13 अगस्त 2026
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मुंबई में पुलिसकर्मियों के घरों को निशाना बनाने वाले सिलेंडर चोर गिरोह का भंडाफोड़, CCTV से सुराग तलाश रही पुलिस

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मुंबई में पुलिसकर्मियों के घरों को निशाना बनाने वाले सिलेंडर चोर गिरोह का भंडाफोड़, CCTV से सुराग तलाश रही पुलिस

सारांश

मुंबई में एक सुनियोजित गिरोह पुलिसकर्मियों के आवासों को खास तौर पर निशाना बनाकर सिलेंडर चोरी कर रहा था — और यह वारदात पुलिस आयुक्त कार्यालय के ठीक पास हुई। पाँच घरों से चोरी की पुष्टि, आज़ाद मैदान थाने में केस दर्ज, CCTV फुटेज से आरोपियों की तलाश जारी।

मुख्य बातें

मुंबई में एक संगठित गिरोह ने पाँच पुलिसकर्मियों के घरों से एलपीजी सिलेंडर चोरी की।
वारदात मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय और एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन के निकट हाई-सिक्योरिटी जोन में हुई।
11 अगस्त की रात 12:30 बजे रखा सिलेंडर 12 अगस्त की सुबह 6:00 बजे गायब मिला।
आज़ाद मैदान थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज।
पुलिस CCTV फुटेज खंगालकर गिरोह के सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी।

मुंबई पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो विशेष रूप से पुलिसकर्मियों के आवासीय परिसरों को निशाना बनाकर एलपीजी सिलेंडर चोरी करता था। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पहले यह पता लगाता था कि किस आवासीय परिसर में पुलिसकर्मियों के परिवार रहते हैं, और फिर उनके घरों के बाहर रखे सिलेंडर चुरा लेता था। अब तक पाँच पुलिसकर्मियों के घरों से सिलेंडर चोरी की पुष्टि हो चुकी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई चोरी

एलटी मार्ग स्थित आवासीय परिसर के रूम नंबर 4 की निवासी, जिनके पति वर्ष 2006 से मुंबई पुलिस में कार्यरत हैं, ने शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, घर के पीछे एक खुली जगह है जहाँ वे और उनके पड़ोसी सिलेंडर रखते हैं। 11 अगस्त की रात 12:30 बजे उन्होंने खाली सिलेंडर वहाँ रखा था, लेकिन 12 अगस्त की सुबह 6:00 बजे वह सिलेंडर गायब मिला।

पड़ोसियों से पूछताछ करने पर पता चला कि चोरों ने केवल खाली नहीं, बल्कि भरे हुए सिलेंडर भी चुरा लिए थे। इससे स्पष्ट हुआ कि यह कोई इकलौती घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गिरोह की करतूत है।

हाई-सिक्योरिटी जोन में हुई वारदात

गौरतलब है कि यह चोरी मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय और एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन के ठीक समीप स्थित आवासीय परिसर में हुई — एक ऐसा इलाका जिसे हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस परिसरों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर आज़ाद मैदान थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है।

जांच की दिशा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पूरा ब्यौरा जुटाया जा सके। जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि गिरोह के सदस्यों की संख्या कितनी है, उनकी पृष्ठभूमि क्या है, और वे पुलिसकर्मियों के आवास किस तरह चिन्हित करते थे।

इसके साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि क्या यह गिरोह इससे पहले भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रहा है।

आगे क्या

अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें सक्रिय हैं। CCTV विश्लेषण पूरा होने के बाद आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेज़ी आने की संभावना है। पुलिस आवासीय परिसरों में सिलेंडर रखने की व्यवस्था की समीक्षा भी कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हाई-सिक्योरिटी माने जाने वाले इलाके में, पुलिसकर्मियों के घरों को बार-बार निशाना बनाना केवल एक साधारण चोरी की घटना नहीं है — यह सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है। गिरोह का यह तरीका कि पहले पुलिस आवास चिन्हित करो, फिर चोरी करो, यह दर्शाता है कि आरोपियों को इलाके की पूरी जानकारी थी। सवाल यह भी उठता है कि जिन परिसरों की सुरक्षा खुद पुलिस की जिम्मेदारी है, वहाँ इस तरह की वारदात कैसे संभव हुई — और क्या यह गिरोह किसी अंदरूनी सूत्र की मदद से काम कर रहा था, जिसकी जाँच अभी बाकी है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में पुलिसकर्मियों के घरों से सिलेंडर चोरी की घटना क्या है?
मुंबई में एक संगठित गिरोह ने पुलिसकर्मियों के आवासीय परिसरों को निशाना बनाकर एलपीजी सिलेंडर चोरी की। अब तक पाँच पुलिसकर्मियों के घरों से चोरी की पुष्टि हुई है और आज़ाद मैदान थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
यह चोरी कहाँ हुई और इसे हाई-सिक्योरिटी जोन क्यों कहा जा रहा है?
यह वारदात मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय और एलटी मार्ग पुलिस स्टेशन के ठीक समीप स्थित आवासीय परिसर में हुई, जिसे हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है। इसी कारण इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सिलेंडर चोरी का पता कब और कैसे चला?
एलटी मार्ग निवासी पीड़िता ने 11 अगस्त की रात 12:30 बजे खाली सिलेंडर घर के पीछे रखा था। 12 अगस्त की सुबह 6:00 बजे वह सिलेंडर गायब मिला। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि चोरों ने भरे हुए सिलेंडर भी चुरा लिए थे।
पुलिस इस गिरोह को कैसे पकड़ने की कोशिश कर रही है?
पुलिस इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके। जांचकर्ता गिरोह के सदस्यों की संख्या, उनकी पृष्ठभूमि और पुलिस आवास चिन्हित करने के तरीके का भी पता लगाने में जुटे हैं।
क्या इस गिरोह ने पहले भी इस तरह की चोरियाँ की हैं?
पुलिस इस पहलू की भी जाँच कर रही है कि क्या यह गिरोह इससे पहले भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रहा है। अभी तक पाँच घरों से चोरी की पुष्टि हुई है, लेकिन पूरे मामले की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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