पटना पुलिस का बड़ा एक्शन: डॉक्टरों-व्यापारियों को लूटने की साजिश नाकाम, चार गिरफ्तार; हथियार-सोना बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पटना में 21 अगस्त को पुलिस ने दो अलग-अलग अभियानों में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। पटना ईस्ट क्षेत्र में तीन सशस्त्र संदिग्धों को डॉक्टरों और व्यापारियों को निशाना बनाने की कथित योजना के साथ दबोचा गया, जबकि अगमकुआं थाना पुलिस ने एक कथित धारावाहिक चोर को गिरफ्तार कर 165 ग्राम सोना और लगभग 3.4 किलोग्राम चाँदी के गहने बरामद किए।
मुख्य घटनाक्रम: बाईपास इलाके में छापेमारी
पटना ईस्ट की एसपी शैलजा ने बताया कि जिला पुलिस को सूचना मिली कि बाईपास पुलिस स्टेशन क्षेत्र स्थित डॉक्टर्स कॉलोनी के पास हथियारों और शराब के साथ कुछ संदिग्ध किसी बड़े अपराध की तैयारी में जुटे हैं। इस सूचना पर जिला इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) और बाईपास पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल छापेमारी की।
छापे में रोहित कुमार, रुस्तम उर्फ रफ्तार और रोहित कुमार उर्फ माही को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से दो देसी पिस्तौल, एक देसी कट्टा, 24 जिंदा कारतूस, दो मैगजीन, इंडियन-मेड फॉरेन लिकर (IMFL), दो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किए।
आरोपियों का कथित इरादा
पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टरों और व्यापारियों को लूटने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने बाईपास थाने में आर्म्स एक्ट और शराब निषेध कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।
दूसरा ऑपरेशन: धारावाहिक चोर गिरफ्तार, ₹15 लाख से अधिक की चोरी कबूली
इसी दिन अगमकुआं पुलिस ने दीपक साहनी को गिरफ्तार किया, जिस पर कई घरों में चोरी करने का आरोप है। उसके पास से 165 ग्राम सोना, लगभग 3.4 किलोग्राम चाँदी के गहने, ₹80,000 नकद, चोरी के औजार और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई।
पूछताछ में साहनी ने कथित तौर पर ₹15 लाख से अधिक की चोरी करना कबूल किया। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जाँच जारी है।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
एसपी शैलजा ने कहा कि पटना पुलिस अपराधियों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध चौबीसों घंटे अभियान चला रही है। यह कार्रवाई राजधानी में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के व्यापक पुलिस अभियान का हिस्सा है। गौरतलब है कि पटना में पेशेवर वर्ग — विशेषकर डॉक्टर और व्यापारी — को निशाना बनाने की घटनाओं को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है।
आगे की कार्रवाई
दोनों मामलों में पुलिस जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और पूर्व वारदातों की भी पड़ताल की जा रही है। बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाना पुलिस की प्राथमिकता है।