन ने 17 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के परिसीमन पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को पत्र लिखकर परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक की माँग की थी।
हुसैन का आरोप — कांग्रेस को डर है कि परिसीमन से महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकार मिल जाएँगे।
नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ के दौरान विरोध-प्रदर्शनों को BJP ने हिंदू त्योहारों में बाधा बताया।
हुसैन ने सवाल उठाया — क्या विपक्ष ईद या बकरीद पर भी इसी तरह प्रदर्शन करता है?

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने 17 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। यह प्रतिक्रिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे उस पत्र पर आई, जिसमें प्रस्तावित परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई थी। हुसैन ने कहा कि सरकार ने परिसीमन के संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की है, ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष की आशंकाएँ बेबुनियाद हैं।

परिसीमन पर BJP का पक्ष

शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'सरकार ने परिसीमन को लेकर अभी कुछ नहीं कहा है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष पहले से ही इस मुद्दे पर चिंता जता रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को वास्तव में इस बात की आशंका है कि यदि सरकार परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है, तो महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिल जाएगा। गौरतलब है कि परिसीमन प्रश्न महिला आरक्षण के कार्यान्वयन से भी जुड़ा हुआ है।

त्योहारों के दौरान विरोध-प्रदर्शनों पर निशाना

BJP नेता ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर हिंदू त्योहारों के मौसम में विरोध-प्रदर्शन कर धार्मिक आयोजनों में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में इस समय नवरात्रि, दुर्गा पूजा और रामलीला जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन चल रहे हैं और आगे दीपावली तथा छठ पूजा भी आने वाली हैं। हुसैन ने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष ईद या बकरीद जैसे पर्वों के दौरान भी इसी प्रकार के प्रदर्शन करता है?

व्यापारियों पर संभावित असर

त्योहारी सीजन में विरोध-प्रदर्शनों के आर्थिक प्रभाव पर भी हुसैन ने बात की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से दीपावली तक का समय बाज़ारों का सबसे बड़ा खरीदारी सीजन होता है और प्रदर्शनों के कारण पुलिस को अतिरिक्त बंदोबस्त करना पड़ता है, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों दोनों को असुविधा हो सकती है। उन्होंने इसे 'जानबूझकर की गई योजना' करार दिया।

कांग्रेस का रुख और राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब परिसीमन का मुद्दा दक्षिण भारतीय राज्यों सहित कई विपक्षी दलों की चिंता का विषय बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि जनसंख्या-आधारित परिसीमन से दक्षिण के राज्यों की संसद में प्रतिनिधित्व कम हो सकती है। खड़गे द्वारा लिखे गए पत्र में इन्हीं चिंताओं को रेखांकित करते हुए सर्वदलीय चर्चा की माँग की गई थी।

आगे क्या होगा

BJP और कांग्रेस के बीच परिसीमन पर यह वाकयुद्ध आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है, विशेषकर जब संसद का अगला सत्र नज़दीक आएगा। कथित तौर पर कई क्षेत्रीय दलों ने भी इस विषय पर अपनी राय सार्वजनिक करने की तैयारी की है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह सवाल भी उठता है कि विपक्ष के पास कब का 'उचित समय' होता है। असली राजनीतिक परीक्षा तब होगी जब सरकार परिसीमन की समयसीमा और आधार स्पष्ट करेगी — तब तक यह बहस शब्दों की लड़ाई से अधिक कुछ नहीं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाहनवाज हुसैन ने परिसीमन पर कांग्रेस को क्यों घेरा?
BJP नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि सरकार ने परिसीमन के बारे में अभी कोई घोषणा नहीं की है, इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की आशंकाएँ बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस को डर है कि परिसीमन के ज़रिए महिलाओं को आरक्षण का अधिकार मिल जाएगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को परिसीमन पर पत्र क्यों लिखा?
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर प्रस्तावित परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग की। यह माँग उन चिंताओं के बीच आई है कि जनसंख्या-आधारित परिसीमन से कुछ राज्यों की संसद में प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।
परिसीमन का महिला आरक्षण से क्या संबंध है?
संसद में पारित महिला आरक्षण कानून के क्रियान्वयन के लिए परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होना ज़रूरी माना जाता है। BJP का आरोप है कि कांग्रेस इसीलिए परिसीमन को लेकर आशंकित है, क्योंकि इसके बाद महिला आरक्षण लागू हो जाएगा।
BJP ने त्योहारों के दौरान विरोध-प्रदर्शनों पर क्या कहा?
शाहनवाज हुसैन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम जानबूझकर नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान प्रदर्शन कर धार्मिक आयोजनों और बाज़ारों की गतिविधियों में बाधा डाल रहा है।
क्या परिसीमन पर सरकार की कोई घोषणा हुई है?
BJP नेता शाहनवाज हुसैन के बयान के अनुसार, सरकार ने परिसीमन को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यह प्रक्रिया कब और कैसे शुरू होगी, इस पर सरकार का आधिकारिक रुख अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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