शिक्षक दिवस 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर को 21 उच्च शिक्षा शिक्षकों को करेंगी सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में उच्च व तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले 21 शिक्षकों और संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से नवाज़ेंगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष पुरस्कृत होने वाले शिक्षक आईआईटी, आईआईएसईआर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों और पॉलिटेक्निक संस्थानों से हैं — जो उच्च शिक्षा में शोध, नवाचार और सामाजिक पहुँच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।
पुरस्कार विजेताओं का विवरण
चुने गए 21 शिक्षकों में से 12 केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों, 5 राज्य विश्वविद्यालयों और 4 पॉलिटेक्निक संस्थानों से हैं। केंद्रीय संस्थानों से सम्मानित होने वाले शिक्षकों में आईआईटी रुड़की की प्रो. अवलोकिता अग्रवाल, आईआईटी हैदराबाद की प्रो. कीर्ति चंद्र साहू, बिट्स पिलानी के प्रो. विनय चमोला, आईआईटी भुवनेश्वर के डॉ. श्रीकांत गोल्लापुड़ी, आईआईटी गांधीनगर के डॉ. मिथुन राधाकृष्ण और आईआईएसईआर भोपाल के प्रो. सौरव दत्ता शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त आईआईटी बॉम्बे के प्रो. विक्रम विशाल, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर के प्रो. सरवैया जयराजसिंह इंद्रजीत सिंह, आईआईटी कानपुर के प्रो. के. शंकर प्रसाद रथ, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की डॉ. मनीषा निगम और जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, वर्धा के डॉ. अमर मोहनराव ताकसांडे भी इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुने गए हैं। राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 3 सरकारी और 2 निजी संस्थानों के शिक्षक, तथा पॉलिटेक्निक श्रेणी में 2 सरकारी और 2 निजी संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं।
नामांकन और चयन प्रक्रिया
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आमंत्रित किए गए थे। नामांकन की प्रक्रिया 26 मई से 20 जुलाई 2026 तक चली। इस बार स्वयं नामांकन, संस्थान द्वारा नामांकन और सहकर्मियों द्वारा नामांकन — तीनों विकल्प उपलब्ध कराए गए, जिससे जनभागीदारी को बढ़ावा मिला।
चयन की प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न हुई। पहले प्रारंभिक खोज-सह-छंटनी समिति ने योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार की, और फिर जूरी समिति ने अंतिम विजेताओं का चयन किया। मूल्यांकन में केवल अध्यापन नहीं, बल्कि शोध, नवाचार, प्रायोजित शोध, संकाय विकास कार्यक्रम, सामुदायिक पहुँच और परामर्श जैसे मानदंडों को भी महत्व दिया गया।
उच्च शिक्षा को पुरस्कार में शामिल करने का महत्व
गौरतलब है कि 2023 से पहले राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मुख्यतः स्कूल शिक्षकों तक सीमित था। 2023 में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों को भी इस पुरस्कार के दायरे में लाया गया। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उस सोच के अनुरूप है, जो शिक्षा के हर स्तर पर उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करती है।
इस वर्ष की सूची की विशेषता यह भी है कि इसमें इंजीनियरिंग, चिकित्सा, विज्ञान, संस्कृत, मणिपुरी नृत्य, जनसंचार और योग जैसे विविध क्षेत्रों के शिक्षक शामिल हैं — जो भारतीय उच्च शिक्षा की बहुआयामी प्रकृति को रेखांकित करता है।
आगे क्या
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देने से शिक्षा जगत में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। 5 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले इस समारोह से उच्च शिक्षा के शिक्षकों को राष्ट्रीय पहचान मिलने का नया अध्याय और सुदृढ़ होगा।