प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू की आतंकवाद के प्रति समान सोच: इजरायली पीएमओ प्रवक्ता

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प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू की आतंकवाद के प्रति समान सोच: इजरायली पीएमओ प्रवक्ता

सारांश

इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता डेविड मेंसर ने प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच मित्रता को सराहा। दोनों नेताओं की जीरो-टॉलरेंस नीति आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता को दर्शाती है।

Key Takeaways

  • मोदी और नेतन्याहू की जीरो-टॉलरेंस नीति पर सहमति।
  • भारतीयों का समर्थन इजरायल के साथ आतंकवाद के खिलाफ।
  • मोदी की इजरायल यात्रा का ऐतिहासिक महत्व।

तेल अवीव, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता डेविड मेंसर ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनकी मित्रता तथा आतंकवाद के प्रति दोनों नेताओं की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति की प्रशंसा की।

राष्ट्र प्रेस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में मेंसर ने प्रधानमंत्री मोदी की हाल ही में संपन्न दो दिवसीय इजरायल यात्रा को याद किया। इस दौरान मोदी ने नेसेट (इजरायल की संसद) को ऐतिहासिक संबोधन दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 1.5 अरब भारतीय आतंकवादी ताकतों के विरुद्ध लड़ाई में इजरायल के साथ हैं।

मेंसर ने कहा, “मुझे गर्व है कि मैं हमारे प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ था, जिन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। हम उन्हें लेने हवाई अड्डे गए थे, जब वे दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए थे। मैं बता नहीं सकता कि एक राष्ट्र के रूप में हम उन्हें स्वागत करते समय कितने भावुक थे।”

जब प्रधानमंत्री मोदी ने हमारे नेसेट (संसद) को संबोधित किया, तो शायद ही कोई ऐसा था जिसकी आंखें नम न हों। उन्होंने जो बातें कहीं, जो नेतृत्व दिखाया और जो समझ दिखाई, वह बहुत प्रभावशाली थी।

क्योंकि वे भी वैसा ही समझते हैं जैसे हमारे प्रधानमंत्री नेतन्याहू समझते हैं कि आतंकवाद के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति होनी चाहिए। जब आप आतंकवादियों को खुश करने की कोशिश करते हैं, तो इससे केवल और युद्ध होता है। आतंकवादी राज्यों का सामना करना चाहिए और उन्हें हराना चाहिए। हम यही कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी पिछले सप्ताह दो दिन की राजकीय यात्रा पर इजरायल गए थे, जहां तेल अवीव हवाई अड्डे पर नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने उनका भव्य स्वागत किया था। अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने सांसदों को संबोधित किया और नेतन्याहू तथा इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से बातचीत की।

मेंसर ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री मोदी पिछले सप्ताह यहां आए थे, और यह एक बहुत ही सफल यात्रा थी। जब उन्होंने हमारी संसद नेसेट में ‘अम यिसराएल चाई’ कहा तो मैं उस क्षण को कभी नहीं भूलूंगा। इसका अर्थ है ‘इजरायल की जनता जीवित है’।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया अक्सर इजरायल को अलग-थलग दिखाने की कोशिश करता है, लेकिन यह सच नहीं है। हमारे अमेरिका और कई अन्य देशों के साथ मजबूत साझीदार हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 1.5 अरब भारतीय आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारे साथ हैं।

आतंकवाद को खुश करने की कोशिश केवल और केवल युद्ध को जन्म देती है। दोनों नेता, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ, ‘ताकत के माध्यम से शांति’ में विश्वास करते हैं। पहले ताकत आती है, फिर शांति, और हम इसे अभी वास्तविकता में देख रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में अपने संबोधन में कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत पूरी दृढ़ता के साथ इजरायल के साथ खड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं भारत की जनता की ओर से हर उस जीवन के लिए गहरी संवेदना लेकर आया हूं, जो 7 अक्टूबर को हमास के बर्बर आतंकवादी हमले में खो गया। हम आपके दर्द को महसूस करते हैं, हम आपके दुख को साझा करते हैं। भारत इस कठिन समय में और आगे भी पूरी दृढ़ता के साथ इजरायल के साथ खड़ा है। किसी भी कारण से नागरिकों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवाद को किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता। भारत भी लंबे समय से आतंकवाद की पीड़ा झेलता आया है।

Point of View

जो भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत बनाता है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ पूरी दृढ़ता से इजरायल के साथ खड़ा है।
क्या है जीरो-टॉलरेंस नीति?
यह नीति आतंकवाद के प्रति कठोरता और किसी भी प्रकार की सहिष्णुता न रखने का आग्रह करती है।
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा का महत्व क्या है?
यह यात्रा भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक है।
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