जेपी नड्डा की जयपुर में तिरंगा यात्रा: शहीदों को नमन, 10 रक्त संग्रह बसों को हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता जगत प्रकाश नड्डा ने 9 अगस्त 2026 को जयपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा में भाग लिया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वतंत्रता सेनानियों से भेंट की। अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक निकली इस यात्रा में राजस्थान के शीर्ष नेतृत्व ने एकजुट होकर राष्ट्रीय भावना का प्रदर्शन किया।
श्रद्धांजलि और सम्मान
नड्डा ने अमर जवान ज्योति स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को नमन किया। इसके बाद उन्होंने राज्य भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। यात्रा के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व वरिष्ठ भाजपा नेता प्रवीण चंद छाबड़ा के आवास पर जाकर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।
स्वास्थ्य सेवा को मजबूती: 10 नई रक्त संग्रह बसें
जयपुर प्रवास के दौरान नड्डा ने राज्य की रक्त संग्रह एवं परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 नई रक्त संग्रह और परिवहन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल राजस्थान में स्वास्थ्य अवसंरचना को विस्तार देने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम के रूप में देखी जा रही है।
तिरंगा यात्रा में नेतृत्व का संगम
इस यात्रा में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, राज्य भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और राज्य प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ आरंभ हुई इस यात्रा में नड्डा ने राजस्थान को 'बहादुर नायकों और राष्ट्र-निर्माताओं की भूमि' बताया।
तिरंगे का ऐतिहासिक सफर
नड्डा ने राष्ट्रीय ध्वज के विकासक्रम का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि भारत ने 22 जुलाई 1947 को संवैधानिक रूप से तिरंगे को अपनाया था। उन्होंने 1906 के स्वदेशी आंदोलन के झंडे से लेकर 1921 में महात्मा गांधी को सौंपे गए पिंगली वेंकय्या के डिज़ाइन और 1947 में अशोक चक्र सहित अंतिम स्वरूप तक की यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केसरिया रंग साहस और बलिदान का, सफेद रंग सत्य और शांति का, हरा रंग समृद्धि का, और अशोक चक्र निरंतर प्रगति का प्रतीक है।
हर घर तिरंगा और जन-आंदोलन
नड्डा ने 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत चलाए गए 'हर घर तिरंगा' अभियान का उल्लेख करते हुए इसे तिरंगे को सरकारी प्रतीक से जन-आंदोलन में बदलने का ऐतिहासिक कदम बताया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा कि तब से देश भर में करोड़ों झंडे फहराए जा चुके हैं और यह यात्रा 140 करोड़ भारतीयों को देशभक्ति की दिशा में प्रेरित करती है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब देश स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों में जुटा है और राष्ट्रीय भावना चरम पर है।