24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शिक्षक दिवस 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर को 21 उच्च शिक्षा शिक्षकों को करेंगी सम्मानित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शिक्षक दिवस 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर को 21 उच्च शिक्षा शिक्षकों को करेंगी सम्मानित

सारांश

स्कूल शिक्षकों तक सीमित रहा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार अब उच्च शिक्षा तक पहुँच चुका है। 5 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आईआईटी से लेकर पॉलिटेक्निक तक के 21 शिक्षकों को सम्मानित करेंगी — जो NEP 2020 की भावना के अनुरूप शिक्षा में उत्कृष्टता को नई परिभाषा देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस पर 21 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 प्रदान करेंगी।
पुरस्कृत शिक्षकों में 12 केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों, 5 राज्य विश्वविद्यालयों और 4 पॉलिटेक्निक संस्थानों से हैं।
नामांकन प्रक्रिया 26 मई से 20 जुलाई 2026 तक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर ऑनलाइन चली।
2023 से उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों को भी इस पुरस्कार में शामिल किया गया — पहले यह केवल स्कूल शिक्षकों तक सीमित था।
इस वर्ष की सूची में इंजीनियरिंग, चिकित्सा, संस्कृत, मणिपुरी नृत्य, जनसंचार और योग जैसे विविध क्षेत्रों के शिक्षक शामिल हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में उच्च व तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले 21 शिक्षकों और संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से नवाज़ेंगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष पुरस्कृत होने वाले शिक्षक आईआईटी, आईआईएसईआर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों और पॉलिटेक्निक संस्थानों से हैं — जो उच्च शिक्षा में शोध, नवाचार और सामाजिक पहुँच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।

पुरस्कार विजेताओं का विवरण

चुने गए 21 शिक्षकों में से 12 केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों, 5 राज्य विश्वविद्यालयों और 4 पॉलिटेक्निक संस्थानों से हैं। केंद्रीय संस्थानों से सम्मानित होने वाले शिक्षकों में आईआईटी रुड़की की प्रो. अवलोकिता अग्रवाल, आईआईटी हैदराबाद की प्रो. कीर्ति चंद्र साहू, बिट्स पिलानी के प्रो. विनय चमोला, आईआईटी भुवनेश्वर के डॉ. श्रीकांत गोल्लापुड़ी, आईआईटी गांधीनगर के डॉ. मिथुन राधाकृष्ण और आईआईएसईआर भोपाल के प्रो. सौरव दत्ता शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त आईआईटी बॉम्बे के प्रो. विक्रम विशाल, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर के प्रो. सरवैया जयराजसिंह इंद्रजीत सिंह, आईआईटी कानपुर के प्रो. के. शंकर प्रसाद रथ, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की डॉ. मनीषा निगम और जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, वर्धा के डॉ. अमर मोहनराव ताकसांडे भी इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने गए हैं। राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 3 सरकारी और 2 निजी संस्थानों के शिक्षक, तथा पॉलिटेक्निक श्रेणी में 2 सरकारी और 2 निजी संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं।

नामांकन और चयन प्रक्रिया

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आमंत्रित किए गए थे। नामांकन की प्रक्रिया 26 मई से 20 जुलाई 2026 तक चली। इस बार स्वयं नामांकन, संस्थान द्वारा नामांकन और सहकर्मियों द्वारा नामांकन — तीनों विकल्प उपलब्ध कराए गए, जिससे जनभागीदारी को बढ़ावा मिला।

चयन की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हुई। पहले प्रारंभिक खोज-सह-छंटनी समिति ने योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार की, और फिर जूरी समिति ने अंतिम विजेताओं का चयन किया। मूल्यांकन में केवल अध्यापन नहीं, बल्कि शोध, नवाचार, प्रायोजित शोध, संकाय विकास कार्यक्रम, सामुदायिक पहुँच और परामर्श जैसे मानदंडों को भी महत्व दिया गया।

उच्च शिक्षा को पुरस्कार में शामिल करने का महत्व

गौरतलब है कि 2023 से पहले राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मुख्यतः स्कूल शिक्षकों तक सीमित था। 2023 में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों को भी इस पुरस्कार के दायरे में लाया गया। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उस सोच के अनुरूप है, जो शिक्षा के हर स्तर पर उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करती है।

इस वर्ष की सूची की विशेषता यह भी है कि इसमें इंजीनियरिंग, चिकित्सा, विज्ञान, संस्कृत, मणिपुरी नृत्य, जनसंचार और योग जैसे विविध क्षेत्रों के शिक्षक शामिल हैं — जो भारतीय उच्च शिक्षा की बहुआयामी प्रकृति को रेखांकित करता है।

आगे क्या

शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देने से शिक्षा जगत में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। 5 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले इस समारोह से उच्च शिक्षा के शिक्षकों को राष्ट्रीय पहचान मिलने का नया अध्याय और सुदृढ़ होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह सम्मान केवल प्रतीकात्मक रहेगा या इसके साथ संस्थागत समर्थन, शोध निधि और शिक्षण-भार में कमी जैसे ठोस प्रोत्साहन भी जुड़ेंगे। भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षक-छात्र अनुपात और शोध प्रकाशन की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से चिंताएँ हैं। NEP 2020 की भावना तभी साकार होगी जब पुरस्कार एक व्यापक नीति-ढाँचे का हिस्सा बने, न कि वार्षिक समारोह का औपचारिक अंग।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 किसे और कब मिलेगा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में 21 उच्च शिक्षा शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 प्रदान करेंगी। इन शिक्षकों का चयन आईआईटी, आईआईएसईआर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों से किया गया है।
इस बार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में कितने और किन संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं?
इस वर्ष 21 शिक्षकों को पुरस्कार दिया जाएगा — जिनमें 12 केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों, 5 राज्य विश्वविद्यालयों और 4 पॉलिटेक्निक संस्थानों से हैं। आईआईटी रुड़की, आईआईटी हैदराबाद, बिट्स पिलानी, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी कानपुर और आईआईएसईआर भोपाल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षक इस सूची में शामिल हैं।
उच्च शिक्षा के शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में कब से शामिल किया गया?
2023 में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार में शामिल किया गया। इससे पहले यह पुरस्कार मुख्यतः स्कूल शिक्षकों तक सीमित था।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया कैसी थी?
नामांकन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से 26 मई से 20 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आमंत्रित किए गए थे। इस बार स्वयं नामांकन, संस्थान द्वारा नामांकन और सहकर्मियों द्वारा नामांकन — तीनों विकल्प उपलब्ध कराए गए।
पुरस्कार के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया?
केवल अध्यापन नहीं, बल्कि शोध और नवाचार, प्रायोजित शोध, संकाय विकास कार्यक्रम, सामुदायिक पहुँच और परामर्श जैसे कई मानदंडों पर मूल्यांकन हुआ। चयन दो चरणों में हुआ — पहले प्रारंभिक खोज-सह-छंटनी समिति, फिर जूरी समिति।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
    राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025: बिहार की पुष्पा प्रसाद और MP के शैलेंद्र प्रताप सिंह सम्मानित, 5 सितंबर को राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी पुरस्कृत
  3. कल
  4. 1 महीना पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले