पश्चिम एशिया में एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बाद कच्चे तेल में 4% की वृद्धि

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पश्चिम एशिया में एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बाद कच्चे तेल में 4% की वृद्धि

सारांश

पश्चिम एशिया में एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 4% से अधिक की वृद्धि हुई है। यह स्थिति भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी प्रभाव डाल सकती है।

मुख्य बातें

पश्चिम एशिया में एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर खतरे की संभावना है।
इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा है।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमले के परिणामस्वरूप, गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।

इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 111.78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो कि पिछले बंद भाव से 4.10 प्रतिशत अधिक था।

वहीं, न्यूयॉर्क मैक्स एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) की कीमत अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट में 3.37 प्रतिशत बढ़कर 99.57 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के बाद तेल की कीमतों में यह उछाल आया। इसे विश्व का सबसे बड़ा गैस फील्ड माना जाता है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कतर के प्रमुख वैश्विक गैस हब, रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया।

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।

कतर एनर्जी के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि आज शाम रस लाफान औद्योगिक शहर पर मिसाइल हमले हुए हैं। बड़े पैमाने पर नुकसान होने के कारण लगी आग को बुझाने के लिए आपातकालीन बचाव दल तुरंत तैनात किए गए। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का भारत पर सीधा असर होने की संभावना है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है।

इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल द्वारा साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर हमले के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर और हमले करने का विरोध किया है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, "मध्य पूर्व में जो कुछ हुआ है, उससे नाराज होकर इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र नामक एक प्रमुख प्लांट पर हमला किया है। इससे पूरे प्लांट का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा ही क्षतिग्रस्त हुआ है।"

एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हुए इस हमले से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक बाजारों में भी अस्थिरता आई है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम एशिया में एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला क्यों हुआ?
यह हमला ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के जवाब में हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए कीमतों में वृद्धि से देश की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
क्या कतर की औद्योगिक सिटी पर हमले में किसी के हताहत होने की सूचना है?
फिलहाल सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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