प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा: भारत-इजरायल की अटूट मित्रता पर जोर
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा 25 फरवरी को होगी।
- भारत और इजरायल के बीच अटूट मित्रता का महत्व।
- दोनों देशों के बीच नवाचार और सुरक्षा में सहयोग।
- 2017 के बाद मोदी की दूसरी यात्रा।
- द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का अवसर।
नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल की यात्रा पर जाने वाले हैं। अपनी इस यात्रा से पहले उन्होंने कहा कि भारत, इजरायल के साथ अपनी अटूट मित्रता को अत्यधिक महत्व देता है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मैं इस यात्रा के दौरान होने वाली चर्चाओं के लिए उत्सुक हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के पोस्ट का उत्तर देते हुए लिखा कि मेरे मित्र, प्रधानमंत्री नेतन्याहू, भारत और इजरायल के बीच की दोस्ती और हमारे द्विपक्षीय संबंधों की विविधता पर मैं पूरी तरह सहमत हूं। भारत इजरायल के साथ अटूट मित्रता को बहुत महत्व देता है, जो विश्वास, नवाचार और शांति एवं प्रगति के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।
पीएम मोदी ने आगे लिखा कि मैं अपनी आगामी इजरायल यात्रा के दौरान आपसे होने वाली चर्चाओं के लिए उत्सुक हूं।
इससे पहले, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था कि आज सुबह की कैबिनेट बैठक में मैंने अपने प्रिय मित्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी ऐतिहासिक इजरायल यात्रा के बारे में चर्चा की।
उन्होंने आगे कहा कि इजरायल और भारत के बीच का संबंध दो वैश्विक नेताओं का एक सशक्त गठबंधन है। हम नवाचार, सुरक्षा और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण में भागीदार हैं। एक साथ, हम स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध राष्ट्रों का एक गठबंधन बना रहे हैं। एआई से लेकर क्षेत्रीय सहयोग तक, हमारी साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। यरूशलम में आपसे मिलने का इंतजार रहेगा, प्रधानमंत्री मोदी!
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को इजरायल की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचेंगे, जो 2017 की उनकी ऐतिहासिक यात्रा के बाद उनकी दूसरी यात्रा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह विदेश यात्रा 2017 की ऐतिहासिक यात्रा के लगभग नौ साल बाद हो रही है, जो किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा इजरायल की पहली यात्रा थी और जिसने रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और नवाचार के क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत किया था।