जेपी नड्डा की जयपुर तिरंगा यात्रा: शहीदों को नमन, 10 रक्त संग्रहण बसों को हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 9 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जयपुर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने अमर जवान ज्योति स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक आयोजित तिरंगा यात्रा को संबोधित किया।
मुख्य घटनाक्रम
नड्डा ने सर्वप्रथम भाजपा प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से भेंट की। इसके बाद उन्होंने 10 नवीन रक्त संग्रहण एवं परिवहन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो राजस्थान में रक्त आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त पहुँचाने में सहायक होंगी।
तिरंगा यात्रा में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता मंच पर उपस्थित रहे।
तिरंगे का इतिहास और महत्व
अपने संबोधन में नड्डा ने राष्ट्रीय ध्वज के ऐतिहासिक सफर पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1906 में स्वदेशी आंदोलन के दौरान पारसी बागान स्क्वायर, कोलकाता में पहली बार राष्ट्रध्वज की भावना के साथ एक ध्वज फहराया गया था। 1921 में बेजवाड़ा (विजयवाड़ा) के कांग्रेस अधिवेशन में पिंगली वेंकैया नामक युवक ने महात्मा गांधी को तीन रंगों और चरखे वाले तिरंगे का स्वप्न दिखाया था।
नड्डा ने बताया कि 22 जुलाई 1947 को तिरंगे को भारत ने संवैधानिक रूप से आत्मसात किया और जुलाई 1947 में ही इसमें धर्म चक्र (अशोक चक्र) शामिल कर इसे अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने ध्वज के तीनों रंगों का अर्थ भी स्पष्ट किया — केसरिया साहस और बलिदान का, सफेद सत्य और शांति का, और हरा हरियाली व समृद्धि का प्रतीक है।
राष्ट्रीय सम्मान संशोधन अधिनियम पर जोर
नड्डा ने संसद में हाल ही में पारित 'प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर अमेंडमेंट एक्ट 2026' का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संशोधन के जरिए राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और सुदृढ़ किया गया है। उनके अनुसार, 1971 के मूल कानून में राष्ट्रगान, राष्ट्रध्वज और संविधान का अपमान दंडनीय था, लेकिन वंदे मातरम (राष्ट्रगीत) को उसमें शामिल नहीं किया गया था। नए संशोधन के बाद अब राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज और संविधान — चारों का अपमान दंडनीय होगा।
भारतीयकरण और आर्थिक प्रगति
नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने गिनाया कि राजपथ अब कर्तव्य पथ, नॉर्थ व साउथ ब्लॉक कर्तव्य भवन, मुगल गार्डन अमृत उद्यान और प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ बन चुके हैं। इंडिया गेट पर जॉर्ज पंचम की प्रतिमा के स्थान पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की गई है।
आर्थिक मोर्चे पर नड्डा ने कहा कि विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार भारत की GDP वृद्धि दर 2027 में 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 2028 में 7.2 प्रतिशत होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जो देश कभी 'फ्रेजाइल फाइव' में शामिल था, वह आज वैश्विक मंदी के बावजूद एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।
हर घर तिरंगा और आगे का संकल्प
नड्डा ने बताया कि 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के माध्यम से तिरंगे को जन आंदोलन बना दिया, जिससे देशभर में करोड़ों की संख्या में तिरंगे फहराए गए। उन्होंने सभी नागरिकों से तिरंगे के सम्मान को बनाए रखने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।