राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: देशभर से 48 शिक्षक चयनित, 5 सितंबर को राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देशभर से चयनित 48 शिक्षकों को 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026' से सम्मानित करेंगी। 22 अगस्त 2026 को इन शिक्षकों के नामों की घोषणा के बाद चयनित शिक्षकों ने इस उपलब्धि पर गहरी खुशी और आभार जताया।
मध्य प्रदेश की शिक्षिका अर्चना शुक्ला का अनुभव
मध्य प्रदेश की शिक्षिका अर्चना शुक्ला ने बताया कि उनके अधिकांश विद्यार्थी पिछड़े और आर्थिक रूप से कमज़ोर पृष्ठभूमि से आते हैं, फिर भी उनमें असीम क्षमता है। उन्होंने कहा, 'स्टूडेंट्स पिछड़े बैकग्राउंड से आते हैं और उनमें से कई आर्थिक रूप से स्थिर नहीं हैं। हालांकि, इन बच्चों में बहुत क्षमता है। हमें लगता है कि अगर हम अपने पढ़ाने के तरीकों में कुछ बदलाव करें, तो इससे इन बच्चों में काफी सुधार आ सकता है।'
अर्चना शुक्ला को शुक्रवार शाम लगभग 5:00-5:30 बजे ईमेल के ज़रिए इस पुरस्कार की सूचना मिली। उन्होंने कहा, 'आज मुझे जो अवॉर्ड मिल रहा है, वह किसी एक इंसान के लिए नहीं है। यह सभी महिलाओं के लिए है, मध्य प्रदेश के शिक्षकों के लिए और मेरे स्टूडेंट्स के लिए है, जिन्होंने हमेशा मुझ पर भरोसा किया है।'
प्रभारी प्राचार्य की प्रतिक्रिया
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पी. विजय कुमार ने बताया कि उन्हें शुक्रवार शाम 6 बजे शिक्षिका अर्चना शुक्ला के फोन से इस पुरस्कार की जानकारी मिली। उन्होंने कहा, 'यह पूरे स्कूल के लिए, बच्चों के लिए बहुत सौभाग्य की बात है।' उन्होंने बताया कि अर्चना शुक्ला को विशेष रूप से प्रोजेक्ट बेस लर्निंग और इनोवेटिव शिक्षण पद्धतियों के लिए यह पुरस्कार दिया जा रहा है, जिसके कारण बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विद्यालय में विज्ञान के साथ-साथ वाणिज्य और कला क्षेत्र में भी शोध-कार्य को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पंजाब के डॉ. दिनेश कुमार की बात
पंजाब के डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि इस पुरस्कार की सूचना मिलने के बाद जिले, राज्य और देशभर से शुभकामनाओं के फोन आए। उन्होंने बताया कि उनके विद्यार्थी सरकारी स्कूलों के हैं और अत्यंत गरीब परिवारों से आते हैं। कई बच्चों को एनजीओ और संस्थाओं का सहयोग मिलता है, जो उनकी इंजीनियरिंग या मेडिकल कॉलेज की फीस वहन करती हैं। उन्होंने कहा, 'बच्चे जब हमें कुछ करते हुए देखते हैं, तो जल्दी सीखते हैं।'
गाजियाबाद की डॉ. रेणु त्रिपाठी का नवाचार
गाजियाबाद की विज्ञान शिक्षिका डॉ. रेणु त्रिपाठी को शुक्रवार शाम 5:56 बजे ईमेल के ज़रिए पुरस्कार की सूचना मिली। उन्होंने कहा, 'मैं उस अनुभूति को शब्दों में बयां नहीं कर पा रही हूं।' डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 के अंतर्गत बच्चों को सरल भाषा में, व्यावहारिक और कम लागत वाले मॉडलों के ज़रिए पढ़ाती हैं। उनके विद्यालय में हर्बल गार्डन भी है, जहाँ वे बच्चों को प्रकृति के बीच ले जाकर विज्ञान सिखाती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रायोगिक और अनुभव-आधारित शिक्षा को नई राष्ट्रीय नीति के तहत प्राथमिकता दी जा रही है।
आगे क्या होगा
चयनित सभी 48 शिक्षक 5 सितंबर 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाएंगे। यह पुरस्कार भारत में शिक्षण क्षेत्र की सर्वोच्च राष्ट्रीय मान्यता मानी जाती है और इसे शिक्षकों के अभिनव प्रयासों तथा विद्यार्थियों के जीवन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव के आधार पर प्रदान किया जाता है।