क्या पुणे की अजिंक्य डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी ने पंकजा मुंडे को दी मानद पीएचडी की उपाधि?
सारांश
Key Takeaways
- पंकजा मुंडे को मानद पीएचडी दी गई।
- उन्हें विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की ख्वाहिश थी।
- समारोह में रोहित शर्मा को भी मानद डॉक्टरेट मिला।
- छात्रों को सकारात्मक सोच रखने के लिए प्रेरित किया गया।
- यूनिवर्सिटी द्वारा समाज सेवा और शिक्षा को बढ़ावा दिया जाता है।
पुणे, २४ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र की कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता पंकजा मुंडे को शनिवार को पुणे स्थित अजिंक्य डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी ने मानद पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया। इस उपाधि के लिए उन्होंने अजिंक्य डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी का धन्यवाद किया।
पंकजा मुंडे ने कहा कि अजिंक्य डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उन्हें यह मानद पीएचडी दी गई है। इस सम्मान के लिए मैं अजिंक्य डीवाई पाटिल, संपूर्ण विश्वविद्यालय और जूरी के प्रति अपना आभार व्यक्त करती हूं।
उन्होंने आगे कहा कि मैंने हमेशा विज्ञान (साइंस) की पढ़ाई की और उच्च डिग्री प्राप्त करने की इच्छा रखी, लेकिन राजनीति के कामों में इतना व्यस्त हो गई कि यह संभव नहीं हो पाया। आज मेरा सपना सच हो गया है और मैं बहुत खुश हूं।
पंकजा मुंडे ने उन सभी छात्रों को बधाई दी, जिन्हें गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल मिले हैं। उन्होंने कहा कि मैं पीएचडी करना चाहती थी और अब मुझे यह उपाधि भी प्राप्त हो गई है।
उन्होंने छात्रों से कहा कि जो बनना चाहते हो, बनो, लेकिन दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करो जैसा तुम चाहते हो कि लोग तुम्हारे साथ करें। यदि तुम खुश रहना चाहते हो और दूसरों को खुश करना चाहते हो तो सकारात्मक रहना सीखो। लोगों की सुनो, लेकिन जो तुम्हारे दिल में हो, वही करो।
लोहेगांव परिसर में आयोजित अजिंक्य डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय (एडीवाईपीयू) के १०वें दीक्षांत समारोह में दिग्गज क्रिकेटर रोहित शर्मा को भी मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई, उनके भारतीय खेलों में अद्वितीय योगदान और वैश्विक मंच पर नेतृत्व के लिए सराहना करते हुए।
ज्ञात रहे कि अजिंक्य डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय द्वारा क्रिकेट, सेवा, सामाजिक कार्य, सांस्कृतिक, औद्योगिक नेतृत्व और उद्योग में कार्यरत व्यक्तियों को डॉक्टरेट की उपाधि दी जाती है।