क्या पीएम मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया और यह समिट ग्लोबल ग्रोथ का बड़ा उदाहरण है?

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क्या पीएम मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया और यह समिट ग्लोबल ग्रोथ का बड़ा उदाहरण है?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया, जो 21वीं सदी के भारत की यात्रा को दर्शाता है। इस समिट ने ग्लोबल ग्रोथ के लिए नया मानक स्थापित किया है। जानिए इस महत्वपूर्ण आयोजन के बारे में और कैसे यह गुजरात की विकास यात्रा को नई दिशा दे रहा है।

Key Takeaways

  • वाइब्रेंट गुजरात एक ग्लोबल बेंचमार्क बन चुका है।
  • समिट में ग्लोबल ग्रोथ के लिए नई संभावनाएं हैं।
  • गुजरात का डेवलपमेंट और हेरिटेज दोनों महत्वपूर्ण हैं।
  • भारत अब दुनिया की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग इकॉनमी बन रहा है।
  • सौराष्ट्र और कच्छ के लोग मेहनत से अपनी किस्मत बदलते हैं।

राजकोट, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के राजकोट में मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'जब वाइब्रेंट गुजरात समिट का मंच सजता है, तो मुझे यह केवल एक समिट नहीं दिखती। मुझे यह 21वीं सदी के आधुनिक भारत की वह यात्रा नजर आती है, जो एक सपने से शुरू हुई और आज एक अटूट भरोसे तक पहुंच चुकी है।'

पीएम मोदी ने कहा कि दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात की यह यात्रा एक ग्लोबल बेंचमार्क बन गई है। वाइब्रेंट गुजरात समिट के विजन के साथ मैं पहले दिन से जुड़ा रहा हूं। सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर यह सफर शुरू हुआ है। मुझे वाइब्रेंट समिट में कोई समिट नहीं दिख रहा है। अब वाइब्रेंट समिट आगे बढ़ गया है। इसके 10 एडिशन हो चुके हैं। ग्लोबल पार्टनर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह समिट ग्लोबल ग्रोथ का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल ग्रोथ पार्टनरशिप का एक प्लेटफॉर्म बन गया है। अब वाइब्रेंट समिट इन्वेस्टमेंट से आगे बढ़ गया है। गुजरात का मतलब डेवलपमेंट के साथ-साथ हेरिटेज भी है। पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट समिट में बहुत कुछ नया हुआ है। यह समिट पोटेंशियल को रियलिटी में बदलता है।

पीएम मोदी ने कहा कि हम संभावनाओं पर फोकस करके आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात में कोऑपरेटिव सेक्टर भी एक्टिव है। हम हर सेक्टर की संभावनाओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं। भारत दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग देश है। आज भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम है। भारत ने पिछले कुछ सालों में बहुत तरक्की की है। आज ग्लोबल इंस्टीट्यूशन भारत को लेकर बुलिश हैं। आईएमएफ भारत को ग्लोबल ग्रोथ के इंजन के तौर पर दिखाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ रही हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। इंफ्लेशन काबू में है। एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। मिल्क प्रोडक्शन में नंबर वन है। जेनेरिक मेडिसिन प्रोडक्शन में नंबर वन है। दुनिया में जो सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाता है, वो भारत है।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ गुजरात के वो इलाके हैं जो हमें सिखाते हैं कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर आप ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, तो आपको सफलता जरूर मिलेगी। इसी कच्छ ने भूकंप देखे हैं। सौराष्ट्र में सूखा पड़ा था। लोगों को पानी के लिए किलोमीटरों दूर जाना पड़ता था। हर तरफ मुश्किलें थीं। आज युवाओं ने सिर्फ़ उस समय की कहानियाँ सुनी हैं। लोग कच्छ और सौराष्ट्र में ज्यादा समय तक रहने को तैयार नहीं थे। लेकिन, इतिहास गवाह है और समय बदलता है। सौराष्ट्र और कच्छ के लोग मेहनत से अपनी किस्मत बदलते हैं।

Point of View

बल्कि इसे एक वैश्विक मंच पर स्थापित करता है। पीएम मोदी का यह उद्घाटन एक नई दिशा का संकेत है, जो भारत की अर्थव्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेगा।
NationPress
12/01/2026

Frequently Asked Questions

वाइब्रेंट गुजरात समिट का उद्घाटन कब हुआ?
वाइब्रेंट गुजरात समिट का उद्घाटन 11 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया।
इस समिट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस समिट का मुख्य उद्देश्य गुजरात के विकास और ग्लोबल ग्रोथ को बढ़ावा देना है।
वाइब्रेंट गुजरात समिट में कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
इस समिट में कृषि, उद्योग, ऊर्जा, और अन्य क्षेत्रों की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
क्या यह समिट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह समिट वैश्विक स्तर पर निवेश को आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है।
पीएम मोदी ने इस समिट को लेकर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि यह समिट 21वीं सदी के भारत की यात्रा का प्रतीक है।
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