बोकारो में बेडरोल के माध्यम से झारखंड से बिहार शराब तस्करी का खुलासा, आरपीएफ ने किया भंडाफोड़
सारांश
Key Takeaways
- आरपीएफ ने बेडरोल कंपार्टमेंट के माध्यम से शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया।
- गिरफ्तार युवक का बेडरोल सप्लाई से संबंध था।
- शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी जारी है।
- बोकारो में रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता ने तस्करों की योजना को विफल किया।
- मामले की जांच जारी है और अन्य तस्करों की तलाश की जा रही है।
पटना, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में कई वर्षों से लागू शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब की तस्करी निरंतर विभिन्न तरीकों से की जा रही है। इस क्रम में झारखंड से बिहार तक शराब पहुँचाने का एक नया और चौंकाने वाला तरीका सामने आया है।
बोकारो रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता के कारण बेडरोल कंपार्टमेंट के माध्यम से हो रही शराब तस्करी का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है, जो ट्रेन में बेडरोल सप्लाई से जुड़ा हुआ था।
जानकारी के अनुसार, झारखंड से बिहार तक शराब की तस्करी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। बिहार में शराबबंदी के कारण कई लोग अवैध तरीके से शराब मंगवाते हैं और इसी का फायदा उठाकर तस्कर नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। पहले भी कई मामलों में यह सामने आया है कि बिहार में पकड़ी गई शराब का संबंध झारखंड से रहा है। तस्कर सड़क मार्ग और अन्य रास्तों से शराब भेजते रहे हैं, लेकिन इस बार रेलवे मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि बोकारो आरपीएफ पोस्ट के कमांडर संतोष कुमार के निर्देश पर ‘सतर्क नारकोष अभियान’ चलाया जा रहा था। इसी अभियान के दौरान आरपीएफ की टीम ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रख रही थी। इसी क्रम में हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 18626) में जांच के दौरान एक संदिग्ध बैग मिला, जो बेडरोल कंपार्टमेंट में रखा हुआ था।
आरपीएफ को पहले ही इस बैग पर शक हो गया था। जब अधिकारियों ने इसकी जांच करनी चाही तो बेडरोल सप्लाई से जुड़े कर्मचारी अजीत सिंह ने उन्हें बरगलाने की कोशिश की और मामला वहीं खत्म करने का प्रयास किया। हालांकि आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर बलराम मीणा को स्थिति संदिग्ध लगी और उन्होंने बैग की जांच कराने का निर्णय लिया। इस दौरान उनके साथ एएसआई डी.के. द्विवेदी और सिपाही हेमराज मीणा भी मौजूद थे।
जब बैग की तलाशी ली गई तो उसमें से कई ब्रांड की शराब की बोतलें बरामद हुईं। यह देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए, क्योंकि बेडरोल कंपार्टमेंट का इस्तेमाल शराब तस्करी के लिए किया जा रहा था। जांच में पता चला कि ट्रेन की ए-1 और बी-1 बोगी के बेडरोल सेक्शन में शराब छिपाकर रखी जाती थी और फिर उसे सुरक्षित तरीके से बिहार तक पहुँचाया जाता था।
सूत्रों के अनुसार, तस्कर शराब से भरे बैग को बेडरोल के सामान के साथ रख देते थे, जिससे किसी को शक नहीं होता था। इसके बाद बिहार पहुँचने पर नेटवर्क के जरिए इसे अलग-अलग जगहों पर सप्लाई कर दिया जाता था। इस बार भी बरामद शराब की खेप बिहार भेजी जा रही थी, लेकिन आरपीएफ की सतर्कता के कारण तस्करों की योजना विफल हो गई।
आरपीएफ ने बरामद शराब को जब्त कर लिया और मामले की जानकारी ट्रेन के टीटी को भी दी। इसके बाद बेडरोल सप्लाई से जुड़े कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि रेलवे मार्ग का इस्तेमाल कर लंबे समय से शराब की तस्करी की जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए उत्पाद विभाग के हवाले कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, इस महीने की यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है, क्योंकि पहली बार बेडरोल कंपार्टमेंट के जरिए शराब तस्करी का भंडाफोड़ हुआ है। इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों में जांच और निगरानी और भी सख्त कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी को रोका जा सके।