PM मोदी 21 नवंबर को वैशाली दौरे पर, 1,260 एकड़ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कार्यक्रम में होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 नवंबर 2026 को बिहार के वैशाली जिले का दौरा करने वाले हैं, जहाँ वे जाफर पट्टी में प्रस्तावित 1,260 एकड़ के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह दौरा बिहार एनडीए सरकार के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले उत्सव का हिस्सा होगा, जिसका औपचारिक दिन 20 नवंबर निर्धारित है।
एनडीए की अहम बैठक
5 नवंबर को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास लोक सेवक आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की, जिसमें गठबंधन के सभी घटक दलों के प्रमुख नेता और प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में प्रधानमंत्री के स्वागत, कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में यह भी तय हुआ कि कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। गठबंधन के सभी घटक दलों के नेताओं को इस दिशा में आवश्यक तैयारियाँ करने के निर्देश दिए गए।
वैशाली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की अहमियत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बैठक के बाद प्रधानमंत्री के दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि मोदी वैशाली के जाफर पट्टी में बनने वाले 1,260 एकड़ के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कॉरिडोर बिहार में औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वाकांक्षी परियोजना मानी जा रही है। गौरतलब है कि वैशाली ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिससे इस कार्यक्रम को राजनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों आयाम प्राप्त होते हैं।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान जारी रहेगा
सरावगी ने बताया कि बैठक में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को आगे भी जारी रखने पर सहमति बनी है। इस अभियान के तहत अब तक पदयात्रा, प्रबुद्धजनों की बैठक और सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं। छठ पर्व के बाद भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
एनडीए सरकार का एक वर्ष — उत्सव की तैयारी
20 नवंबर 2026 को बिहार में एनडीए सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर बड़े उत्सव की तैयारी की जा रही है। सरावगी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं बिहार की धरती पर आकर इस उत्सव में शामिल होंगे, जिससे इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व मिलेगा। यह ऐसे समय में हो रहा है जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मियाँ पहले से ही तेज़ हैं। एनडीए अपने एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने के लिए इस अवसर का रणनीतिक उपयोग करना चाहता है।