क्या पंजाब पुलिस ने वीआईपी एस्कॉर्ट में दुर्व्यवहार पर सख्ती दिखाई है?
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़, १३ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब पुलिस ने वीआईपी काफिले की मूवमेंट के दौरान आम लोगों को होने वाली परेशानियों और एस्कॉर्ट में दुर्व्यवहार के मामलों के संदर्भ में कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने अपने एक्स हैंडल पर स्पष्ट रूप से कहा है कि वह किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को सहन नहीं करेगी। उनका कहना है कि उनकी जिम्मेदारी केवल वीआईपी की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क पर आम जनता की गरिमा, सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना भी उनकी प्राथमिकता है।
हाल ही में, जीरकपुर-अंबाला मार्ग पर एक एस्कॉर्ट वाहन की हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल प्रभाव से सभी संबंधित कर्मियों के लिए छह नए निर्देश जारी किए हैं।
पहला, गैर आपातकालीन स्थितियों में यातायात के सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। सड़क सुरक्षा मानकों में कोई छूट नहीं दी जाएगी।
दूसरा, आम लोगों की आवाजाही में न्यूनतम बाधा डालते हुए सड़क मार्ग को सुगम बनाए रखना होगा। तीसरा, वीआईपी के साथ यात्रा के दौरान शिष्टाचार और पेशेवर व्यवहार का पालन करना अनिवार्य है।
चौथा निर्देश यह है कि हर परिस्थिति में धैर्य और संयम बनाए रखना होगा। पांचवां, कोई भी घटना होने पर एस्कॉर्ट प्रभारी को तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचित करना होगा और छठा, सभी जिलों को अगले 48 घंटों के भीतर एस्कॉर्ट, पायलट और यातायात कर्मचारियों को सड़क पर विनम्र और पेशेवर आचरण की ट्रेनिंग देनी होगी।
पंजाब पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि वीआईपी सुरक्षा एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए अनुशासन, धैर्य और नागरिकों के प्रति सम्मान आवश्यक है। मजबूत सुरक्षा और अच्छा व्यवहार एक साथ चलना चाहिए। पुलिस ने खुद को एक गौरवशाली और पेशेवर बल बताया, जिसकी ताकत जनता की सुरक्षा और उनके विश्वास में निहित है।
इस घटना से पहले भी कई बार वीआईपी काफिले के कारण आम लोग प्रभावित होते रहे हैं। लोगों ने शिकायत की है कि सायरन बजाकर रास्ता खाली करवाना और गलत तरीके से गाड़ी चलाना अनुचित है। अब पुलिस ने यह वादा किया है कि ऐसा फिर नहीं होगा।