जेपी नड्डा ने शिमला के चौड़ा मैदान में स्वच्छता अभियान में लिया भाग, अंबेडकर प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार, 13 जून 2026 को शिमला के चौड़ा मैदान में आयोजित स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने भारत रत्न और संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा की साफ-सफाई की, परिसर में जल अर्पण कर स्वच्छता कार्य किया और तत्पश्चात प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
मुख्य घटनाक्रम
शिमला प्रवास के दौरान नड्डा ने स्वयं झाड़ू उठाकर अंबेडकर प्रतिमा परिसर की सफाई की। उन्होंने प्रतिमा स्थल पर पानी डालकर स्वच्छता सुनिश्चित की और बाद में पुष्पांजलि अर्पित कर संविधान निर्माता के प्रति सम्मान व्यक्त किया। यह उनके शिमला दौरे का एक उल्लेखनीय सार्वजनिक कार्यक्रम रहा।
नड्डा ने मीडिया से क्या कहा
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में जेपी नड्डा ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वच्छता के महत्व पर विशेष बल दिया था और इसे जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'स्वच्छ भारत' अभियान ने इसे एक व्यापक जन आंदोलन का रूप दिया, जिससे आज देशभर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
नड्डा ने यह भी कहा कि जब भी उन्हें किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलता है, वे स्वच्छता अभियान में भी हिस्सा लेते हैं और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास करते हैं।
अंबेडकर के योगदान पर विचार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिमला प्रवास के दौरान भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर सफाई करना और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि अंबेडकर के विचार और राष्ट्र-निर्माण में उनका योगदान प्रत्येक देशवासी को प्रेरणा देता है और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना हर नागरिक का दायित्व है।
स्वच्छता को सतत आंदोलन बनाने का आह्वान
नड्डा ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता अभियान कोई सीमित अवधि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत जन आंदोलन है जिसे निरंतर आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जनभागीदारी के बल पर स्वच्छ भारत का संकल्प और अधिक सुदृढ़ होगा।