2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पटियाला को मिला पंजाब का पहला हाइब्रिड सफाई मॉडल, एक महीने में बनेगा राज्य का सबसे साफ शहर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पटियाला को मिला पंजाब का पहला हाइब्रिड सफाई मॉडल, एक महीने में बनेगा राज्य का सबसे साफ शहर

सारांश

पटियाला में लॉन्च हुआ पंजाब का पहला हाइब्रिड सफाई मॉडल — मशीनें और सफाई कर्मचारी मिलकर चार चरणों में सड़कें साफ करेंगे। मंत्री हरजोत सिंह बैंस का दावा है कि एक महीने में पटियाला राज्य का सबसे स्वच्छ शहर बनेगा और फिर यह मॉडल पूरे पंजाब में लागू होगा।

मुख्य बातें

स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पटियाला में पंजाब का पहला हाइब्रिड सफाई मॉडल लॉन्च किया।
मॉडल में चार चरण शामिल हैं — मशीनी घास-कटाई, हाथ से कचरा उठाना, सुपर-सक्शन और सड़क धोना।
प्रत्येक वार्ड के लिए साप्ताहिक सफाई शेड्यूल तय किया गया है; हर सोमवार को अभियान।
एक महीने के भीतर पटियाला को पंजाब का सबसे साफ शहर बनाने का लक्ष्य।
सफलता के बाद यह मॉडल पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य बनाने का दीर्घकालिक लक्ष्य।

पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने 11 जून 2025 को पटियाला की सड़कों पर राज्य के पहले 'हाइब्रिड सफाई मॉडल' का लाइव डेमो किया और घोषणा की कि इस प्रणाली के ज़रिए पटियाला को एक महीने के भीतर पंजाब का सबसे साफ शहर बनाया जाएगा। इसके बाद इस मॉडल को पूरे पंजाब में लागू करने की योजना है, जिससे राज्य को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

हाइब्रिड मॉडल में क्या है खास

इस मॉडल में मशीनी और मानवीय सफाई को एक साथ जोड़ा गया है। चार-चरणीय प्रोटोकॉल के तहत पहले मशीनों से जंगली घास और झाड़ियाँ काटी जाती हैं, फिर बागवानी और भारी कचरे को हाथ से उठाया जाता है, इसके बाद सुपर-सक्शन मशीनों से बची-खुची गंदगी हटाई जाती है और अंत में सड़क को धोया जाता है। प्रत्येक वार्ड के लिए एक पूर्व-निर्धारित साप्ताहिक सफाई शेड्यूल तैयार किया गया है।

सफाई कर्मचारी इस पहल के केंद्र में

मंत्री बैंस ने स्पष्ट किया कि इस प्रणाली में सफाई कर्मचारियों की भूमिका केंद्रीय है, क्योंकि दूसरा चरण — ऑर्गेनिक कचरे का संग्रह — पूरी तरह उन पर निर्भर है। उन्होंने कहा, 'हमारे सफाई सेवक हमारे मुख्य सहयोगी हैं। मशीनें भारी और बारीकी वाला काम संभालती हैं, ताकि मेहनत वाला काम कम हो और काम करने की क्षमता बढ़े।' उनके अनुसार एक बार सड़कें नियमित रूप से साफ होने लगें तो गहरी सफाई की आवश्यकता स्वतः कम होती जाएगी।

मुख्यमंत्री मान के विज़न से जुड़ी पहल

बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब भारत की सबसे उन्नत शहरी सफाई प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी निकायों पर स्वच्छता रैंकिंग सुधारने का दबाव है। गौरतलब है कि पंजाब के कई शहर राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में अपेक्षाकृत पिछड़े रहे हैं, और यह मॉडल उस अंतर को पाटने का प्रयास है।

आगे क्या होगा

मंत्री के अनुसार प्रत्येक सोमवार को सभी वार्डों में एक साथ सफाई अभियान चलाया जाएगा और हर सप्ताह इसकी गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। एक महीने के भीतर पटियाला को पंजाब का सबसे स्वच्छ शहर घोषित करने का लक्ष्य है, जिसके बाद इस मॉडल को राज्य के अन्य शहरों और कस्बों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन क्रियान्वयन की खाई अक्सर घोषणाओं को बेअसर कर देती है। असली परीक्षा यह होगी कि साप्ताहिक शेड्यूल का पालन ज़मीन पर कितना सुनिश्चित होता है और सफाई कर्मचारियों की सेवा शर्तें व उपकरण वास्तव में बेहतर होते हैं या नहीं। 'एक महीने में सबसे साफ शहर' जैसे दावे राजनीतिक रूप से आकर्षक हैं, लेकिन स्वच्छ सर्वेक्षण की स्वतंत्र रैंकिंग ही इसकी विश्वसनीयता तय करेगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटियाला का हाइब्रिड सफाई मॉडल क्या है?
यह पंजाब का पहला ऐसा सफाई मॉडल है जिसमें मशीनी सफाई (सुपर-सक्शन, स्क्रबर, झाड़ी काटने वाली मशीनें) और सफाई कर्मचारियों द्वारा मैन्युअल कचरा संग्रह को एक चार-चरणीय प्रोटोकॉल में जोड़ा गया है। प्रत्येक वार्ड के लिए साप्ताहिक शेड्यूल तय किया गया है।
इस मॉडल से पटियाला को कब तक फायदा मिलेगा?
मंत्री हरजोत सिंह बैंस के अनुसार एक महीने के भीतर पटियाला को पंजाब का सबसे साफ शहर बनाने का लक्ष्य है। हर सोमवार को सभी वार्डों में एक साथ अभियान चलाया जाएगा और हर सप्ताह गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा।
क्या यह मॉडल पूरे पंजाब में लागू होगा?
हाँ, पटियाला में सफलता के बाद इस मॉडल को पूरे पंजाब में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है। सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य पंजाब को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य बनाना है।
इस मॉडल में सफाई कर्मचारियों की क्या भूमिका है?
सफाई कर्मचारी इस मॉडल के दूसरे चरण — ऑर्गेनिक कचरे का हाथ से संग्रह — में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। मंत्री बैंस ने उन्हें 'मुख्य सहयोगी' बताया और कहा कि मशीनें भारी काम संभालकर कर्मचारियों पर शारीरिक बोझ कम करती हैं।
हाइब्रिड मॉडल के चार चरण कौन से हैं?
पहले चरण में मशीनों से जंगली घास और झाड़ियाँ काटी जाती हैं। दूसरे में बागवानी और भारी कचरा हाथ से उठाया जाता है। तीसरे में सुपर-सक्शन मशीनों से बची गंदगी हटाई जाती है और चौथे चरण में सड़क को धोया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले