PM मोदी 24 सितंबर को 'सेवा यात्रा' प्रतिभागियों से करेंगे वीडियो संवाद, वडनगर से वाराणसी तक 500 युवा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए 'सेवा यात्रा' के प्रतिभागियों से सीधा संवाद करेंगे। यह यात्रा वडनगर से वाराणसी तक दस समूहों में बाइक पर निकाली गई है, जिसमें 500 से अधिक युवा स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं।
यात्रा का उद्देश्य और स्वरूप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा आयोजित यह 22 दिवसीय यात्रा 17 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और उनके 25 वर्षों की जनसेवा के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। 20 टीमें मिलकर कुल 35,500 किलोमीटर की दूरी तय करने का लक्ष्य लेकर चल रही हैं।
यह यात्रा केवल एक मोटरसाइकिल अभियान नहीं है — इसमें सेवा, सामाजिक कल्याण, युवा भागीदारी, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामुदायिक लामबंदी जैसे कई आयाम एक साथ जुड़े हुए हैं। BJP के बयान के अनुसार, प्रतिभागी कस्बों, जिलों, तालुकों और गाँवों से होते हुए सेवा की भावना को जमीनी स्तर तक पहुँचा रहे हैं।
मुख्य गतिविधियाँ
रास्ते में पड़ने वाले स्कूलों, अस्पतालों, अनाथालयों और वृद्धाश्रमों में स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। पीएम श्री स्कूलों में यात्री परिसर की सफाई के साथ-साथ छात्रों को किताबें और स्टेशनरी भी वितरित कर रहे हैं। इसके अलावा युवा संवाद, ग्राम सभा संवाद और गौ सेवा जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं।
BJP के बयान में कहा गया है कि विधवाओं को किट वितरित किए जा रहे हैं, आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जा रहा है, और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण भी किया जा रहा है। तालाबों, मंदिरों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सफाई भी इस यात्रा का हिस्सा है।
सरकारी योजनाओं की जागरूकता
यात्रा के दौरान स्वयंसेवक ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैला रहे हैं। लाभार्थियों के साथ सीधी बातचीत के ज़रिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंदों तक पहुँचे।
PM मोदी का संवाद और आगे की राह
प्रधानमंत्री मोदी का 24 सितंबर को इन युवा प्रतिभागियों से सीधा संवाद इस अभियान को व्यापक राष्ट्रीय पहचान देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यात्रा अभी भी जारी है और 7 अक्टूबर को वाराणसी पहुँचकर समाप्त होगी। गौरतलब है कि यह पहल BJP की जमीनी स्तर पर युवा जोड़ने और कल्याण गतिविधियों को राजनीतिक अभियान से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है।