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पीएम मोदी ने हंगरी चुनाव में पीटर मग्यार की जीत पर दी बधाई, सहयोग का किया उल्लेख

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पीएम मोदी ने हंगरी चुनाव में पीटर मग्यार की जीत पर दी बधाई, सहयोग का किया उल्लेख

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हंगरी के चुनाव में पीटर मग्यार की जीत पर बधाई दी है। उन्होंने भारत और हंगरी के बीच सहयोग को बढ़ाने की उम्मीद जताई है। यह चुनाव हंगरी में राजनीतिक बदलाव का संकेत है।

मुख्य बातें

पीटर मग्यार की टिस्जा पार्टी ने हंगरी चुनाव में जीत हासिल की।
पीएम मोदी ने बधाई देते हुए सहयोग की उम्मीद जताई।
यह चुनाव हंगरी की राजनीति में एक नया मोड़ लाया है।
विक्टर ओरबान का १६ साल का शासन समाप्त हुआ।
भारत-हंगरी के रिश्ते साझा मूल्यों पर आधारित हैं।

नई दिल्ली, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पीटर मग्यार और उनकी टिस्जा पार्टी को हंगरी के संसदीय चुनावों में महत्वपूर्ण जीत पर बधाई दी। टिस्जा पार्टी की यह विजय यूरोपीय देश में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन का संकेत है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, पीएम मोदी ने लिखा, “पीटर मग्यार और टिस्जा पार्टी को आपकी असाधारण चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। भारत और हंगरी के बीच गहरी मित्रता, साझा मूल्य और आपसी सम्मान का संबंध है। मैं आपके साथ मिलकर काम करने और हमारे लोगों की समृद्धि और भलाई हेतु आवश्यक भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं।”

यह बधाई संदेश हंगरी के १२ अप्रैल के संसदीय चुनावों के बाद दिया गया है, जिसमें मग्यार की टिस्जा पार्टी को संसद में भारी बहुमत मिला। इस परिणाम ने विक्टर ओरबान का १६ साल का शासन समाप्त कर दिया। फिडेज पार्टी ने लगभग सभी मतों की गिनती के बाद हार मान ली थी।

चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो हंगरी के राजनीतिक भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है। ओरबान २०१० से सत्ता में थे और उन्होंने हंगरी के गवर्नेंस मॉडल को काफी हद तक बदल दिया, जिसे एक असहिष्णु देश बताया गया। उनके कार्यकाल में यूरोपीय यूनियन के साथ न्यायिक स्वतंत्रता, प्रेस की आजादी और नागरिक स्वतंत्रताओं को लेकर तनाव बना रहा।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भारत और हंगरी के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर जोर देता है। भारत-हंगरी के रिश्ते दशकों से राजनीतिक और आर्थिक बदलावों के बावजूद स्थिर रहे हैं। इस संबंध को ऐतिहासिक रूप से “करीबी और दोस्ताना” माना गया है। भारत और हंगरी के बीच का यह संबंध साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित है, भले ही हंगरी ने कोल्ड वॉर के बाद अपने विदेश नीति को फिर से तैयार किया हो।

बुडापेस्ट में नई नेतृत्व के हाथ में आने के साथ पीएम मोदी ने आपसी सहयोग को गहरा करने की उम्मीद जताई, विशेष रूप से भारत-यूरोपीय यूनियन की बड़ी साझेदारी के संदर्भ में।

मग्यार की जीत को न केवल हंगरी की स्थानीय राजनीति के लिए, बल्कि यूरोप में और भारत जैसे वैश्विक साझेदारी के साथ उसके भविष्य के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वैश्विक साझेदारी के लिए भी एक नई दिशा दिखाता है। यह चुनाव हंगरी में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत का प्रतीक है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीटर मग्यार की टिस्जा पार्टी ने हंगरी चुनाव में कब जीत हासिल की?
टिस्जा पार्टी ने हंगरी के संसदीय चुनावों में १२ अप्रैल २०२३ को जीत हासिल की।
पीएम मोदी ने किसे बधाई दी?
पीएम मोदी ने पीटर मग्यार और उनकी टिस्जा पार्टी को बधाई दी।
हंगरी में किस पार्टी का शासन समाप्त हुआ?
विक्टर ओरबान की फिडेज पार्टी का १६ साल का शासन समाप्त हुआ।
चुनाव में मतदान का स्तर कैसा था?
चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुआ, जो राजनीतिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत-हंगरी संबंधों की विशेषता क्या है?
भारत-हंगरी संबंध साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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