राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 6 अक्टूबर को नैना देवी मंदिर में करेंगी पूजा, अटल सुरंग दौरा भी कार्यक्रम में
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने 6 से 8 अक्टूबर के हिमाचल प्रदेश दौरे के तहत नैना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी, इससे पहले वे कुल्लू ज़िले के रोहतांग में स्थित रणनीतिक अटल सुरंग का निरीक्षण करेंगी। 6 अक्टूबर को वे एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी — यह संस्थान के इतिहास का एक ऐतिहासिक अवसर है।
यात्रा कार्यक्रम का ब्यौरा
अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु नैना देवी मंदिर में दर्शन के लिए पंजाब के आनंदपुर साहिब से सड़क मार्ग से यात्रा करेंगी। मंदिर दर्शन के बाद वे आनंदपुर साहिब लौटेंगी और वहाँ से एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगी। समारोह में उनके लगभग दो से तीन घंटे बिताने की उम्मीद है, जिसके बाद वे मनाली रवाना होंगी।
7 अक्टूबर को मनाली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति ऐतिहासिक हिडिम्बा देवी मंदिर के भी दर्शन करेंगी। तीन दिवसीय इस दौरे का केंद्रबिंदु अटल सुरंग का निरीक्षण होगा, जो कुल्लू घाटी को सुदूर लाहौल-स्पीति से जोड़ती है।
अटल सुरंग का रणनीतिक महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अक्टूबर 2020 में उद्घाटन की गई अटल सुरंग मनाली और लाहौल घाटी के बीच हर मौसम में सड़क संपर्क सुनिश्चित करती है। इस सुरंग के बनने से उच्च ऊँचाई वाले रोहतांग दर्रे को पार करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है और यात्रा की दूरी में उल्लेखनीय कमी आई है। गौरतलब है कि इस वर्ष अप्रैल में राष्ट्रपति मुर्मु की हिमाचल प्रदेश की पिछली यात्रा में भी इस सुरंग का दौरा निर्धारित था, किंतु खराब मौसम के कारण उसे रद्द करना पड़ा था।
मंदिर में प्रवेश पर अस्थायी रोक
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए 6 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक नैना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रहेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी पूजा-प्रार्थना सुबह 7 बजे से पहले अथवा दोपहर 1 बजे के बाद पूरी कर लें।
सुरक्षा प्रबंध
नैना देवी मंदिर और एम्स बिलासपुर परिसर — दोनों स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को तीन-तीन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। राष्ट्रपति की अंतरराज्यीय यात्रा के दौरान पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस संयुक्त रूप से सुरक्षा का प्रबंधन करेंगी। दौरे के समय दोनों परिसरों को ड्रोन-मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाएगा। व्यवधान को न्यूनतम रखने के लिए राष्ट्रपति का मार्ग मुख्यतः एम्स परिसर के भीतर ही निर्धारित किया गया है, और स्कूलों तथा यातायात पर प्रभाव घटाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है।
आगे क्या
राष्ट्रपति मुर्मु का यह दौरा धार्मिक, शैक्षणिक और रणनीतिक — तीनों आयामों को समेटे हुए है। एम्स बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार का प्रतीक है, जबकि अटल सुरंग का दौरा सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।