PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर यूपी में 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू, लखनऊ में फल वितरण और रक्तदान शिविर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत की। यह महीने भर चलने वाला अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक राज्यभर में विभिन्न सेवा गतिविधियों के साथ संचालित किया जाएगा। अभियान की शुरुआत लखनऊ के सिविल अस्पताल से हुई, जहाँ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मरीजों को फलों की टोकरियाँ वितरित कीं।
अभियान की मुख्य गतिविधियाँ
BJP के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर के बीच राज्य के अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और युवाओं तथा विद्यार्थियों से जुड़े आयोजन प्रस्तावित हैं। अभियान को प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य से भी जोड़ा गया है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि लखनऊ के सिविल अस्पताल से फल वितरण की शुरुआत की गई है और इसी तर्ज पर राज्य के अन्य अस्पतालों में भी इस तरह के आयोजन होंगे। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
सेवा अभियान का राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 करीब आ रहे हैं और BJP जनसंपर्क को मजबूत करने में जुटी है। गौरतलब है कि BJP हर वर्ष प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 'सेवा पखवाड़ा' अथवा इसी प्रकार के सामाजिक सेवा कार्यक्रम आयोजित करती रही है — इस बार अभियान की अवधि एक माह रखी गई है।
सपा पर BJP का पलटवार
इसी दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी (SP) पर भी निशाना साधा। SP ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए राज्य के सभी 75 जिलों के लिए अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करने की योजना सामने रखी है, जिसमें स्थानीय मुद्दों, आकांक्षाओं और विकास प्राथमिकताओं को शामिल करने की बात कही गई है।
पाठक ने इस पर आरोप लगाया कि SP का घोषणापत्र 'गुंडे और माफिया' तय करते हैं। उन्होंने 'एक जिला, एक माफिया' को SP का उद्देश्य बताया। SP ने इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
आम जनता और मरीजों पर असर
अभियान के तहत सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। रक्तदान शिविरों से रक्त-भंडार में भी वृद्धि होने की संभावना है, जो सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के लिए उपयोगी हो सकती है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे आयोजन चुनावी वर्ष में पार्टी की जमीनी उपस्थिति बढ़ाने का माध्यम भी बनते हैं।
आगे की राह
BJP के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अगले एक माह में यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश में विस्तारित होगा। 17 अक्टूबर 2026 को अभियान के समापन तक सभी जिलों में कम से कम एक रक्तदान शिविर और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के अभियान BJP की संगठनात्मक रणनीति का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं।