परिसीमन पर BJP का पलटवार: शाहनवाज हुसैन बोले — सरकार ने कुछ कहा ही नहीं, कांग्रेस चिंतित क्यों?
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने 17 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। यह प्रतिक्रिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे उस पत्र पर आई, जिसमें प्रस्तावित परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की गई थी। हुसैन ने कहा कि सरकार ने परिसीमन के संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की है, ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष की आशंकाएँ बेबुनियाद हैं।
परिसीमन पर BJP का पक्ष
शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'सरकार ने परिसीमन को लेकर अभी कुछ नहीं कहा है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष पहले से ही इस मुद्दे पर चिंता जता रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को वास्तव में इस बात की आशंका है कि यदि सरकार परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है, तो महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार मिल जाएगा। गौरतलब है कि परिसीमन प्रश्न महिला आरक्षण के कार्यान्वयन से भी जुड़ा हुआ है।
त्योहारों के दौरान विरोध-प्रदर्शनों पर निशाना
BJP नेता ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर हिंदू त्योहारों के मौसम में विरोध-प्रदर्शन कर धार्मिक आयोजनों में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में इस समय नवरात्रि, दुर्गा पूजा और रामलीला जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन चल रहे हैं और आगे दीपावली तथा छठ पूजा भी आने वाली हैं। हुसैन ने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष ईद या बकरीद जैसे पर्वों के दौरान भी इसी प्रकार के प्रदर्शन करता है?
व्यापारियों पर संभावित असर
त्योहारी सीजन में विरोध-प्रदर्शनों के आर्थिक प्रभाव पर भी हुसैन ने बात की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से दीपावली तक का समय बाज़ारों का सबसे बड़ा खरीदारी सीजन होता है और प्रदर्शनों के कारण पुलिस को अतिरिक्त बंदोबस्त करना पड़ता है, जिससे व्यापारियों और आम नागरिकों दोनों को असुविधा हो सकती है। उन्होंने इसे 'जानबूझकर की गई योजना' करार दिया।
कांग्रेस का रुख और राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब परिसीमन का मुद्दा दक्षिण भारतीय राज्यों सहित कई विपक्षी दलों की चिंता का विषय बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि जनसंख्या-आधारित परिसीमन से दक्षिण के राज्यों की संसद में प्रतिनिधित्व कम हो सकती है। खड़गे द्वारा लिखे गए पत्र में इन्हीं चिंताओं को रेखांकित करते हुए सर्वदलीय चर्चा की माँग की गई थी।
आगे क्या होगा
BJP और कांग्रेस के बीच परिसीमन पर यह वाकयुद्ध आने वाले हफ्तों में और तेज़ होने की संभावना है, विशेषकर जब संसद का अगला सत्र नज़दीक आएगा। कथित तौर पर कई क्षेत्रीय दलों ने भी इस विषय पर अपनी राय सार्वजनिक करने की तैयारी की है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो सकता है।