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क्या पश्चिम बंगाल सरकार ने अगले डीजीपी के लिए केंद्र को आठ नाम भेजे?

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क्या पश्चिम बंगाल सरकार ने अगले डीजीपी के लिए केंद्र को आठ नाम भेजे?

सारांश

पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्रीय सरकार को अगले डीजीपी के लिए आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम भेजे हैं। इस बार की सूची में राजीव कुमार सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। क्या यह नियुक्ति प्रक्रिया सही दिशा में है? जानिए सभी विवरण!

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने अगले डीजीपी के लिए नाम भेजे।
राजीव कुमार का नाम प्रशासनिक कारणों से शामिल किया गया।
यूपीएससी का चयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।
यह दूसरी बार है जब सूची भेजी गई है।
अंतिम चयन २९ जनवरी को होगा।

कोलकाता, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने अगले पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के लिए केंद्रीय सरकार को आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची प्रस्तुत की है। सरकारी सूत्रों से यह जानकारी मिली है।

यह सूची २१ जनवरी को दिल्ली में भेजी गई थी और इसमें कार्यवाहक डीजीपी राजीव कुमार का नाम शामिल है, जो ३१ जनवरी को रिटायर हो रहे हैं।

अन्य नामों में रणवीर कुमार, देबाशिश रॉय, अनुज शर्मा, जगमोहन, एन. रमेश बाबू और सिध्दिनाथ गुप्ता शामिल हैं।

नियमों के अनुसार, राज्य सरकार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक सूची संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजती है। इसके बाद यूपीएससी की कमेटी तीन नाम चुनकर राज्य सरकार को अंतिम निर्णय के लिए वापस भेजती है।

सूत्रों ने बताया कि प्रशासनिक कारणों से राजीव कुमार का नाम शामिल किया गया है, क्योंकि वे पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से एक थे, जब पिछले डीजीपी मनोज मलाविया दिसंबर २०२३ में रिटायर हुए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका नाम शामिल होने का मतलब पुनर्नियुक्ति की गारंटी नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, पीयूष पांडे, राजेश कुमार और रणवीर कुमार पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पीयूष पांडे पूर्व एसपीजी अधिकारी हैं और वर्तमान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि, अंतिम चयन इन्हीं तीन में से होगा या नहीं, यह भी अभी निश्चित नहीं है।

यह दूसरी बार है जब राज्य ने डीजीपी पद के लिए सूची यूपीएससी को भेजी है। पिछली सूची, जो २७ दिसंबर २०२३ को भेजी गई थी, त्रुटियों के कारण यूपीएससी द्वारा लौटाई गई थी। नियमों के अनुसार, सूची को मलाविया के रिटायरमेंट से कम से कम तीन महीने पहले, यानी सितंबर २०२३ तक यूपीएससी को भेजा जाना चाहिए था। वहीं, आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया कि वे सभी योग्यता मानदंडों को पूरा करने के बावजूद अनुचित रूप से सूची में शामिल नहीं किए गए।

याचिका पर कार्रवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को पिछले बुधवार को २३ जनवरी तक सूची फिर से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यूपीएससी को भी २८ जनवरी को अपनी कमेटी बुलाकर नामों पर विचार करने का आदेश दिया। आयोग की उम्मीद है कि २९ जनवरी तक तीन शॉर्टलिस्टेड उम्मीदवारों को राज्य सरकार को भेज देगा, जिसके बाद राज्य सरकार निर्णय लेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें राज्य सरकार के निर्णय और संघ लोक सेवा आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह नियुक्ति प्रक्रिया न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसकी राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल के अगले डीजीपी के लिए कौन-कौन से नाम भेजे गए हैं?
पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्रीय सरकार को आठ नाम भेजे हैं, जिनमें राजीव कुमार, रणवीर कुमार, और अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल हैं।
राजीव कुमार का नाम सूची में क्यों है?
राजीव कुमार का नाम प्रशासनिक कारणों से शामिल किया गया है, वे पश्चिम बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में से एक हैं।
डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया कैसे होती है?
राज्य सरकार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची यूपीएससी को भेजती है, जो तीन नामों का चयन करती है और फिर राज्य सरकार को भेजती है।
राष्ट्र प्रेस
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