PM किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त: बिहार के 73 लाख किसानों को ₹1,476 करोड़ सीधे खातों में
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों — संतोष सुमन, श्रेयसी सिंह और विजय सिन्हा — ने 30 अक्टूबर 2026 को पटना में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त को किसानों की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक अहम कदम करार दिया। मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण, तकनीकी एकीकरण और कृषि आधारित उद्योग के जरिये किसानों की स्थिति सुदृढ़ करने में जुटी है, न कि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने में।
किस्त की रकम और लाभार्थी
मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि इस किस्त के अंतर्गत देशभर के 9 करोड़ 34 लाख किसानों के खातों में ₹18,600 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से भेजी गई है। अकेले बिहार के 73 लाख किसानों को ₹1,476 करोड़ सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। उन्होंने इसे किसानों का मनोबल बढ़ाने वाला कदम बताया।
गौरतलब है कि बिहार की लगभग 76 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और राज्य में 94-95 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। ऐसे में यह प्रत्यक्ष सहायता उनकी आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खाद सब्सिडी और विपक्ष के आरोप
मंत्री संतोष सुमन ने खाद की कीमतों पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वैश्विक संकट और मध्य एशिया में जारी संघर्ष के बावजूद सरकार ने किसानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है। उनके अनुसार, जो यूरिया बाज़ार में कुछ जगहों पर ₹3,000 तक बताई जा रही है, वह किसानों को ₹300-₹350 में उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह, जो अन्य खाद ₹5,000 में बिकती है, वह किसानों को ₹1,300 में दी जा रही है।
सुमन ने विपक्ष पर किसानों के मुद्दे पर भ्रम और अराजकता फैलाने की राजनीति करने का आरोप लगाया। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात के बनासकांठा से विभिन्न केंद्रीय कृषि योजनाओं की शुरुआत की गई है और सम्मान निधि की नई किस्त किसानों के खातों में भेजी गई है।
उद्योग और फूड प्रोसेसिंग से किसानों को जोड़ने की कोशिश
मंत्री श्रेयसी सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में उद्योग विभाग फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी योजनाओं को ज़मीन पर उतार रहा है। उन्होंने पुरानी चीनी मिलों को पुनः चालू करने की सफलता का उल्लेख किया और कहा कि बिहार में एशिया का सबसे बड़ा इथेनॉल प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इन पहलों का लाभ उद्यमियों के साथ-साथ स्थानीय किसानों को भी मिलेगा।
विजय सिन्हा ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर भी बल दिया। उनके अनुसार, फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड मुक्त कृषि न केवल किसानों की लागत घटाएगी, बल्कि देश को स्वस्थ रखने में भी योगदान देगी।
अनंत सिंह की जमानत और एमएलसी चुनाव पर प्रतिक्रिया
मंत्रियों ने अनंत सिंह की जमानत रद्द होने के मामले पर कहा कि यह न्यायिक और संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है और अदालत के निर्णय का सम्मान करना सभी का दायित्व है। बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार की जनता अब जाति-आधारित राजनीति से ऊपर उठकर विकास और सेवा भाव को प्राथमिकता दे रही है।
राजद की ओर से बैलेट पेपर चुनाव की माँग पर सिन्हा ने कहा कि बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली, फिर भी विपक्ष आंदोलन कर रहा है — यह दोहरे मापदंड का उदाहरण है।
आर्थिक वृद्धि और विकसित भारत का लक्ष्य
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की भारत की आर्थिक वृद्धि पर टिप्पणी के जवाब में संतोष सुमन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई देश मंदी की चपेट में हैं, जबकि भारत की जीडीपी वृद्धि सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का संकल्प इसी आर्थिक प्रगति की नींव पर टिका है और देश तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर है।