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पीपी दिव्या ने सीपीआई (एम) केंद्रीय नेतृत्व को लिखा पत्र, पार्टी कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग

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पीपी दिव्या ने सीपीआई (एम) केंद्रीय नेतृत्व को लिखा पत्र, पार्टी कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग

सारांश

कन्नूर की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पीपी दिव्या ने सीपीआई (एम) के शीर्ष नेतृत्व से पार्टी कार्रवाई पर पुनर्विचार माँगा है — यह तब, जब नई सतर्कता जांच और नवीन बाबू प्रकरण ने उन्हें राजनीतिक रूप से दोतरफा दबाव में डाल दिया है।

मुख्य बातें

पीपी दिव्या ने सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी को पत्र लिखकर पार्टी कार्रवाई की समीक्षा की मांग की।
दिव्या को डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन से हटाया गया और कन्नूर जिला केंद्र में काम करने से रोका गया।
गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 2020-2025 के उनके कार्यकाल की सतर्कता जांच की घोषणा की।
अक्टूबर 2024 में के.
नवीन बाबू की मृत्यु के बाद से दिव्या की राजनीतिक स्थिति लगातार कमज़ोर हुई है।
सीपीआई (एम) महासचिव ने पत्र मिलने की पुष्टि की और मामले पर चर्चा की संभावना जताई।

कन्नूर जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष पीपी दिव्या ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई (एम)] के केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखकर अपने विरुद्ध की गई पार्टी कार्रवाई की समीक्षा की अपील की है। 24 अक्टूबर 2026 को सामने आई यह जानकारी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दिव्या कन्नूर जिला पंचायत में अपने कार्यकाल को लेकर नई सतर्कता जांच के दायरे में हैं।

पत्र में क्या उठाए गए सवाल

दिव्या ने अपने पत्र में डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन से पदाधिकारी पद पर से हटाए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य संयुक्त सचिव पद से हटने के बाद उन्हें सीपीआई (एम) के कन्नूर जिला केंद्र में कार्य करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही।

दिव्या के अनुसार, जिला सचिव पीके श्यामला — जो सीपीआई (एम) राज्य सचिव एमवी गोविंदन की पत्नी हैं — ने उन्हें जिला केंद्र में काम करने से रोका है। उन्होंने इन सभी निर्णयों पर पुनर्विचार की माँग की है।

केंद्रीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया

सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की और कहा कि इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दिव्या से फोन पर बात की थी। गौरतलब है कि यह पत्र कन्नूर जिला समिति की विस्तारित बैठक से ठीक पहले भेजा गया, जो इसके राजनीतिक समय को और महत्वपूर्ण बनाता है।

नवीन बाबू प्रकरण और सतर्कता जांच

अक्टूबर 2024 में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के. नवीन बाबू की मृत्यु के बाद से दिव्या राजनीतिक रूप से कठिन दौर से गुज़र रही हैं। उस घटना के बाद उन्हें कन्नूर जिला समिति से हटाकर इरिनावे शाखा में भेज दिया गया था।

इस साल मई में वीडी सतीशन के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के सत्ता में आने के बाद स्थिति और जटिल हो गई, जब सरकार ने नवीन बाबू की मृत्यु की सीबीआई जांच की घोषणा की।

शुक्रवार को गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने घोषणा की कि रिकॉर्ड की जांच के बाद सरकार ने तय किया है कि 2020 से 2025 तक कन्नूर जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में दिव्या के कार्यकाल के दौरान हुए लेन-देन की सतर्कता जांच आवश्यक है। यह जांच कार्यों के आवंटन और एक निजी कंपनी की भूमिका से जुड़े आरोपों पर केंद्रित है, जिसके प्रबंध निदेशक पर कुछ ठेकों से लाभ उठाने का आरोप है।

निदेशक का रुख

शनिवार को उक्त निजी कंपनी के निदेशक ने प्रस्तावित सतर्कता जांच का स्वागत किया। उनके अनुसार, 'पहले भी जांच हुई थी और हम बेदाग साबित हुए थे। अब एक और जांच की घोषणा की गई है और हम इसका भी स्वागत करते हैं। सभी काम ई-टेंडर के माध्यम से दिए गए थे और हमें चिंता करने की कोई बात नहीं है।'

आगे की राह

नई सतर्कता जांच और पार्टी के भीतर हाशिये पर जाने की दोहरी चुनौती के बीच, दिव्या की केंद्रीय नेतृत्व से अपील पार्टी में उनकी वापसी की कोशिश मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब सीपीआई (एम) केरल में विपक्ष में है और आंतरिक अनुशासन को लेकर कई मोर्चों पर दबाव में है। आने वाले दिनों में कन्नूर जिला समिति की बैठक और केंद्रीय नेतृत्व का रुख दिव्या के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि पार्टी केरल में विपक्ष में है और आंतरिक सामंजस्य बनाए रखना प्राथमिकता है। नवीन बाबू प्रकरण और अब सतर्कता जांच का दोहरा दबाव दिव्या की स्थिति को और नाज़ुक बनाता है — उनकी अपील कम से कम पार्टी में यह संदेश देती है कि वे बिना लड़े पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीपी दिव्या ने सीपीआई (एम) केंद्रीय नेतृत्व को पत्र क्यों लिखा?
पीपी दिव्या ने सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी को पत्र लिखकर अपने विरुद्ध की गई पार्टी कार्रवाई की समीक्षा की मांग की। उन्हें डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन से हटाया गया है और कन्नूर जिला केंद्र में काम करने से भी रोका गया है।
पीपी दिव्या पर क्या जांच हो रही है?
केरल सरकार ने 2020 से 2025 तक कन्नूर जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में दिव्या के कार्यकाल के दौरान हुए लेन-देन की सतर्कता जांच की घोषणा की है। यह जांच कार्यों के आवंटन और एक निजी कंपनी की भूमिका से जुड़े आरोपों पर केंद्रित है।
नवीन बाबू प्रकरण का दिव्या से क्या संबंध है?
अक्टूबर 2024 में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के. नवीन बाबू की मृत्यु के बाद से दिव्या की राजनीतिक परेशानियाँ शुरू हुईं। उस घटना के बाद उन्हें कन्नूर जिला समिति से हटाकर इरिनावे शाखा में भेज दिया गया था और यूडीएफ सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की घोषणा भी की।
सीपीआई (एम) महासचिव ने दिव्या के पत्र पर क्या कहा?
सीपीआई (एम) महासचिव एमए बेबी ने पत्र मिलने की पुष्टि की और कहा कि इस मामले पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी दिव्या से फोन पर बात हुई थी।
पीपी दिव्या की पार्टी में स्थिति अभी क्या है?
दिव्या को राज्य संयुक्त सचिव पद से हटाया जा चुका है और वे डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन में भी पद पर नहीं हैं। उन्हें जिला केंद्र में काम करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है, जो पार्टी में उनके बढ़ते हाशियेकरण को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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