क्या पसमांदाओं को वक्फ की संपत्ति का अधिकार मिलेगा? : दिलीप जायसवाल

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क्या पसमांदाओं को वक्फ की संपत्ति का अधिकार मिलेगा? : दिलीप जायसवाल

सारांश

पटना में आयोजित 'पसमांदा मिलन समारोह' में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पसमांदा समाज की संपत्ति और अधिकारों पर चर्चा की। जानें इस समारोह में क्या कहा गया और पसमांदा समाज के भविष्य के लिए क्या योजनाएं हैं।

मुख्य बातें

पसमांदा मिलन समारोह का आयोजन भाजपा द्वारा किया गया।
दिलीप जायसवाल ने वक्फ संपत्ति पर अधिकार देने का आश्वासन दिया।
पसमांदा समाज के अधिकारों पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी वर्गों के विकास की बात की।
समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाने का प्रयास।

पटना, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में सोमवार को 'पसमांदा मिलन समारोह' का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पसमांदा समाज के लोगों ने भाग लिया।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने 'पसमांदा मिलन समारोह' में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "वक्फ कानून के लागू होने के बाद पसमांदा समाज में जागरूकता आई है कि वक्फ के पास उनकी जो संपत्ति हैं और उससे जो आय होती है, उन पर उनका अधिकार है। पसमांदा का मतलब 90 प्रतिशत पिछड़ा ओबीसी है। ये लोग वक्फ की संपत्ति से वंचित रह जाते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है - 'सबका साथ, सबका विकास'। इसका मतलब है कि हमारे पसमांदा भाई को वक्फ की संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है।"

पसमांदा समाज के भाजपा समर्थक गुलाम अख्तर अंसारी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से कहा, "एमवाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण की हवा निकल चुकी है, लोकसभा में इसका असर दिखा था। अब जो थोड़ा बहुत बचा है, वह भी इस चुनाव में खत्म हो जाएगा। जिनकी संख्या ज्यादा होती है, वही वोट देते हैं। गरीब लोग वोट करते हैं। अधिकांश गरीब हमारा पसमांदा समाज है, जिन्हें ठगने का काम आजादी से लेकर अब तक किया गया। मोदी सरकार सत्ता में है, ऐसे में कहां मुसलमानों पर जुल्म हो रहा है? जितनी योजनाएं आती हैं, उसका सभी को लाभ मिलता है। अब पीएम मोदी पसमांदा मुसलमान को मुख्यधारा से जोड़ने की बात करते हैं। भाजपा मुसलमानों की पार्टी है, ऐसा भ्रम लोगों के अंदर जानबूझकर फैलाया गया है। लोग पूरी तरह जागरूक हैं, भ्रम फैलाने से काम नहीं चलेगा।"

पसमांदा समाज के भाजपा समर्थक डॉ. नसीम अहमद ने कहा, "आजादी के बाद से बहुत से प्रधानमंत्री हुए, लेकिन आज तक किसी ने वक्फ और पसमांदा मुसलमानों के बारे में नहीं सोचा। लेकिन पीएम मोदी ने बताया कि पसमांदाओं के लिए वक्फ बोर्ड जरूरी है। बिहार सरकार को गरीबों पसमांदाओं के बारे में सोचना चाहिए।"

दिलीप जायसवाल ने कार्यक्रम की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा करते हुए लिखा, समानता, संवाद और विकास, यही हमारा संकल्प है! भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित 'पसमांदा मिलन समारोह' में सम्मिलित होकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा उपस्थित जनों को संबोधित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद कमरूजमा अंसारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल समेत अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सभी वर्गों के अधिकारों का संरक्षण करे।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पसमांदा समाज क्या है?
पसमांदा समाज भारत में एक महत्वपूर्ण पिछड़ा वर्ग है, जिसमें मुख्य रूप से मुसलमान शामिल हैं।
वक्फ संपत्ति का अधिकार क्या है?
वक्फ संपत्ति का अधिकार वह कानूनी अधिकार है जिसके तहत वक्फ के पास मौजूद संपत्तियों पर संबंधित समुदाय का नियंत्रण होता है।
क्या भाजपा पसमांदा समाज के लिए काम कर रही है?
जी हां, भाजपा ने पसमांदा समाज के अधिकारों को मान्यता देने और उनके लिए योजनाएं बनाने का वादा किया है।
राष्ट्र प्रेस
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