PM मोदी के जन्मदिन पर उज्जवल निकम की बधाई: '25 साल की जन-सेवा देश-सेवा की मिसाल'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद उज्जवल निकम ने 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बधाई देते हुए कहा कि पीएम मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक जीवन ने यह साबित किया है कि जनता की सेवा ही देश की सेवा है। भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त अनिल सूकलाल ने भी इस अवसर पर मोदी के नेतृत्व की वैश्विक सराहना की।
निकम ने क्या कहा
राज्यसभा सांसद उज्जवल निकम ने मुंबई में कहा, 'आज का दिन अलग है। इस शुभ दिन पर हम बस यही प्रार्थना करते हैं कि प्रधानमंत्री और उनके साथी उसी लगन से काम करते रहें, जैसा उन्होंने दिखाया है। मेरा मानना है कि हमने दुनिया में एक बेहतरीन मिसाल कायम की है।'
निकम ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिस लगन से राज्य का नाम रोशन किया, उसी समर्पण से वे आज पूरे देश को आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'जनता की सेवा ही देश की सेवा है' — यह विचार अब एक जीवंत मिसाल बन चुका है।
BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक सराहना
निकम ने दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस, चीन और अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने एकमत से प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की। उनके अनुसार, 'प्रधानमंत्री के मन में एक ही विचार है — हर भारतीय किस प्रकार आगे बढ़ेगा और देश की प्रतिभा किस प्रकार और उज्जवल होगी।'
सांसद ने यह भी बताया कि जब प्रधानमंत्री मोदी बारामती गए थे, तब उन्होंने विपक्षी नेता शरद पवार को अपना शिक्षक बताते हुए उनसे सीखने की बात कही थी। निकम ने इसे भारतीय लोकतंत्र की विशिष्टता बताया।
दक्षिण अफ्रीकी उच्चायुक्त की प्रतिक्रिया
भारत में दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त अनिल सूकलाल ने कहा, 'यह एक मील का पत्थर है जिसे सेलिब्रेट किया जाना चाहिए। किसी भी नेता के लिए सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे करना एक बड़ी उपलब्धि है।' उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से भारत के प्रधानमंत्री तक की मोदी की नेतृत्व-यात्रा को दक्षिण अफ्रीका, पूरे अफ्रीकी महाद्वीप, वैश्विक दक्षिण और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बहुत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
लोकतंत्र में विनम्रता की मिसाल
निकम ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री की उस नम्रता की सराहना की जिसके तहत वे विपक्षी नेताओं को भी सम्मान देते हैं। उनके अनुसार यह गुण दुनिया में दुर्लभ है और भारतीय लोकतंत्र की इसी खूबसूरती को वैश्विक मंच पर पहचान मिल रही है। आने वाले वर्षों में यह नेतृत्व-शैली भारत की कूटनीतिक पहचान को और मज़बूत करती रहेगी।