प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा: एक मजबूत संदेश का प्रतीक
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 25 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल का दो दिवसीय दौरा किया है। इस यात्रा को भाजपा नेताओं द्वारा एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और यह द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती का प्रतीक है।
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "प्रधानमंत्री मोदी का इजरायल दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से भारत और इजरायल के बीच संबंधों में मधुरता आई है। यह दौरा दुनिया में एक सकारात्मक संदेश भेजेगा।"
भाजपा सांसद नरेश बंसल ने कहा, "प्रधानमंत्री समय-समय पर विदेश यात्रा करते हैं और विदेशी राष्ट्राध्यक्ष भी भारत का दौरा करते हैं। इन मुलाकातों से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में मदद मिली है।"
इजरायल दौरे से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में पीएम मोदी ने कहा, "मेरे मित्र प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर मैं 25-26 फरवरी को इजरायल की आधिकारिक यात्रा पर जा रहा हूं। भारत और इजरायल के बीच एक मजबूत और विविध प्रकार की रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।"
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कहा, "इस यात्रा के दौरान मैं इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से भी मुलाकात करूंगा। मुझे इजरायली संसद 'नेसेट' को संबोधित करने का अवसर मिलेगा। यह अवसर हमारे दोनों देशों के बीच मजबूत संसदीय और लोकतांत्रिक संबंधों को श्रद्धांजलि होगा।"
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "मैं उन भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं, जो लंबे समय से भारत-इजरायल की विशेष दोस्ती को बढ़ावा दे रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी, नई रणनीतिक साझेदारी के लिए लक्ष्य निर्धारित करेगी। इसके साथ ही, एक मजबूत, नवोन्मेषी और खुशहाल भविष्य के लिए हमारे साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।"
यह ध्यान देने योग्य है कि लगभग 9 वर्षों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधिकारिक यात्रा पर इजरायल गए हैं। वह नेसेट को संबोधित करेंगे और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। प्रधानमंत्री मोदी दो दिनों में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे।