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पंजाब सफाई अभियान: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला में झाड़ू थामी, प्लास्टिक छोड़ने की अपील

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पंजाब सफाई अभियान: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला में झाड़ू थामी, प्लास्टिक छोड़ने की अपील

सारांश

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने सफाई अभियान के चौथे दिन पटियाला में खुद झाड़ू उठाई — नेताओं को भाषण नहीं, मैदान में उतरने का संदेश दिया। प्लास्टिक छोड़ने की अपील और 'अहम सेवा' ऐप की जियो-टैगिंग सुविधा इस अभियान को तकनीक से जोड़ती है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य मंत्री डॉ.
बलबीर सिंह ने 1 सितंबर 2026 को पटियाला के त्रिपड़ी मोड़ पर सफाई अभियान में स्वयं भाग लिया।
प्रदेशव्यापी विशेष सफाई अभियान का यह चौथा दिन था; ग्रामीण पटियाला क्षेत्र भी इसमें शामिल किया गया।
नागरिकों से 'अहम सेवा' ऐप पर जियो-टैग फोटो अपलोड कर सफाई समस्याएँ दर्ज कराने की अपील की गई।
मंत्री ने प्लास्टिक बोतलों व गिलासों की जगह कपड़े-जूट के थैले अपनाने पर जोर दिया; माइक्रोप्लास्टिक को भावी पीढ़ियों के लिए खतरा बताया।
स्मार्टफोन न रखने वाले नागरिक हेल्पलाइन नंबर से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

पंजाब सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 1 सितंबर 2026 को पटियाला के त्रिपड़ी मोड़ पर प्रदेशव्यापी विशेष सफाई अभियान के चौथे दिन स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई में हिस्सा लिया। उन्होंने नागरिकों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने और 'अहम सेवा' ऐप के ज़रिए सफाई संबंधी शिकायतें दर्ज कराने की अपील की।

मंत्री का मैदान में उतरना — नेतृत्व का संदेश

डॉ. बलबीर सिंह ने पत्रकारों से कहा कि पंजाब सरकार का यह सफाई अभियान नेक नीयत और जनभागीदारी पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर प्रयास कर सकते हैं, लेकिन आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के बिना किसी भी शहर को पूरी तरह स्वच्छ बनाना संभव नहीं है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पार्षदों और अधिकारियों को सीधे संदेश दिया कि केवल भाषण देना पर्याप्त नहीं — उन्हें खुद मैदान में उतरकर अभियान में भाग लेना चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए।

पटियाला को 'बागों का शहर' बनाने का संकल्प

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि पटियाला को एक बार फिर 'बागों का शहर' की पहचान दिलानी है, तो इसकी शुरुआत हर नागरिक को अपने घर से करनी होगी। उनके अनुसार, पहले घर, फिर गली-मोहल्ला और उसके बाद पूरा शहर साफ होगा।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि स्वच्छ वातावरण का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य से है — आसपास जमा गंदगी कई बीमारियों को जन्म दे सकती है।

'अहम सेवा' ऐप से शिकायत, जियो-टैग से कार्रवाई

डॉ. बलबीर सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे पंजाब सरकार की 'अहम सेवा' ऐप के माध्यम से कूड़े के ढेर, मच्छरों की भरमार, सीवरेज की समस्या, जमा पानी, असुरक्षित इमारत या अस्पतालों के आसपास की गंदगी की तस्वीरें अपलोड करें। तस्वीर के साथ जियो-टैग लोकेशन भी दर्ज होगी, जिससे संबंधित विभाग को सटीक स्थान की जानकारी मिलेगी और कार्रवाई के लिए टीम भेजी जा सकेगी।

जिन नागरिकों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे हेल्पलाइन नंबर के ज़रिए भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

प्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक — स्वास्थ्य पर गहरा खतरा

