पटियाला को मिला पंजाब का पहला हाइब्रिड सफाई मॉडल, एक महीने में बनेगा राज्य का सबसे साफ शहर
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने 11 जून 2025 को पटियाला की सड़कों पर राज्य के पहले 'हाइब्रिड सफाई मॉडल' का लाइव डेमो किया और घोषणा की कि इस प्रणाली के ज़रिए पटियाला को एक महीने के भीतर पंजाब का सबसे साफ शहर बनाया जाएगा। इसके बाद इस मॉडल को पूरे पंजाब में लागू करने की योजना है, जिससे राज्य को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
हाइब्रिड मॉडल में क्या है खास
इस मॉडल में मशीनी और मानवीय सफाई को एक साथ जोड़ा गया है। चार-चरणीय प्रोटोकॉल के तहत पहले मशीनों से जंगली घास और झाड़ियाँ काटी जाती हैं, फिर बागवानी और भारी कचरे को हाथ से उठाया जाता है, इसके बाद सुपर-सक्शन मशीनों से बची-खुची गंदगी हटाई जाती है और अंत में सड़क को धोया जाता है। प्रत्येक वार्ड के लिए एक पूर्व-निर्धारित साप्ताहिक सफाई शेड्यूल तैयार किया गया है।
सफाई कर्मचारी इस पहल के केंद्र में
मंत्री बैंस ने स्पष्ट किया कि इस प्रणाली में सफाई कर्मचारियों की भूमिका केंद्रीय है, क्योंकि दूसरा चरण — ऑर्गेनिक कचरे का संग्रह — पूरी तरह उन पर निर्भर है। उन्होंने कहा, 'हमारे सफाई सेवक हमारे मुख्य सहयोगी हैं। मशीनें भारी और बारीकी वाला काम संभालती हैं, ताकि मेहनत वाला काम कम हो और काम करने की क्षमता बढ़े।' उनके अनुसार एक बार सड़कें नियमित रूप से साफ होने लगें तो गहरी सफाई की आवश्यकता स्वतः कम होती जाएगी।
मुख्यमंत्री मान के विज़न से जुड़ी पहल
बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब भारत की सबसे उन्नत शहरी सफाई प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी निकायों पर स्वच्छता रैंकिंग सुधारने का दबाव है। गौरतलब है कि पंजाब के कई शहर राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में अपेक्षाकृत पिछड़े रहे हैं, और यह मॉडल उस अंतर को पाटने का प्रयास है।
आगे क्या होगा
मंत्री के अनुसार प्रत्येक सोमवार को सभी वार्डों में एक साथ सफाई अभियान चलाया जाएगा और हर सप्ताह इसकी गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। एक महीने के भीतर पटियाला को पंजाब का सबसे स्वच्छ शहर घोषित करने का लक्ष्य है, जिसके बाद इस मॉडल को राज्य के अन्य शहरों और कस्बों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।