पद्म भूषण ममूटी से PM मोदी की मुलाकात, राष्ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार 2026 समारोह संपन्न
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित द्वितीय नागरिक अलंकरण समारोह में पद्म पुरस्कार 2026 प्रदान किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समारोह में भाग लिया और कार्यक्रम के पश्चात प्रतिष्ठित मलयालम अभिनेता ममूटी तथा उनके परिवार से भेंट की।
समारोह में PM मोदी की भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि उन्होंने राष्ट्रपति भवन में आयोजित द्वितीय नागरिक अलंकरण समारोह में भाग लिया, जहाँ पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए। उन्होंने कहा, 'ये पुरस्कार विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण सेवा और समर्पण को सम्मानित करते हैं। प्रत्येक पुरस्कार विजेता समाज के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। उनकी जीवन यात्राएं अनगिनत नागरिकों को प्रेरित करती हैं और सभी को कड़ी मेहनत और सेवा की शक्ति का स्मरण कराती हैं।'
समारोह के बाद प्रधानमंत्री ने ममूटी और उनके परिवार के साथ मुलाकात की तस्वीरें फेसबुक पर साझा कीं।
ममूटी को पद्म भूषण से सम्मान
राष्ट्रपति मुर्मु ने कला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए दिग्गज मलयालम अभिनेता ममूटी को पद्म भूषण से सम्मानित किया। ममूटी दशकों से भारतीय सिनेमा में अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों को प्रभावित करते आए हैं और यह पुरस्कार उनके इसी अतुलनीय योगदान की स्वीकृति है। पद्म भूषण पाने वाले अन्य विशिष्ट व्यक्तियों में एसकेएम मैलानंदन, वेल्लापल्ली नटेसन और दत्तात्रेयुडु नोरी भी शामिल रहे।
अन्य प्रमुख पुरस्कार विजेता
समारोह में राष्ट्रपति मुर्मु ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन (मरणोपरांत) को पद्म भूषण से सम्मानित किया; यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया। टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज और प्रसिद्ध गायिका अलका याग्निक को भी पद्म भूषण से नवाज़ा गया। इसके अतिरिक्त, पी. नारायणन और सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस के. टी. थॉमस को साहित्य, शिक्षा तथा जन-कार्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म विभूषण से अलंकृत किया गया।
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर सभी पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पद्म पुरस्कारों को नया रूप दिया गया है, ताकि निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से समाज पर वास्तविक प्रभाव डालने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जा सके। शाह ने आगे कहा कि ये पुरस्कार अब गुमनाम किंतु प्रभावशाली व्यक्तियों को सम्मानित करते हैं और नागरिकों को परिवर्तन में भागीदार बनने के लिए प्रेरित कर सहभागी लोकतंत्र को मजबूत बनाते हैं।
आगे क्या
यह द्वितीय नागरिक अलंकरण समारोह था, जो दर्शाता है कि वर्ष 2026 में पद्म पुरस्कारों का वितरण दो चरणों में किया जा रहा है। गौरतलब है कि पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिने जाते हैं और इनकी घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। इस समारोह के साथ वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार चक्र का औपचारिक समापन हुआ।