मंत्री ने लोगों से बाज़ार जाते समय कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करने और प्लास्टिक की बोतलों व गिलासों से परहेज़ करने की अपील की। उन्होंने चेताया कि माइक्रोप्लास्टिक न केवल मानव स्वास्थ्य, बल्कि पर्यावरण के लिए भी दीर्घकालिक नुकसानदायक है और इसका असर आने वाली पीढ़ियों तक पड़ सकता है।

चार दिन में दिखा असर, प्रदेशभर से आ रहे फोन

अभियान के चार दिन पूरे होने पर डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि प्रदेशभर से नागरिकों के फोन आ रहे हैं और सामूहिक प्रयास से समाज में नई जागरूकता पैदा हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नागरिक जिम्मेदारी और सजगता के साथ काम करें, तो सफाई के साथ-साथ नशे, शिक्षा, रोज़गार और अन्य सामाजिक समस्याओं से निपटने में भी मदद मिल सकती है।

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब पंजाब सरकार स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों मोर्चों पर जन-जागरण को प्राथमिकता दे रही है — और अगले कुछ हफ्तों में अभियान की व्यापकता और परिणाम ही इसकी असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि चार दिन की जन-जागरण ऊर्जा को संस्थागत ढाँचे में कैसे बदला जाएगा। 'अहम सेवा' ऐप की जियो-टैगिंग एक सकारात्मक तकनीकी कदम है, पर शिकायत दर्ज होने से कार्रवाई तक की समयसीमा और जवाबदेही का तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है। पंजाब में पहले भी ऐसे अभियान चले हैं जो कुछ हफ्तों में शिथिल पड़ गए — इस बार की परीक्षा यह होगी कि क्या यह अभियान नियमित नगरपालिका प्रशासन का हिस्सा बनता है या केवल एक मौसमी सुर्खी बनकर रह जाता है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब सरकार का विशेष सफाई अभियान क्या है?
यह पंजाब सरकार द्वारा प्रदेशभर में चलाया जा रहा विशेष स्वच्छता अभियान है, जिसका उद्देश्य नागरिकों में सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सरकारी-जन भागीदारी से शहरों व गाँवों को स्वच्छ बनाना है। 1 सितंबर 2026 को इस अभियान का चौथा दिन था।
'अहम सेवा' ऐप से सफाई शिकायत कैसे दर्ज करें?
नागरिक 'अहम सेवा' ऐप पर समस्या वाले स्थान की तस्वीर खींचकर अपलोड कर सकते हैं — तस्वीर के साथ जियो-टैग लोकेशन स्वतः दर्ज होगी, जिससे संबंधित विभाग को सटीक जानकारी मिलेगी और कार्रवाई के लिए टीम भेजी जा सकेगी। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे हेल्पलाइन नंबर से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
माइक्रोप्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए क्यों खतरनाक है?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार माइक्रोप्लास्टिक मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक है और इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक पड़ सकता है। इसीलिए उन्होंने प्लास्टिक बोतलों, गिलासों और पॉलीथीन की जगह कपड़े व जूट के थैलों के उपयोग की अपील की।
पटियाला को 'बागों का शहर' फिर से कैसे बनाया जाएगा?
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इसकी शुरुआत हर नागरिक को अपने घर से करनी होगी — पहले घर, फिर गली-मोहल्ला और उसके बाद पूरा शहर साफ होगा। नेताओं, पार्षदों और अधिकारियों को भी भाषण तक सीमित न रहकर स्वयं अभियान में भाग लेना होगा।
सफाई अभियान में जनभागीदारी क्यों ज़रूरी है?
मंत्री के अनुसार सरकार और प्रशासन अपने स्तर पर सफाई व्यवस्था सुधार सकते हैं, लेकिन आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के बिना कोई भी शहर पूरी तरह स्वच्छ नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिक जागरूकता से सफाई के साथ-साथ नशे, शिक्षा और रोज़गार जैसी सामाजिक समस्याओं से निपटने में भी मदद मिल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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