पद्म पुरस्कार 2026: विजय अमृतराज को पद्म भूषण, राष्ट्रपति भवन में भव्य समारोह
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार, 22 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज,著名 बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अरमिडा फर्नांडिस, शिक्षाविद प्रोफेसर मंगला कपूर सहित कई विशिष्ट हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से नवाज़ा। यह सम्मान कला, खेल, चिकित्सा, शिक्षा, सिविल सेवा और सामाजिक कार्य सहित अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किए गए।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी उपस्थित रहे। पुरस्कार विजेताओं में विजय अमृतराज को खेल के क्षेत्र में पद्म भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मगुरु वेल्लापल्ली नटेशन को भी पद्म भूषण, जबकि डॉ. अरमिडा फर्नांडिस, प्रोफेसर मंगला कपूर, सिविल सेवक आरवीएस मणि और कृषि विशेषज्ञ ब्रिजलाल भट्ट को पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
विजय अमृतराज की प्रतिक्रिया
पद्म भूषण प्राप्त करने पर विजय अमृतराज ने कहा, 'मुझे सचमुच सम्मानित महसूस हो रहा है। भारत सरकार से मिले इस शानदार सम्मान से मैं बेहद उत्साहित और खुश हूँ। मेरे करियर के इस पड़ाव पर पद्म भूषण मिलना वाकई बहुत महत्वपूर्ण है।' उन्होंने भारत सरकार, प्रधानमंत्री और देश की जनता का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें भारत और विश्व मंच पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सहयोग दिया।
अमृतराज ने खेल विकास पर ज़ोर देते हुए कहा कि कम उम्र में ही बच्चों की प्रतिभा पहचानना, उन्हें अवसर देना और जुनून के साथ अनुशासन बनाए रखना किसी भी खेल में सफलता की कुंजी है। उन्होंने 2036 ओलंपिक की भारत में मेजबानी की उम्मीद पर भी बल दिया और कहा कि प्रधानमंत्री के स्तर से शुरू होकर हर राज्य तक पहुँचने वाली खेल पहल ही देश की असली प्रतिभा को उभार सकती है।
अन्य पुरस्कार विजेताओं की बात
सिविल सेवा के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित आरवीएस मणि ने कहा कि उन्होंने कई मौकों पर सत्य के साथ खड़े रहते हुए ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन किया और सरकार ने उनकी इसी ईमानदारी को इस सम्मान से नवाज़ा है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पद्म श्री पाने वाली डॉ. अरमिडा फर्नांडिस ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआती दौर में कई कठिनाइयाँ आईं, लेकिन लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखने से वे आगे बढ़ती रहीं।
प्रोफेसर मंगला कपूर ने शिक्षा क्षेत्र में योगदान के लिए मिले पद्म श्री पर अपना संघर्षपूर्ण सफर साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने शास्त्रीय संगीत में पीएचडी की है और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में अध्यापन किया है। एसिड अटैक के बाद जीवन अत्यंत कठिन हो गया और समाज से कटाव महसूस हुआ, फिर भी उन्होंने दिव्यांगों के लिए काम जारी रखा और संघर्ष नहीं छोड़ा।
कृषि विशेषज्ञ ब्रिजलाल भट्ट, जो जम्मू-कश्मीर के एक गाँव से हैं, ने कहा कि जब राष्ट्रपति सम्मान दें और प्रधानमंत्री साक्षी बनें, तो गौरवान्वित होना स्वाभाविक है। वेल्लापल्ली नटेशन ने पद्म भूषण को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समाज के कमज़ोर तबके के लिए किए गए कार्यों का सामूहिक सम्मान बताया। उन्होंने माइक्रोफाइनेंस के ज़रिए करोड़ों रुपये गरीब परिवारों तक पहुँचाने और शिक्षा में बदलाव लाने की बात कही।
पद्म पुरस्कारों का महत्व
पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से हैं, जो प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए जाते हैं और बाद में राष्ट्रपति भवन में समारोहपूर्वक प्रदान किए जाते हैं। पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री — तीन श्रेणियों में दिए जाने वाले ये सम्मान विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान की पहचान करते हैं।
आगे की राह
इस वर्ष के पद्म पुरस्कार विजेताओं की विविधता — खेल से लेकर सिविल सेवा, चिकित्सा से लेकर शास्त्रीय संगीत तक — यह दर्शाती है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान के अनेक आयाम हैं। विजय अमृतराज जैसे खेल दिग्गजों का सम्मान युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने का काम करेगा, जबकि प्रोफेसर मंगला कपूर की कहानी समाज के लिए एक अदम्य साहस का प्रतीक बनेगी।