8 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

PM मोदी से मिलीं अकी आबे, बोलीं — 'आँसू रोक नहीं पाई'; वाराणसी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
PM मोदी से मिलीं अकी आबे, बोलीं — 'आँसू रोक नहीं पाई'; वाराणसी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन

सारांश

PM मोदी और अकी आबे की मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह उस विरासत का जीवित होना था जो शिंजो आबे ने भारत-जापान संबंधों में छोड़ी। वाराणसी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन इस कड़ी को स्थायी रूप देता है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में अकी आबे से मुलाकात की।
अकी आबे ने कहा — 'प्रधानमंत्री से मिलकर आँसू रोक नहीं पाई; मेरे पति निश्चित रूप से वहाँ मौजूद रहे होंगे।' 7 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 'आबे मेमोरियल कॉरिडोर' का उद्घाटन हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे 25 करोड़ उत्तर प्रदेश वासियों और 140 करोड़ भारतीयों की ओर से श्रद्धांजलि बताया।
शिंजो आबे ने 2015 में काशी यात्रा के दौरान PM मोदी के साथ गंगा आरती की थी और जापान की ओर से रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर भेंट किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में जापान के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे से मुलाकात की। इस भावपूर्ण भेंट में अकी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलते समय वह अपने आँसू नहीं रोक पाईं। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब एक दिन पहले वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 'आबे मेमोरियल कॉरिडोर' का अनावरण किया गया था।

मुलाकात का विवरण

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे से मिलकर खुशी हुई। भारत के साथ उनके लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव की मैं बहुत कद्र करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि आबे-सान एक करीबी दोस्त और दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने भारत-जापान संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।

अकी आबे ने इस मुलाकात को गहरे भावों के साथ याद करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान जो अपनापन महसूस हुआ, उसने मेरी आँखें भिगो दीं। आँसू बहने लगे।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह भारत और जापान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहती हैं, और उनका विश्वास है कि उनके पति उस पल में निश्चित रूप से उनके साथ मौजूद रहे होंगे।

आबे मेमोरियल कॉरिडोर का उद्घाटन

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अकी आबे की उपस्थिति में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 'आबे मेमोरियल कॉरिडोर' का अनावरण किया। मुख्यमंत्री योगी ने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से शिंजो आबे को विनम्र श्रद्धांजलि बताया।

गौरतलब है कि शिंजो आबे ने 2015 में भारत दौरे के दौरान काशी की यात्रा की थी और प्रधानमंत्री मोदी के साथ गंगा आरती में भाग लिया था। उस दौरे पर उन्होंने जापान की ओर से काशी को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की भेंट दी थी। अब उनके निधन के बाद, यह मेमोरियल कॉरिडोर उनकी स्मृतियों को सदा के लिए संरक्षित रखेगा।

भारत-जापान संबंधों में आबे की विरासत

शिंजो आबे को भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी के सबसे बड़े प्रवर्तकों में से एक माना जाता है। उनके कार्यकाल में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' के स्तर तक पहुँचे। प्रधानमंत्री मोदी और आबे के व्यक्तिगत संबंध भी असाधारण रूप से घनिष्ठ रहे, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक निकटता का प्रतीक बने।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और जापान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को और गहरा कर रहे हैं। आबे की विरासत को जीवित रखने के ये प्रयास दोनों देशों के बीच जनता-से-जनता के संबंधों को भी नई ऊर्जा देते हैं।

आगे क्या

अकी आबे ने भारत-जापान संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। वाराणसी में स्थापित यह मेमोरियल कॉरिडोर आने वाले समय में दोनों देशों के नागरिकों और राजनयिकों के लिए एक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संगम-स्थल बनने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अकी आबे और PM मोदी की मुलाकात किस संदर्भ में हुई?
यह मुलाकात 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई, जब अकी आबे वाराणसी में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन के सिलसिले में भारत आई थीं। PM मोदी ने एक्स पर इस भेंट की जानकारी साझा की और शिंजो आबे को दूरदर्शी नेता एवं करीबी मित्र बताया।
आबे मेमोरियल कॉरिडोर क्या है और यह कहाँ स्थित है?
आबे मेमोरियल कॉरिडोर वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में स्थापित किया गया है, जिसका उद्घाटन 7 अक्टूबर 2026 को हुआ। यह कॉरिडोर जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की स्मृतियों को संरक्षित करने और भारत-जापान मैत्री को स्थायी रूप देने के लिए बनाया गया है।
शिंजो आबे का वाराणसी से क्या रिश्ता था?
शिंजो आबे ने 2015 में भारत दौरे के दौरान काशी (वाराणसी) की यात्रा की थी और PM मोदी के साथ गंगा आरती में भाग लिया था। उस दौरे पर उन्होंने जापान की ओर से काशी को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर भेंट किया था।
अकी आबे ने मुलाकात के बारे में क्या कहा?
अकी आबे ने कहा कि PM मोदी से मिलते समय उन्हें जो अपनापन महसूस हुआ उससे उनकी आँखें भर आईं और आँसू बह निकले। उन्होंने भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि उनके पति निश्चित रूप से उस पल में उनके साथ रहे होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉरिडोर को क्या बताया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मेमोरियल कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, PM मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से शिंजो आबे को विनम्र श्रद्धांजलि बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 50 मिनट पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले