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क्या पीएम मोदी ने जापानी सांसदों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की?

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क्या पीएम मोदी ने जापानी सांसदों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान दौरे के पहले दिन जापानी सांसदों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने की बात की, जिससे भारत और जापान के संबंध और भी प्रगाढ़ हो सकें। जानिए इस बैठक के मुख्य बिंदुओं के बारे में।

मुख्य बातें

भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना महत्वपूर्ण है।
संसदीय आदान-प्रदान और मानव संसाधन विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जापान की टेक्नोलॉजी और भारत की प्रतिभा का मिलन क्रांतिकारी हो सकता है।
मैन्युफैक्चरिंग में जापान के निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।
दुनिया के लिए 'भारत में बनाएं' का संदेश दिया गया।

टोक्यो, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय जापान दौरे पर पहुंचे हैं। अपने पहले दिन, पीएम मोदी ने जापान के प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के एक समूह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में भारत और जापान के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर चर्चा की गई।

पीएम मोदी ने इस मुलाकात से जुड़ी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं।

प्रधानमंत्री ने लिखा, "स्पीकर फुकुशिरो नुकागा और जापान के सांसदों के साथ मेरी एक शानदार बैठक हुई। हमने भारत और जापान के बीच मजबूत और दोस्ताना रिश्तों पर चर्चा की। इस दौरान संसदीय आदान-प्रदान, मानव संसाधन विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, मोबिलिटी पार्टनरशिप, एआई, विज्ञान और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।"

अपने जापान दौरे की शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ चर्चा की। भारत-जापान इकोनॉमिक फोरम में उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री इशिबा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में, जापान हमेशा एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है। मेट्रो से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्ट-अप्स तक, हर क्षेत्र में हमारी साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने जापान के मैन्युफैक्चरर्स को भारत में आकर काम करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, "मैं आप सबको आमंत्रित करता हूं कि आइए, हम 'भारत में बनाएं, विश्व के लिए बनाएं।'"

उन्होंने कहा कि 'सुजुकी' और 'डाइकिन' की सफलताएँ आपकी भी सफलताएँ बन सकती हैं।

अपने भाषण में, प्रधानमंत्री ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का जिक्र करते हुए कहा कि जापान 'टेक पावर हाउस' है और भारत 'टैलेंट पावर हाउस' है। उन्होंने कहा, "भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में साहसिक पहल की हैं। जापान की टेक्नोलॉजी और भारत की प्रतिभा मिलकर इस सदी की तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर सकते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। यह सहयोग तकनीकी, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी की जापान यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
पीएम मोदी की जापान यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
भारत और जापान के बीच किस प्रकार के सहयोग पर चर्चा की गई?
भारत और जापान के बीच संसदीय आदान-प्रदान, मानव संसाधन विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य, मोबिलिटी पार्टनरशिप, एआई, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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