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बोंगांव में पीएम मोदी का टीएमसी पर वार: 'मां रोई, माटी बिकी, मानुष हुआ बेघर'

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बोंगांव में पीएम मोदी का टीएमसी पर वार: 'मां रोई, माटी बिकी, मानुष हुआ बेघर'

सारांश

बोंगांव विजय संकल्प सभा में PM मोदी ने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि 'मां-माटी-मानुष' का नारा देकर सत्ता में आई TMC ने बंगाल को बर्बाद किया। महिलाओं के लिए ₹5 लाख मुफ्त इलाज, बेटियों को ₹50,000 और सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण का वादा किया।

मुख्य बातें

पीएम नरेंद्र मोदी ने 26 अप्रैल को बोंगांव विजय संकल्प सभा में TMC पर हमला बोला।
TMC के 'मां-माटी-मानुष' नारे को खोखला बताते हुए कहा — मां रोई, माटी बिकी, मानुष पलायन को मजबूर हुआ।
महिलाओं के लिए ₹5 लाख मुफ्त इलाज, ₹50,000 बेटियों की पढ़ाई के लिए और सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण का वादा।
संदेशखाली का जिक्र करते हुए TMC सरकार पर महिला सुरक्षा में विफलता का आरोप।
जूट MSP दोगुना और खरीद तीन गुना बढ़ाने का दावा; हर घर जल और मुफ्त राशन योजना का उल्लेख।
4 मई के बाद भाजपा सरकार बनने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा।

बोंगांव (पश्चिम बंगाल), 26 अप्रैल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बोंगांव में आयोजित विजय संकल्प सभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी की क्रूर शासन-व्यवस्था ने बंगाल की आत्मा — मां, माटी और मानुष — तीनों को तहस-नहस कर दिया है। यह रैली ऐसे समय हुई जब पश्चिम बंगाल चुनाव का दूसरा चरण करीब है और भाजपा बोंगांव सीट पर मजबूत दावेदारी कर रही है।

टीएमसी पर सीधा हमला: 'मां-माटी-मानुष' का नारा बना खोखला

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "15 साल पहले टीएमसी 'मां-माटी-मानुष' का नारा देकर सत्ता में आई थी, लेकिन आज उनके मुंह से ये शब्द तक नहीं निकलते।" उन्होंने तीखे अंदाज में जोड़ा कि अगर टीएमसी नेता इस नारे का जिक्र करेंगे तो उनके पाप खुद-ब-खुद सामने आ जाएंगे।

पीएम ने कहा, "टीएमसी की निर्ममता ने मां को रुलाया, माटी को सिंडिकेट और घुसपैठियों के हवाले किया और मानुष को पलायन के लिए मजबूर किया।" गौरतलब है कि बोंगांव बांग्लादेश सीमा से सटा इलाका है, जहां घुसपैठ और पलायन दोनों ही दीर्घकालिक समस्याएं रही हैं। इस क्षेत्र में मतुआ समुदाय की बड़ी आबादी है, जो नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर भाजपा के करीब मानी जाती है।

नेताजी के नाम पर भाजपा का वोट अपील

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "नेताजी ने कहा था — 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।' आज बंगाल को आपके एक वोट की जरूरत है। आप हमें वोट दीजिए, हम आपको टीएमसी से आजादी दिलाएंगे।"

यह बयान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि बंगाल में नेताजी की विरासत पर टीएमसी और भाजपा दोनों दावा करते हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी नेताजी को अपनी राजनीतिक प्रेरणा बताती रही हैं। ऐसे में भाजपा का यह दांव बंगाल की राजनीतिक भावनाओं को सीधे छूने की कोशिश है।

महिला सुरक्षा पर टीएमसी को घेरा, संदेशखाली का जिक्र

प्रधानमंत्री ने संदेशखाली का उल्लेख करते हुए कहा, "टीएमसी के महाजंगलराज की सबसे बड़ी पीड़ित हमारी बहनें और बेटियां हैं। संदेशखाली में बहनों के साथ अन्याय हुआ, लेकिन सरकार ने गुंडों का साथ दिया।" उन्होंने आरोप लगाया कि बेटियां लापता हो रही हैं और राज्य सरकार मूकदर्शक बनी है।

यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है जब जनवरी-फरवरी 2024 में संदेशखाली में महिलाओं के उत्पीड़न के आरोपों ने राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचाई थी। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया था। 4 मई के बाद भाजपा सरकार बनने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया गया।

महिलाओं और गरीबों के लिए भाजपा के बड़े वादे

पीएम मोदी ने भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं के लिए कई घोषणाएं कीं:

₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज
जन औषधि केंद्रों पर 80% तक सस्ती दवाएं
ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की जांच और टीकाकरण मुफ्त
— गर्भावस्था के दौरान ₹21,000 की सहायता
— बेटियों की ग्रेजुएशन के लिए ₹50,000 की मदद
— हर साल ₹36,000 सीधे महिलाओं के बैंक खाते में
— सरकारी नौकरियों में बेटियों को 33% आरक्षण
— आंगनवाड़ी और महिला स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन में सुधार

इसके अतिरिक्त पक्का घर न होने वाली महिलाओं को ₹1.5 लाख की सहायता और छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए ₹80,000 की मदद देने का भी वादा किया गया।

जूट किसान और आम जनता के मुद्दे

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दोगुना किया है और जूट किसानों से खरीद तीन गुना बढ़ाई है। गेहूं और चावल की पैकेजिंग में जूट को अनिवार्य करने और सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने का भी जिक्र किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का सिंडिकेट जूट मिलों को ठीक से काम नहीं करने देता। बोंगांव और आसपास के जिलों में जूट किसानों की बड़ी संख्या है, इसलिए यह मुद्दा चुनावी दृष्टि से अत्यंत प्रासंगिक है।

पीएम ने यह भी कहा कि टीएमसी सरकार ने लोगों को आर्सेनिक युक्त पानी पीने पर मजबूर किया है, जबकि भाजपा 'हर घर जल' योजना के तहत साफ पानी पहुंचाने का काम करेगी। साथ ही भाजपा की मुफ्त राशन योजना से परिवारों को सालाना ₹7,000 से ₹10,000 तक की बचत होती है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के नतीजे 4 मई के बाद स्पष्ट होंगे और यह देखना दिलचस्प होगा कि बोंगांव जैसी सीमावर्ती सीटों पर भाजपा का यह आक्रामक चुनाव प्रचार कितना असरदार साबित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आज वही नारा उनके खिलाफ सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है। संदेशखाली से लेकर जूट मिलों तक, पीएम मोदी ने हर उस मुद्दे को छुआ जो बोंगांव जैसी सीमावर्ती सीट पर मतदाताओं को सीधे प्रभावित करता है। हालांकि असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार की योजनाओं का श्रेय लेने की भाजपा की कोशिश उस जमीनी नाराजगी को पाट सकती है जो TMC के दशक भर के शासन ने पैदा की है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोंगांव रैली में पीएम मोदी ने TMC पर क्या आरोप लगाए?
पीएम मोदी ने कहा कि TMC ने 'मां-माटी-मानुष' के नारे को धोखा दिया — मां को रुलाया, माटी को सिंडिकेट के हवाले किया और मानुष को पलायन के लिए मजबूर किया। उन्होंने संदेशखाली में महिलाओं के उत्पीड़न का भी जिक्र किया।
PM मोदी ने बोंगांव में महिलाओं के लिए क्या वादे किए?
भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं को ₹5 लाख मुफ्त इलाज, गर्भावस्था में ₹21,000 सहायता, बेटियों की ग्रेजुएशन के लिए ₹50,000 और सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण देने का वादा किया गया। हर साल ₹36,000 सीधे महिलाओं के खाते में भेजने का भी ऐलान हुआ।
बोंगांव में जूट किसानों के लिए पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम ने बताया कि केंद्र सरकार ने जूट का MSP दोगुना किया है और किसानों से खरीद तीन गुना बढ़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC का सिंडिकेट जूट मिलों को ठीक से चलने नहीं देता।
पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जिक्र क्यों किया?
नेताजी के प्रसिद्ध नारे 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' की तर्ज पर पीएम ने कहा — 'आप हमें वोट दीजिए, हम आपको TMC से आजादी दिलाएंगे।' यह बंगाल की भावनात्मक राजनीति से जुड़ने की रणनीति है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में बोंगांव सीट का क्या महत्व है?
बोंगांव बांग्लादेश सीमा से सटा क्षेत्र है जहां मतुआ समुदाय का बड़ा प्रभाव है। यह समुदाय CAA को लेकर भाजपा के करीब माना जाता है, इसलिए यह सीट भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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