क्या पटना में 'शक्ति सुरक्षा दल' ने महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली?

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क्या पटना में 'शक्ति सुरक्षा दल' ने महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली?

सारांश

बिहार की राजधानी पटना में 'शक्ति सुरक्षा दल' ने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 1,909 मामले दर्ज किए हैं। जानिए इस विशेष दल की कार्यप्रणाली और महिलाओं की सुरक्षा में इसकी भूमिका।

मुख्य बातें

शक्ति सुरक्षा दल ने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
नवंबर में 1,909 शिकायतें दर्ज की गईं।
टीम में अनुभवी पुलिसकर्मी शामिल हैं।
महिलाओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
सहायता के लिए दो मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं।

पटना, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के शर्मा के निर्देशानुसार महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए गठित “शक्ति सुरक्षा दल” ने अपने कार्यों में प्रगति दिखानी शुरू कर दी है।

यह विशेष इकाई पटना पुलिस द्वारा स्थापित की गई है और यह स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के आसपास सक्रिय रूप से तैनात है। यह दल सीधे युवतियों से संवाद करता है और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान करता है।

नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) दीक्षा ने जानकारी दी कि पटना के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं।

नवंबर के महीने में, 1,909 महिलाओं और लड़कियों ने उत्पीड़न, पीछा करने, ब्लैकमेलिंग और आपातकालीन सहायता के लिए इस इकाई से संपर्क किया।

इस दौरान, 65 मामलों में सलाह दी गई, 45 शिकायतों की जांच की गई, और 23 गंभीर मामलों को कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थानों को सौंपा गया।

एसपी दीक्षा ने एक मामले का उल्लेख किया जिसमें एक युवती की निजी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी और उन्हें इंस्टाग्राम पर प्रसारित किया जा रहा था।

शक्ति सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई की, पीड़िता से बातचीत की और आरोपी से पूछताछ की। इस प्रक्रिया में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई, जिससे पीड़िता को काफी राहत मिली।

उन्होंने बताया कि अधिक सुलभ और छात्र-अनुकूल पुलिसिंग वातावरण सुनिश्चित करने के लिए टीम में इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और महिला कांस्टेबल शामिल हैं। इनका कार्य स्कूल और कॉलेज के समय में गश्त करना है।

एसपी ने यह भी बताया कि व्यस्त स्थानों पर इस इकाई को अक्सर सादे कपड़ों में तैनात किया जाता है, जिससे युवतियां बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी समस्याएं बता सकें और पुलिस अपराधियों को बिना किसी तैयारी के पकड़ सके।

पटना पुलिस ने महिलाओं और लड़कियों से बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं साझा करने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि उनकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।

सहायता के लिए दो मोबाइल नंबर—9296598170 और 9296580210—भी जारी किए गए हैं।

-राष्ट्र प्रेस

संपादकीय दृष्टिकोण

और पटना का 'शक्ति सुरक्षा दल' इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यह पहल न केवल सुरक्षा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति एक सकारात्मक बदलाव भी ला रही है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शक्ति सुरक्षा दल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस दल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
क्या महिलाएं अपनी समस्याएं साझा कर सकती हैं?
हां, पटना पुलिस ने महिलाओं से बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी समस्याएं साझा करने का आग्रह किया है।
इस दल में कौन-कौन शामिल हैं?
इस दल में इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और महिला कांस्टेबल शामिल हैं।
क्या शिकायतों की गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है?
जी हां, शिकायत करने वाली महिलाओं की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।
सहायता के लिए संपर्क नंबर क्या हैं?
सहायता के लिए दो मोबाइल नंबर—9296598170 और 9296580210—जारी किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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