पटियाला में नवाब खान की हत्या: स्कॉर्पियो से अपहरण, शव ड्रेन में मिला; एफआईआर दर्ज, छापेमारी जारी
सारांश
मुख्य बातें
पटियाला के डकाला इलाके में 24 अक्टूबर 2026 को एक युवक नवाब खान को काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी से अगवा कर बाद में हत्या कर दी गई। पुलिस ने थाना पसियाणा में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। घटना की सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद जाँच में तेज़ी आई है।
घटनाक्रम: अपहरण से हत्या तक
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने डकाला इलाके में नवाब खान की गाड़ी को स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर रोका और उन्हें जबरन उठा लिया। इसके बाद आरोपियों ने पटियाला-संगरूर हाईवे पर काला झाड़ टोल प्लाजा से पहले उनकी हत्या कर शव को ड्रेन में फेंक दिया। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई, जिसकी फुटेज सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैली।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी सिटी मोहित अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही कोई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच पूरी गंभीरता से की जा रही है। काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार सभी आरोपी अभी तक फरार हैं।
सियासी बयानबाज़ी तेज़
इस हत्याकांड के बाद पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पंजाब में लाशों के ढेर लग रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री की जवाबदेही तय नहीं हो रही। उन्होंने कहा, 'पटियाला में दिनदहाड़े स्कॉर्पियो को टक्कर मारकर नवाब खान को किडनैप कर लिया गया, फिर संगरूर में उनकी लाश मिली — पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है।'
मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की सेवा से समय निकालकर पंजाब की कानून-व्यवस्था पर ध्यान दें। वहीं, पंजाब भाजपा ने भी तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या यही 'रंगला पंजाब' है, जहाँ कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में संगठित अपराध और टारगेट किलिंग की घटनाओं को लेकर विपक्ष पहले से ही सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरता रहा है। गौरतलब है कि राज्य में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी पर सवाल उठते रहे हैं। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी से ही यह स्पष्ट होगा कि इस वारदात के पीछे कौन-से तार जुड़े हैं।