क्या झारखंड के बोकारो में नकली विदेशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ?

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क्या झारखंड के बोकारो में नकली विदेशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ?

सारांश

बोकारो में पुलिस ने नकली विदेशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए एक विस्तृत नेटवर्क का खुलासा किया। यह फैक्ट्री सब्जी के व्यापार के नाम पर चल रही थी, और यहां से शराब की खेप बिहार के कई जिलों में भेजी जाती थी। क्या पुलिस इस नेटवर्क के पीछे के मुख्य चेहरों तक पहुँच सकेगी?

मुख्य बातें

बोकारो में अवैध शराब का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया।
पुलिस ने सब्जी व्यापार की आड़ में चल रही फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
मौके से कई साक्ष्य बरामद किए गए।
आरोपी गाड़ियों में शराब छुपाकर सब्जियां लादते थे।
यह नेटवर्क बिहार तक फैला हुआ था।

बोकारो, 28 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के बोकारो के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने सब्जी के व्यापार के नाम पर चल रही एक विशाल नकली विदेशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यहां निर्मित शराब की खेप बिहार के कई जिलों में भेजी जाती थी।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, इस मामले की गुप्त सूचना पर चास के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) पीके सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। यह टीम रविवार को कमलडीह में सब्जी व्यापारी के स्थान पर छापेमारी करने गई। वहां से पाउच सीलर मशीन, बोतल कैप सीलिंग मशीन, चार जारकिन केमिकल, दो पेटी खाली बोतलें, लगभग 50 कार्टून, प्लास्टिक ड्रम, और विभिन्न प्रसिद्ध ब्रांडों के नकली स्टिकर और रैपर बरामद हुए।

एसडीपीओ पीके सिंह ने बताया कि आरोपी अत्यंत चतुराई से इस अवैध व्यापार को संचालित कर रहे थे। वे गाड़ियों में शराब की पेटियां छुपाकर ऊपर सब्जियां लाद देते थे, जिससे जांच के दौरान किसी को संदेह न हो।

पुलिस ने दर्ज की गई एफआईआर में फैक्ट्री के मुख्य संचालक डब्लू साव सहित छह व्यक्तियों को नामजद अभियुक्त बनाया है। अन्य आरोपी में अंकित सिंह, श्याम कुमार सिंह, अविनाश कुमार सिंह उर्फ बिड्डू, राहुल मंडल और कुश कुमार शामिल हैं। ये सभी चास थाना क्षेत्र के निवासी हैं और इनका पुराना आपराधिक इतिहास है।

छापेमारी के दौरान कुछ आरोपी भागने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।

जानकारी के अनुसार, यह नकली शराब बनाने का कारोबार लंबे समय से चल रहा था। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के पीछे कई बड़े चेहरे भी हो सकते हैं। पुलिस इस मामले को झारखंड और बिहार में सक्रिय अवैध शराब व्यापार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक विस्तृत नेटवर्क के रूप में काम करता है। यह झारखंड और बिहार की पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है, और हमें इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह नकली शराब फैक्ट्री कब पकड़ी गई?
यह फैक्ट्री 28 सितंबर को पकड़ी गई।
इस फैक्ट्री के संचालक कौन हैं?
मुख्य संचालक का नाम डब्लू साव है।
क्या पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
कुछ आरोपी मौके से भागने में सफल रहे हैं, लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।
यह कारोबार कितने समय से चल रहा था?
यह नकली शराब बनाने का कारोबार लंबे समय से चल रहा था।
इस फैक्ट्री से शराब की खेप कहाँ भेजी जाती थी?
यहां से शराब की खेप बिहार के कई जिलों में भेजी जाती थी।
राष्ट्र प्रेस
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