क्या पीएम मोदी ने वैष्णो देवी भूस्खलन पर संवेदना व्यक्त की?

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क्या पीएम मोदी ने वैष्णो देवी भूस्खलन पर संवेदना व्यक्त की?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और प्रशासन की सहायता की सराहना की। इस घटना में 30 लोगों की जान गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। जानें इस दुखद घटना की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • प्रधानमंत्री मोदी ने भूस्खलन में मारे गए लोगों की याद में संवेदना व्यक्त की।
  • घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की गई।
  • भूस्खलन के कारण यात्रा को रोक दिया गया है।
  • एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
  • यह घटना हमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सजग रहने का संदेश देती है।

नई दिल्ली/कटरा, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए भूस्खलन में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन के कारण जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक में डूबे परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। मैं सभी की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं।"

भारी बारिश के चलते श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर मंगलवार को भूस्खलन की घटना हुई। अर्धकुवारी के पास पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे ने यात्रा को प्रभावित किया। इस घटना में अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है। फिलहाल, भूस्खलन और भारी बारिश के कारण यात्रा को रोक दिया गया है।

एनडीआरएफ के डीआईजी मोहसेन शाहेदी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि 30 लोगों की मौत और 15 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। मौसम में सुधार की उम्मीद है, जिससे कार्य में तेजी आएगी।

जम्मू में बाढ़ और भूस्खलन पर डीआईजी मोहसेन शाहेदी ने बताया कि दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भारी बाढ़ आई है, जिसके कारण एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। सीमावर्ती इलाकों में कई बचाव अभियानों का संचालन किया गया। एक स्थान पर बीएसएफ के जवान फंसे हुए थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

उन्होंने बताया कि अखनूर, सांबा और रियासी क्षेत्रों में निरंतर ऑपरेशन चल रहा है। दिल्ली से एनडीआरएफ की 4 टीमें भेजी गई हैं। 4 टीमें लुधियाना से रवाना की गई हैं, जिन्हें सांबा और जम्मू में तैनात किया जाएगा।

Point of View

यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह हमारे समाज के लिए एक चेतावनी भी है। भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर हमारे सामने आती हैं, और हमें इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। प्रशासन और बचाव कार्यों का समन्वय आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। हम सभी को इस कठिन समय में एकजुट होना चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भूस्खलन के कारण कितनों की मौत हुई?
भूस्खलन में 30 लोगों की मौत हो चुकी है।
घायलों की स्थिति क्या है?
घायलों की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की जा रही है।
सरकार ने राहत के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को राहत कार्य में लगाया है।
क्या यात्रा को रोका गया है?
जी हां, भूस्खलन के कारण यात्रा को रोक दिया गया है।
भूस्खलन के पीछे क्या कारण था?
भारी बारिश के चलते यह भूस्खलन हुआ है।