क्या पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान भाजपा ने सबसे अधिक 61,451 दावे-आपत्तियां दर्ज की?
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा दर्ज किए गए दावों और आपत्तियों का एक दैनिक बुलेटिन जारी किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल द्वारा सोमवार को जारी किए गए बुलेटिन के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा कुल 2,09,438 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
बुलेटिन के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सबसे अधिक 61,451 दावे-आपत्तियां, जिनमें 1 नाम जोड़ने और शून्य नाम हटाने के लिए, दर्ज की हैं। इसके बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीआई-एम) ने 49,436 दावे दर्ज किए हैं। कांग्रेस ने 18,777 और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) ने 77,867 दावे-आपत्तियां पेश की हैं। आम आदमी पार्टी (आप) ने 21, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने शून्य और अन्य छोटे दलों ने मिलाकर 2,091 दावे दर्ज किए हैं।
राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त ब्लॉक लेवल एजेंट्स (बीएलए) के माध्यम से प्राप्त कुल दावों में केवल 8 नाम जोड़ने के लिए हैं, जबकि कोई भी नाम हटाने की आपत्ति नहीं आई है। वहीं, आम जनता से प्राप्त दावों में फॉर्म 6 के तहत 33,10,075 नाम जोड़ने के आवेदन आए हैं। फॉर्म 7 के तहत ड्राफ्ट रोल प्रकाशन से पहले 56,867 नाम हटाने के आवेदन प्राप्त हुए थे।
ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल प्रकाशन के बाद आम मतदाताओं से सीधे प्राप्त दावों और आपत्तियों की संख्या 206,237 (नाम जोड़ने के लिए) और 38,489 (नाम हटाने के लिए) है। निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि बिना निर्धारित फॉर्म और घोषणा पत्र के प्राप्त सामान्य शिकायतें दावों में नहीं गिनी जाती हैं।
एसआईआर की प्रक्रिया 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक चल रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी दलों और मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित फॉर्म और प्रक्रिया के तहत ही दावे-आपत्तियां दर्ज करें।